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Year Ender 2023: चंडीगढ़ के लिए खट्टा मीठा रहा 2023, मेट्रो परियोजना को मिली मंजूरी.. लौटी सतारा की रौनक
Sat, 30 Dec 2023 01:43 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 30 Dec 2023 01:43 PM IST
सार
2023 में जहां करीब 22 लाख रुपये की लागत के बाद चंडीगढ़ सेक्टर-17 प्लाजा का कायाकल्प हुुआ। वहीं सिटी ब्यूटीफुल समेत पंचकूला और मोहाली को मेट्रो परियोजना की मंजूरी की सौगात भी मिली। शहर ने अपने इतिहास में 48 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश देखी तो स्मार्ट सिटी ने कई पुरस्कार भी जीते।
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सेक्टर 17 प्लाजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वर्ष 2023 कई खट्टी-मीठी यादों के साथ विदा हो रहा है। नया साल 2024 उम्मीदों के साथ सामने खड़ा है। बीते वर्ष चंडीगढ़ के साथ कई उपलब्धियां जुड़ीं, कई घटनाएं चर्चित रहीं, जिन्होंने शहरवासियों के दिल-दिमाग पर अपनी छाप छोड़ी। साल को अलविदा कहने से पहले आइए उन कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं पर नजर डालते हैं और देखते हैं इस साल ने हमें क्या कुछ दिया।
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ट्राइसिटी में मेट्रो परियोजना को मंजूरी
2023 ने सिटी ब्यूटीफुल समेत पंचकूला और मोहाली को मेट्रो परियोजना की मंजूरी की सौगात दी। ट्राइसिटी में प्रस्तावित इस महत्वकांक्षी परियोजना को लेकर कई बैठकों का दौर चला। अल्टरनेटिव असेसमेंट रिपोर्ट (एएआर) को अब आगे बढ़ाकर डीपीआर का मार्ग प्रशस्त कर दिया गया है। पहले चरण में विभिन्न सर्वे रिपोर्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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परियोजना के पहले चरण में करीब 91 किमी का रूट तैयार किया जाएगा, जिस पर 70 स्टेशन होंगे। इसके तहत तीन कॉरिडोर बनाए जाएंगे। पहले कॉरिडोर में सुल्तानपुर न्यू चंडीगढ़ से सेक्टर-28 पंचकूला तक कुल 34 किमी का रूट होगा। दूसरे कॉरिडोर में सुखना लेक से आईएसबीटी जीरकपुर वाया आईएसबीटी मोहाली व चंडीगढ़ एयरपोर्ट 41.20 किमी का रूट होगा और तीसरे कारिडोर में अनाज मंडी चौक सेक्टर-39 से ट्रांसपोर्ट चौक सेक्टर-26 तक 13.30 किमी का रूट तैयार किया जाएगा।
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राइट्स की ओर से पेश रिपोर्ट में साफ किया गया है कि अंडर ग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर में तीन से चार गुणा अधिक बजट खर्च होगा। यूटी की ओर से मेट्रो के लिए फिलहाल 10500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है लेकिन इसमें प्रोजेक्ट शुरू होने पर बजट में काफी इजाफा हो सकता है।
सेक्टर-17 प्लाजा का हुआ कायाकल्प
इंजीनियरिंग विभाग ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से चंडीगढ़ सेक्टर-17 प्लाजा का कायाकल्प किया। सेक्टर-17 का प्लाजा अब शाम होते ही सफेद रोशनी से जगमगा रहा है। इंजीनियरिंग विभाग ने नीलम थियेटर के एक पिन फ्रंट पर स्ट्रीट लाइट पोल लगाने से लेकर यहां फर्श पर एक नया रंगीन मयूजिकल फाउंटेन स्थापित किया है। वहीं, इसके साथ ही पूरे शहर का नक्शा भी प्लाजा के फ्रर्श पर देखा जा सकता है। चंडीगढ़ हेरिटेज कमेटी की अनुशंसा पर प्लाजा में लोगों की सुविधा को देखते हुए 22 लाख रुपये की परियोजना से सुविधाएं जुटाईं गई।
एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक मार्ग का रास्ता हुआ प्रशस्त
मोहाली स्थित चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी कम करने के लिए इस साल वैकल्पिक मार्ग का रास्ता प्रशस्त हुआ। नया मार्ग विकास मार्ग (सेक्टर-43 आईएसबीटी से आने वाले) और पूर्व मार्ग (ट्रिब्यून चौक से आने वाले) के टी-प्वाइंट चौराहे से 200 मीटर पहले शुरू करने की योजना है। मौजूदा दौर में लोगों को जंक्शन 63 से हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए 11.5 किमी की यात्रा करनी पड़ती है। हवाई अड्डे के प्रस्तावित इस नए वैकल्पिक मार्ग से दूरी लगभग 3.5 किमी कम हो जाएगी, वहीं 25 मिनट का सफर पांच मिनट का रह जाएगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण जल्द शुरू होने वाला है।
