चंडीगढ़: देशभर में रही कोठी प्रकरण की चर्चा, सलाखें तोड़ भागा साइकिल चोर, फायरिंग की घटनाओं से दहला शहर
सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी हड़पने का मामला साल के सबसे चर्चित मामलों में रहा। दो मार्च को 9 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अपहरण जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर यूटी पुलिस ने सबसे पहले पत्रकार संजीव महाजन को इस मामले में गिरफ्तार किया तो मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया।
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विस्तार
थाने की सलाखें तोड़ने के मामले के लिए साल 2021 चंडीगढ़ में हमेशा याद किया जाएगा। शहर के इतिहास में यह पहला मौका था, जब 6/7 दिसंबर की रात एक साइकिल चोर दो सलाखें तोड़कर थाने से फरार हो गया। इस मामले के अलावा 2021 में जहां कुछ सनसनीखेज हत्याएं हुईं, वहीं फायरिंग की घटनाओं ने शहर को हिलाकर रख दिया था। लूट की बड़ी घटनाओं को पुलिस ने चंद दिनों में सुलझा लिया। ट्रैफिक की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले साल 2021 में सड़क हादसों में मौत के आंकड़े दोगुने हो गए।
साइकिल चोर हवालात की सलाखें तोड़कर फरार
बलौंगी निवासी 27 वर्षीय दिवेश शर्मा को सेक्टर-39 पुलिस ने कथित तौर पर साइकिल चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर उससे पांच दिसंबर को 13 महंगी साइकिलें बरामद की थीं। पुलिस ने छह दिसंबर को उसका एक दिन का रिमांड हासिल कर सेक्टर-39 थाने की हवालात में रखा था। थाने के मुंशी एएसआई बीरमती ने रात करीब एक बजे देखा कि दो सलाखें टूटी और मुड़ी हुई हैं और दिवेश हवालात में नहीं है। रात करीब 1.25 बजे उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। चार दिन बाद पुलिस ने दिवेश शर्मा को सेक्टर 55/56 की डिवाइडिंग रोड से गिरफ्तार कर बुडै़ल जेल भेज दिया। पुलिस विभाग ने उसके भागने का कारण बताया था कि जंग लगने से सलाखें कमजोर हो गई थीं, जिन्हें आरोपी ने बिना किसी उपकरण का उपयोग किए तोड़ दिया।
सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी हड़पने में पत्रकार समेत कई पकड़े गए, सुर्खियों में रहा मामला
सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी हड़पने का मामला साल के सबसे चर्चित मामलों में रहा। दो मार्च को 9 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अपहरण जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर यूटी पुलिस ने सबसे पहले पत्रकार संजीव महाजन को इस मामले में गिरफ्तार किया तो मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया। मामले में पुलिस ने संजीव महाजन के अलावा शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, यूटी पुलिस डीएसपी के भाई सतपाल डागर, सौरभ गुप्ता और मनीष गुप्ता समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर सेक्टर-37 की करोड़ों की कोठी के इकलौते मालिक राहुल मेहता का अपहरण कर उसे गुजरात के एक आश्रम में रखवा दिया और उससे जबरदस्ती संपत्ति के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद किसी और को राहुल मेहता बनाकर उसकी संपत्ति अन्य व्यक्ति को बेच दी। प्राथमिकी जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मेहता को कुछ दिनों के लिए एक कमरे में बंद कर दिया और उसे ‘प्रताड़ित’ किया।
चलती वैन से गायब हुए 39 लाख, सब थे हैरान
