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Haryana: रिश्वत मामले में खुलासा, आईएएस दहिया और महिला के बीच हुई थी Whatsapp चैट, बिलों के बारे में की थी बात
Sun, 23 Apr 2023 11:49 AM IST
निवेदिता वर्मा
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 23 Apr 2023 11:49 AM IST
सार
एफआईआर के अनुसार, इन व्हाट्सएप चैट में आईएएस की ओर से पेमेंट और फाइलें क्लीयर कर दी हैं, का जिक्र किया गया है। ऐसे में अब आईएएस की मुश्किलें बढ़ने की संभावनाएं हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो अब महिला और आईएएस को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी कर रहा है।
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व्हाट्सएप चैट वायरल।
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
हरियाणा कौशल विकास विभाग में लाखों रुपये के रिश्वत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। 3 लाख रुपये रिश्वत लेती पकड़ी गई महिला पूनम चोपड़ा और विभाग के आयुक्त आईएएस विजय दहिया के बीच फाइलों और बिलों को लेकर व्हाट्सएप चैट हुई थी। महिला ने यह व्हाट्सएप चैट रिंकू मनचंदा को विश्वास दिलाने के लिए उनके मोबाइल पर भेजी थी। एफआईआर के अनुसार, इन व्हाट्सएप चैट में आईएएस की ओर से पेमेंट और फाइलें क्लीयर कर दी हैं, का जिक्र किया गया है। ऐसे में अब आईएएस की मुश्किलें बढ़ने की संभावनाएं हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो अब महिला और आईएएस को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी कर रहा है।
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एफआईआर के अनुसार, सीएसओ दीपक शर्मा ने महिला पूनम चोपड़ा का नाम सुझाया था और कहा था कि वह आईएएस विजय दहिया की निजी जानकार है। शिकायतकर्ता रिंकू मनचंदा ने महिला से बिल पास कराने की बात की थी। इस पर महिला ने कहा था कि वह आईएएस से बात करके बताएगी। कुछ देर बात महिला ने मनचंदा को बताया कि उनकी आईएएस विजय दहिया से बात हो गई है और बिलों के भुगतान के लिए पांच लाख रुपये लगेंगे।
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महिला ने कहा कि उसका केवल पांच प्रतिशत हिस्सा
महिला ने रिंकू मनचंदा को कहा था कि पांच लाख रुपये में से केवल उसका पांच प्रतिशत हिस्सा है। अब एसीबी की टीम इसकी तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि आखिरकार 4 लाख 75 हजार रुपये किस-किस अधिकारी और कर्मचारी को मिलने थे। एसीबी की टीम कौशल विभाग की अकाउंट ब्रांच से लेकर बिल पास होने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रहा है और देखा जा रहा है कि इस मामले में और किस किस की भूमिका शामिल है।
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पैसे के लिए तीन साल से अटका रखी थी 50 लाख की राशि
हरियाणा कौशल विकास मिशन के अंतर्गत फतेहाबाद निवासी रिंकू मनचंदा पिछले 10 साल से ग्रामीण शिक्षा के नाम से शिक्षण संस्थान चलाता है। साथ ही मिशन के ट्रेनिंग पार्टनर के तहत वह गरीब बच्चों को कंप्यूटर, एसी टेक्निशियन, ब्यूटी पार्लर आदि का प्रशिक्षण दिलाता है। पिछले तीन साल से उसकी कौशल विभाग के पास करीब 50 लाख रुपये की पेमेंट अटकी हुई थी।