गैर ईवी वाहनों के पंजीकरण पर लगी कैपिंग हटी
प्रशासन ने गैर ईवी वाहनों की खरीद पर गाई कैपिंग को जनहित में हटाकर लोगों को इस साल बड़ी राहत प्रदान की। इसके लिए प्रशासन ने ईवी नीति में तीन बार संशोधन किया। आखिर में वाहनों के पंजीकरण पर लगाई कैपिंग को हटा दिया गया। अब चंडीगढ़ में ग्राहक बेरोकटोक काई भी वाहन खरीद सकते हैं, लेकिन ईवी वाहनों के प्रोत्साहन के लिए पंजीकरण पर 50 प्रतिशत की छूट का एलान भी किया।
चंडीगढ़ को मिली स्टार्टअप पॉलिसी, खुली स्वरोजगार की राह
चंडीगढ़ की बहुप्रतीक्षित स्टार्टअप पॉलिसी भी इस साल जारी हुई। इससे शहर के युवाओं और खासकर महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार की राह आसान हो गई है। शहर की नई स्टार्टअप पॉलिसी में कई तरह के इंसेंटिव का प्रावधान प्रशासन द्वारा किया गया है।
इंजीनियरिंग विभाग ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से चंडीगढ़ सेक्टर-17 प्लाजा का कायाकल्प किया। सेक्टर-17 का प्लाजा अब शाम होते ही सफेद रोशनी से जगमगा रहा है। इंजीनियरिंग विभाग ने नीलम थियेटर के एक पिन फ्रंट पर स्ट्रीट लाइट पोल लगाने से लेकर यहां फर्श पर एक नया रंगीन मयूजिकल फाउंटेन स्थापित किया है। वहीं, इसके साथ ही पूरे शहर का नक्शा भी प्लाजा के फ्रर्श पर देखा जा सकता है। चंडीगढ़ हेरिटेज कमेटी की अनुशंसा पर प्लाजा में लोगों की सुविधा को देखते हुए 22 लाख रुपये की परियोजना से सुविधाएं जुटाईं गई।
एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक मार्ग का रास्ता हुआ प्रशस्त
मोहाली स्थित चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी कम करने के लिए इस साल वैकल्पिक मार्ग का रास्ता प्रशस्त हुआ। नया मार्ग विकास मार्ग (सेक्टर-43 आईएसबीटी से आने वाले) और पूर्व मार्ग (ट्रिब्यून चौक से आने वाले) के टी-प्वाइंट चौराहे से 200 मीटर पहले शुरू करने की योजना है। मौजूदा दौर में लोगों को जंक्शन 63 से हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए 11.5 किमी की यात्रा करनी पड़ती है। हवाई अड्डे के प्रस्तावित इस नए वैकल्पिक मार्ग से दूरी लगभग 3.5 किमी कम हो जाएगी, वहीं 25 मिनट का सफर पांच मिनट का रह जाएगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण जल्द शुरू होने वाला है।
गैर ईवी वाहनों के पंजीकरण पर लगी कैपिंग हटी
प्रशासन ने गैर ईवी वाहनों की खरीद पर गाई कैपिंग को जनहित में हटाकर लोगों को इस साल बड़ी राहत प्रदान की। इसके लिए प्रशासन ने ईवी नीति में तीन बार संशोधन किया। आखिर में वाहनों के पंजीकरण पर लगाई कैपिंग को हटा दिया गया। अब चंडीगढ़ में ग्राहक बेरोकटोक काई भी वाहन खरीद सकते हैं, लेकिन ईवी वाहनों के प्रोत्साहन के लिए पंजीकरण पर 50 प्रतिशत की छूट का एलान भी किया।
चंडीगढ़ को मिली स्टार्टअप पॉलिसी, खुली स्वरोजगार की राह
चंडीगढ़ की बहुप्रतीक्षित स्टार्टअप पॉलिसी भी इस साल जारी हुई। इससे शहर के युवाओं और खासकर महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार की राह आसान हो गई है। शहर की नई स्टार्टअप पॉलिसी में कई तरह के इंसेंटिव का प्रावधान प्रशासन द्वारा किया गया है।
शहर ने देखी 48 घंटे में इतिहास की सबसे ज्यादा बारिश