10 अक्तूबर को सेक्टर 47 में सीएमएस कंपनी के दफ्तर से निकली कैश वैन से 39 लाख रुपये से भरा लोहे का ट्रंक गायब हो गया था। खास बात यह थी कि वैन बीच में कहीं नहीं रुकी। कैश वैन में दो कर्मचारियों के अलावा सुरक्षाकर्मी और चालक मौजूद थे। सबसे पहले वह सेक्टर-37 स्थित एक एटीएम गए और फिर सेक्टर-38 वेस्ट स्थित एसबीआई के एटीएम पहुंचे। यहां से नयागांव में श्मशान घाट स्थित एसबीआई के एटीएम पर पहुंचे तो ट्रंक गायब मिला। इस घटना के दो दिन बाद वैन चालक ने आत्महत्या कर ली थी। मामला कई दिनों तक सुर्खियों में रहा। पुलिस ने जब गहनता से पड़ताल की तो तमिलनाडु का एक गिरोह हत्थे चढ़ा। ये गिरोह देशभर में इस तरह की वारदातें करता था। गिरोह के पांच से छह लोग वैन की रेकी करते थे और मौका पाकर ट्रंक उड़ा लेते थे। सेक्टर 31 थाना पुलिस ने 25 अक्तूबर को तमिलनाडु से इस गिरोह के एक शातिर सत्यासीलन को गिरफ्तार कर लिया है और चार लाख रुपये बरामद किए हैं। पांच से छह आरोपी अभी फरार हैं।
पीयू में प्रोफेसर की पत्नी की हत्या का मामला रहा सुर्खियों में
पीयू के प्रोफेसर बीबी गोयल की पत्नी सीमा गोयल की हत्या की गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है। सीमा की हत्या उनके ही घर में हाथ-पैर बांधकर की गई थी। उनके सिर पर चोट के निशान भी थे। चार नवंबर की सुबह पीयू परिसर में हत्या का खुलासा हुआ था। बीबी गोयल ने कहा कि किसी ने बाहर से दरवाजों की जालियां काटीं और कुंडी खोलकर उनकी पत्नी की हत्या कर दी लेकिन सीएफएसएल जांच में खुलासा हुआ कि जालियां अंदर से ही कटी हैं। अब पुलिस बीबी गोयल का नारको टेस्ट करवाएगी।
कार डीलर ने दोस्त की बीच सड़क गोली मारकर की हत्या
13 नवंबर को गांव दरिया के रेलवे लाइट प्वाइंट के पास कार डीलर मोंटी ने अपने दोस्त जसप्रीत की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाव वह औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान उसने कहा कि अगर वह जसप्रीत को नहीं मारता तो वह उसकी हत्या कर देता। दोनों के बीच पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। जसप्रीत ने मोंटी को पैसे दे रखे थे, जिनसे वो पुरानी कारों की बिक्री और खरीद का काम करता था। जसप्रीत के भाई कुलविंदर का कहना था कि मोंटी को करीब 30 लाख रुपये लौटाने थे। यह वारदात भी सुर्खियों में रही।
दो हजार रुपये के लिए दोस्त ने चाकू घोंपकर की हत्या
14 नवंबर को सेक्टर-32 में दो हजार रुपये के लिए 18 वर्षीय युवक की उसके दोस्त ने ही चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान सेक्टर-32 निवासी निखिल के रूप में हुई। इस पूरी वारदात का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी युवक अभि अपने दोस्त को चाकू मारते हुए दिखा था। निखिल ने आरोपी अभि को बाइक बेची थी और उसी का दो हजार रुपये बकाया था। इसी बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से दोनों का झगड़ा चल रहा था।
होमगार्ड कर्मी को मारी थी गोली, नहीं सुलझा मामला
23 नवंबर को औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में पुलिस टीम एक लुटेरे को पकड़ने गई थी। पुलिस टीम में शामिल होमगार्ड प्रकाश सिंह नेगी को एक युवक ने गोली मार दी। गोली होमगार्ड के पेट में लगी और वह खून से लथपथ होकर आम के बाग में गिर पड़े। पुलिस ने घायल होमगार्ड को जीएमसीएच-32 पहुंचाया। शूटर अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
मॉब क्लब के बाहर चली थी गोली
31 अक्तूबर को सेक्टर-26 स्थित मॉब क्लब के बाहर पार्किंग में कार पर पैर रखकर जूते का फीता बांधना एक युवक को भारी पड़ गया। गुस्साए कार ने चालक ने अंबाला निवासी युवक सिमरन को गोली मार दी। गनीमत रही कि गोली उसकी टांग को छूते हुए निकल गई। पुलिस ने उसे जीएमसीएच-32 में भर्ती कराया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने फिरोजपुर निवासी चार युवकों पर केस दर्ज किया। अब तक एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, बाकी फरार हैं।
सीबीआई ने सिप्पी के हत्यारे पर 5 से 10 लाख किया इनाम
राष्ट्रीय शूटर और वकील सिप्पी सिद्धू की हत्या की सनसनीखेज घटना के छह साल बाद भी गुत्थी अनसुलझी है। मामला फिर से तब सामने आया जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 9 दिसंबर को हत्यारों पर नकद इनाम पांख लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया। सीबीआई ने सितंबर 2016 में हत्यारों के बारे में सुराग देने वाले को 5 लाख रुपये देने की घोषण की थी।
