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खुलासा: राम रहीम को जेल छोड़ने के बाद डेरे में पहुंची थी हनीप्रीत, 2 दिन रही
शनि शर्मा/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 14 Sep 2017 09:19 AM IST
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Honeypreet Insan
- फोटो : File Photo
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हरियाणा सरकार और पुलिस के लिए सिरदर्द बनी डेरामुखी की गोद ली बेटी हनीप्रीत गुरमीत राम रहीम को रोहतक जेल में छोड़कर दो दिन तक सिरसा डेरे में थी। लेकिन उस दौरान इसके बारे में न तो सिरसा प्रशासन को भनक लगी, न पुलिस को। बताया जा रहा है कि इस बीच डेरे में सबूतों को नष्ट किया गया। हैरत की बात है कि जब हनीप्रीत को पूछताछ के लिए तलाशना शुरू किया तो वह पुलिस, खुफिया विभाग को चकमा देकर डेेरे से फरार हो गई।
दरअसल, 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया था। सुनवाई के दौरान डेरामुखी के साथ हनीप्रीत भी थी। डेरा प्रमुख को दोषी करार देने के बाद गनमैन उसे कोर्ट से भगाकर ले जाना चाहते थे। पुलिस को शक है कि इस साजिश में हनीप्रीत भी शामिल थी। इस मामले की जांच के लिए पुलिस उससे पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया।
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दरअसल, 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया था। सुनवाई के दौरान डेरामुखी के साथ हनीप्रीत भी थी। डेरा प्रमुख को दोषी करार देने के बाद गनमैन उसे कोर्ट से भगाकर ले जाना चाहते थे। पुलिस को शक है कि इस साजिश में हनीप्रीत भी शामिल थी। इस मामले की जांच के लिए पुलिस उससे पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया।
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आईपीएस अधिकारी ने किया खुलासा
Honeypreet Insan
- फोटो : File Photo
आईपीएस अधिकारी ने किया खुलासा
एक आईपीएस अधिकारी ने बताया कि पंचकूला कोर्ट से डेरामुखी को हेलीकॉप्टर से रोहतक सुनारिया जेल लाया गया था। हनीप्रीत भी उसके साथ आई थी। डेरामुखी के जेल में जाने के बाद वह अपने तीन साथियों के साथ कार में बैठकर चली गई। वह पहले रोहतक में करीब दो घंटे तक एक डेरा प्रेमी के घर रुकी। इसके बाद वह सिरसा स्थित डेरे में पहुंची। डेरे में हनीप्रीत दो दिन तक रही।
जेल मैन्युअल के कारण पूरा नहीं हुआ डेरामुखी का सपना
राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद उसके वकील ने कोर्ट में गुहार लगाई थी कि हनीप्रीत को जेल में उसके साथ रहने दिया जाए। इसका कारण बताया था कि डेरामुखी की दवाओं के बारे में हनीप्रीत को पता है। इस पर कोर्ट ने कहा था कि यदि जेल मैन्युअल इस तरह की अनुमति देता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। जब हनीप्रीत सुनारिया जेल पहुंची तो जेल प्रशासन ने मैन्युअल में ऐसी किसी भी व्यवस्था होने से इनकार कर दिया था।
एक आईपीएस अधिकारी ने बताया कि पंचकूला कोर्ट से डेरामुखी को हेलीकॉप्टर से रोहतक सुनारिया जेल लाया गया था। हनीप्रीत भी उसके साथ आई थी। डेरामुखी के जेल में जाने के बाद वह अपने तीन साथियों के साथ कार में बैठकर चली गई। वह पहले रोहतक में करीब दो घंटे तक एक डेरा प्रेमी के घर रुकी। इसके बाद वह सिरसा स्थित डेरे में पहुंची। डेरे में हनीप्रीत दो दिन तक रही।
जेल मैन्युअल के कारण पूरा नहीं हुआ डेरामुखी का सपना
राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद उसके वकील ने कोर्ट में गुहार लगाई थी कि हनीप्रीत को जेल में उसके साथ रहने दिया जाए। इसका कारण बताया था कि डेरामुखी की दवाओं के बारे में हनीप्रीत को पता है। इस पर कोर्ट ने कहा था कि यदि जेल मैन्युअल इस तरह की अनुमति देता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। जब हनीप्रीत सुनारिया जेल पहुंची तो जेल प्रशासन ने मैन्युअल में ऐसी किसी भी व्यवस्था होने से इनकार कर दिया था।