नौ और दस जुलाई को शहर ने 48 घंटे में चंडीगढ़ के इतिहास की सबसे ज्यादा बारिश देखी थी। पूरा शहर पानी-पानी हो गया था। शहर में सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए थे और कई सीवर जमीन में धंस गए थे। लोगों के घरों में भी पानी घुस गया था। इतिहास में यह भी पहली बार हुआ कि सुखना लेक का पानी लेक के सैर करने वाले ट्रैक तक पहुंच गया था। भारी बारिश की वजह से दो फ्लड गेट खोलने पड़े। फिर भी लेक में पानी कम नहीं हुआ और 1163 फीट के करीब पानी बना रहा। चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच आने जाने वाले पांच में से चार रास्ते बंद हो गए थे। सिर्फ मध्य मार्ग ही एक रास्ता बच गया था। जो रास्ते उस समय बंद हुए थे, उसमें से एक इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित गोशाला के पास का पुल का रास्ता अभी तक नहीं खुल पाया है।
दोपहिया वाहनों की फ्री पार्किंग का वादा नहीं हुआ पूरा
मेयर अनूप गुप्ता ने दिवाली के दिन घोषणा की थी कि एक दिसंबर से शहर के सभी पार्किंग स्थलों में दोपहिया वाहन चालकों को पैसे नहीं खर्च करने होंगे। इसकी खूब चर्चा हुई लेकिन वह वादा नहीं पूरा कर पाए। नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी मेयर की घोषणा से खुश नहीं थे इसलिए पार्किंग फ्री नहीं हुई। इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी मेयर को घेरा। मेयर पर सदन की बैठकों में आम आदमी पार्टी के पार्षदों को सबसे ज्यादा बार निलंबित करने का भी आरोप लगा। पार्षदों ने कई बार सवाल उठाया कि अनूप गुप्ता सदन की बैठकों को समय पर बुलाने में असफल रहे।
स्मार्ट सिटी ने नाम किए कई पुरस्कार
इस वर्ष स्मार्ट सिटी ने कई राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए। इंदौर में आयोजित स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ यूटी, सर्वश्रेष्ठ ई गवर्नेंस प्रोजेक्ट, सर्वश्रेष्ठ मोबिलिटी प्रोजेक्ट और तीसरे सर्वश्रेष्ठ स्वच्छता प्रोजेक्ट से भी सम्मानित किया। अपशिष्ट प्रबंधन में अच्छे बदलाव लाने के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी द्वारा स्वच्छता श्रेणी में तीसरा स्थान पर दिया। इसके अलावा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड को क्रेस्ट के सहयोग से सौर स्थापना के लिए केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में शहर को अर्बन लर्नथॉन 2023 में पहला पुरस्कार भी मिला। इस वर्ष नगर निगम ने छह एसटीपी अपग्रेड किए और डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड को हटाने के काम ने भी रफ्तार पकड़ी।
नौ और दस जुलाई को शहर ने 48 घंटे में चंडीगढ़ के इतिहास की सबसे ज्यादा बारिश देखी थी। पूरा शहर पानी-पानी हो गया था। शहर में सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए थे और कई सीवर जमीन में धंस गए थे। लोगों के घरों में भी पानी घुस गया था। इतिहास में यह भी पहली बार हुआ कि सुखना लेक का पानी लेक के सैर करने वाले ट्रैक तक पहुंच गया था। भारी बारिश की वजह से दो फ्लड गेट खोलने पड़े। फिर भी लेक में पानी कम नहीं हुआ और 1163 फीट के करीब पानी बना रहा। चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच आने जाने वाले पांच में से चार रास्ते बंद हो गए थे। सिर्फ मध्य मार्ग ही एक रास्ता बच गया था। जो रास्ते उस समय बंद हुए थे, उसमें से एक इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित गोशाला के पास का पुल का रास्ता अभी तक नहीं खुल पाया है।
दोपहिया वाहनों की फ्री पार्किंग का वादा नहीं हुआ पूरा
मेयर अनूप गुप्ता ने दिवाली के दिन घोषणा की थी कि एक दिसंबर से शहर के सभी पार्किंग स्थलों में दोपहिया वाहन चालकों को पैसे नहीं खर्च करने होंगे। इसकी खूब चर्चा हुई लेकिन वह वादा नहीं पूरा कर पाए। नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी मेयर की घोषणा से खुश नहीं थे इसलिए पार्किंग फ्री नहीं हुई। इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी मेयर को घेरा। मेयर पर सदन की बैठकों में आम आदमी पार्टी के पार्षदों को सबसे ज्यादा बार निलंबित करने का भी आरोप लगा। पार्षदों ने कई बार सवाल उठाया कि अनूप गुप्ता सदन की बैठकों को समय पर बुलाने में असफल रहे।
स्मार्ट सिटी ने नाम किए कई पुरस्कार
इस वर्ष स्मार्ट सिटी ने कई राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए। इंदौर में आयोजित स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ यूटी, सर्वश्रेष्ठ ई गवर्नेंस प्रोजेक्ट, सर्वश्रेष्ठ मोबिलिटी प्रोजेक्ट और तीसरे सर्वश्रेष्ठ स्वच्छता प्रोजेक्ट से भी सम्मानित किया। अपशिष्ट प्रबंधन में अच्छे बदलाव लाने के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी द्वारा स्वच्छता श्रेणी में तीसरा स्थान पर दिया। इसके अलावा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड को क्रेस्ट के सहयोग से सौर स्थापना के लिए केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में शहर को अर्बन लर्नथॉन 2023 में पहला पुरस्कार भी मिला। इस वर्ष नगर निगम ने छह एसटीपी अपग्रेड किए और डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड को हटाने के काम ने भी रफ्तार पकड़ी।
चंडीगढ़ को मिला दूसरा एमबीबीएस कॉलेज, पीजीआई में लगी थी सबसे बड़ी
स्वास्थ्य के क्षेत्र में 2023 कई मायनों में चंडीगढ़ के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस वर्ष जहां शहर के युवाओं को एक अन्य मेडिकल कॉलेज के रूप में पीजीआई जैसा बेहतर विकल्प मिला। वहीं पीजीआई के नेहरू अस्पताल में 9 अक्तूबर की रात 12 बजे अब तक कि सबसे बड़ी आग लगी थी। इसमें पीजीआई के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर 424 मरीज को रेस्क्यू किया था। इनमें 351 वयस्क, 34 आईसीयू के मरीज, 80 गर्भवती महिलाएं, 56 नवजात और 17 बच्चे शामिल थे। तकनीक के साथ मिलकर पीजीआई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करके कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज को बेहद आसान बनाने में कदम बढ़ाया। उपलब्धियों के बीच पीजीआई ने किडनी प्रत्यारोपण के 75 वर्ष पूरे किए।
जीएमसीएच-32 में खुला देश का पहला मिलेट्स क्लीनिक
मिलेट्स वर्ष के अंतर्गत देश के पहले सरकारी अस्पताल के रूप में जीएमसीएच-32 में पहले मिलेट्स क्लीनिक की स्थापना की गई। इन सब के बीच प्रशासनिक फेर बदल भी हुए हैं। इसमें पूर्व स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग का कार्यकाल पूरा होने पर अजय चगती ने जिम्मेदारी संभाली जबकि पीजीआई के डीडीए का कार्यकाल पूरा होने पर हिमाचल के आईएएस अधिकारी पंकज राय डीडीए बनाए गए।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में 2023 कई मायनों में चंडीगढ़ के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस वर्ष जहां शहर के युवाओं को एक अन्य मेडिकल कॉलेज के रूप में पीजीआई जैसा बेहतर विकल्प मिला। वहीं पीजीआई के नेहरू अस्पताल में 9 अक्तूबर की रात 12 बजे अब तक कि सबसे बड़ी आग लगी थी। इसमें पीजीआई के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर 424 मरीज को रेस्क्यू किया था। इनमें 351 वयस्क, 34 आईसीयू के मरीज, 80 गर्भवती महिलाएं, 56 नवजात और 17 बच्चे शामिल थे। तकनीक के साथ मिलकर पीजीआई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करके कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज को बेहद आसान बनाने में कदम बढ़ाया। उपलब्धियों के बीच पीजीआई ने किडनी प्रत्यारोपण के 75 वर्ष पूरे किए।
जीएमसीएच-32 में खुला देश का पहला मिलेट्स क्लीनिक
मिलेट्स वर्ष के अंतर्गत देश के पहले सरकारी अस्पताल के रूप में जीएमसीएच-32 में पहले मिलेट्स क्लीनिक की स्थापना की गई। इन सब के बीच प्रशासनिक फेर बदल भी हुए हैं। इसमें पूर्व स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग का कार्यकाल पूरा होने पर अजय चगती ने जिम्मेदारी संभाली जबकि पीजीआई के डीडीए का कार्यकाल पूरा होने पर हिमाचल के आईएएस अधिकारी पंकज राय डीडीए बनाए गए।
चंडीगढ़ को 40 साल बाद मिली खेल पॉलिसी
चंडीगढ़ के खिलाड़ियों को लगभग 40 वर्षों के इंतजार के बाद इस वर्ष अपनी खेल पॉलिसी मिल गई। नई नीति के तहत ओलंपिक/पैरालंपिक खेलों के स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 6 करोड़, 4 करोड़ और 2.5 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, अन्य टूर्नामेंटों में शहर और देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न श्रेणियों में नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। नई खेल नीति में दिव्यांग खिलाड़ियों 50 लाख रुपये का फंड भी रखा गया है। खेल कोटे से खिलाड़ियों को नौकरी और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के कोचों को मिलेगा नकद इनाम का भी प्रावधान है।
एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए बना सिंथेटिक ट्रैक
इस वर्ष शहर के एथलेटिक्स खिलाड़ियों को सेक्टर-7 के स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में पहला 8 लाइन वाला सिंथेटिक ट्रैक नया मिला। 6 करोड़ की लागत से बना यह सिंथेटिक ट्रैक ऑल वेदर है, जिस पर किसी भी मौसम में ट्रेनिंग की जा सकती है। फ्लड लाइट्स भी लगाई गईं हैं, जिससे रात में अभ्यास किया जा सकेगा। कई सालों से एथलेटिक्स के खिलाड़ी एक सिंथेटिक ट्रैक की मांग करते आ रहे थे। ट्रैक बनने से पद्मश्री मिल्खा सिंह का सपना हकीकत में बदला।
शहर की महिला क्रिकेटर काशवी बनीं सबसे महंगी खिलाड़ी
इस वर्ष महिला इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए लगी खिलाड़ियों की बोली में शहर कर महिला क्रिकेटर काशवी गौतम को सबसे अधिक दो करोड़ रुपये मिले। काशवी को गुजरात जाएंट्स ने सबसे बड़ी राशि की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। इस बोली में वह लीग की सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं।
चंडीगढ़ की झोली में आए द्रोणाचार्य व अर्जुन अवार्ड
इस वर्ष शहर की झोली में दो राष्ट्रीय खेल पुरस्कार आए। स्क्वैश खिलाड़ी हरिंदर पाल संधू को अर्जुन अवार्ड मिला तो गोल्फ में कोचिंग के लिए जसकीरत सिंह ग्रेवाल को द्रोणाचार्य अवार्ड से नवाजा गया।
चंडीगढ़ के खिलाड़ियों को लगभग 40 वर्षों के इंतजार के बाद इस वर्ष अपनी खेल पॉलिसी मिल गई। नई नीति के तहत ओलंपिक/पैरालंपिक खेलों के स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 6 करोड़, 4 करोड़ और 2.5 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, अन्य टूर्नामेंटों में शहर और देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न श्रेणियों में नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। नई खेल नीति में दिव्यांग खिलाड़ियों 50 लाख रुपये का फंड भी रखा गया है। खेल कोटे से खिलाड़ियों को नौकरी और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के कोचों को मिलेगा नकद इनाम का भी प्रावधान है।
एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए बना सिंथेटिक ट्रैक
इस वर्ष शहर के एथलेटिक्स खिलाड़ियों को सेक्टर-7 के स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में पहला 8 लाइन वाला सिंथेटिक ट्रैक नया मिला। 6 करोड़ की लागत से बना यह सिंथेटिक ट्रैक ऑल वेदर है, जिस पर किसी भी मौसम में ट्रेनिंग की जा सकती है। फ्लड लाइट्स भी लगाई गईं हैं, जिससे रात में अभ्यास किया जा सकेगा। कई सालों से एथलेटिक्स के खिलाड़ी एक सिंथेटिक ट्रैक की मांग करते आ रहे थे। ट्रैक बनने से पद्मश्री मिल्खा सिंह का सपना हकीकत में बदला।
शहर की महिला क्रिकेटर काशवी बनीं सबसे महंगी खिलाड़ी
इस वर्ष महिला इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए लगी खिलाड़ियों की बोली में शहर कर महिला क्रिकेटर काशवी गौतम को सबसे अधिक दो करोड़ रुपये मिले। काशवी को गुजरात जाएंट्स ने सबसे बड़ी राशि की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। इस बोली में वह लीग की सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं।
चंडीगढ़ की झोली में आए द्रोणाचार्य व अर्जुन अवार्ड
इस वर्ष शहर की झोली में दो राष्ट्रीय खेल पुरस्कार आए। स्क्वैश खिलाड़ी हरिंदर पाल संधू को अर्जुन अवार्ड मिला तो गोल्फ में कोचिंग के लिए जसकीरत सिंह ग्रेवाल को द्रोणाचार्य अवार्ड से नवाजा गया।