छह वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हुई थी हत्या, नाबालिग ने की थी वारदात
छह मार्च को पुलिस ने छह साल की बच्ची के अपहरण और हत्या में 12 वर्षीय नाबालिग को गिरफ्तार किया था। हल्लोमाजरा में श्मशान घाट के पीछे वन क्षेत्र में बच्ची की बेरहमी से हत्या की गई थी। बच्ची अर्धनग्न अवस्था में मिली थी। पुलिस ने कहा कि हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि भी हुई। लड़की के चेहरे को पत्थर मारकर पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। घटना से गुस्साए लोगों ने चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। तीन घंटे से अधिक समय तक सैकड़ों यात्री जाम में फंसे रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर के लगभग सभी एसएचओ और सैकड़ों पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को भी गिरफ्तार भी किया। यह मामला भी सुर्खियों में रहा।
तीन से बढ़ाकर किए गए पांच डिवीजन
बेहतर पुलिसिंग और अपराध रोकने के लिए इस वर्ष चंडीगढ़ पुलिस विभाग में पांच डिवीजन बनाई गईं। चंडीगढ़ में सब-डिवीजन (मध्य), सब-डिवीजन (पूर्व) और सब-डिवीजन (दक्षिण) के अलावा दो नई डिवीजन दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व बनाई गई हैं। गृह सचिव नितिन कुमार यादव ने 17 नवंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया था। यूटी पुलिस विभाग ने नवंबर 2020 में तीन से पांच डिवीजन बनाने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा था। आदेश से पहले पूर्व और दक्षिण डिवीजनों में प्रत्येक में छह-छह पुलिस थाने थे। वहीं, मध्य डिवीजन में चार थाने थे। प्रत्येक डिवीजन में डीएसपी को प्रभारी बनाया जाता है। जनसंख्या वृद्धि के कारण एक डीएसपी के लिए छह थाने अधिक थे। इसे देखते हुए विभाग ने दोनों डिवीजनों को विभाजित कर नई डिवीजन बनाईं।
डीजीपी प्रवीर रंजन ने 19 अगस्त को पदभार संभाला
1993 बैच (एजीएमयूटी कैडर) के आईपीएस अधिकारी प्रवीर रंजन ने 19 अगस्त 2021 को डीजीपी यूटी का पदभार संभाला। पूर्व डीजीपी संजय बेनीवाल 2018 में चंडीगढ़ पुलिस में शामिल हुए थे। नए डीजीपी प्रवीर रंजन ने पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से साइबर अपराध, एनडीपीएस मामलों का पता लगाने या नियंत्रित करने के लिए नई तकनीकों के लिए प्रोत्साहित किया। डीजीपी ने यातायात पुलिस अधिकारियों को अपने कर्तव्यों को और अधिक परिश्रम से करने और आधुनिक तकनीकों की मदद से जनता की सुविधा के लिए शहर में यातायात संबंधी समस्या को हल करने का भी आह्वान किया।
जिला अपराध प्रकोष्ठ का हुआ गठन, एसएसपी हैं प्रमुख
बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर लगाम के लिए डीजीपी प्रवीर रंजन ने इस वर्ष जिला अपराध प्रकोष्ठ का गठन किया। यह प्रकोष्ठ सीधा एसएसपी कुलदीप चहल को रिपोर्ट करता है, जबकि अपराध शाखा एसपी मुख्यालय/अपराध मनोज मीणा को रिपोर्ट करता है। 17 नवंबर को निरीक्षक नरेंद्र पटियाल को इस प्रकोष्ठ के प्रभारी बनाया गया।
सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या हुई दोगुनी
2021 में सड़क हादसों का ग्राफ काफी बढ़ गया। 2020 में 143 हादसों में जहां 46 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2021 में 185 हादसों में 87 लोगों ने अपनी जान गंवाई। शहर के पूर्वी इलाके में हुए हादसों में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। साल 2020 में पूर्वी इलाके में 18 लोगों की जान गई जबकि 2021 में 36 लोगों की मौत हुई। 2021 में 84 ऐसे घातक हादसे हुए, जिसमें 86 लोगों की मौत हुई। इनमें से ज्यादातर हादसों का मुख्य कारण रैश ड्राइविंग और ओवर स्पीड रहा। वहीं बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चलाने से ज्यादातर मौतें हुईं।
साल 2021 में सड़क हादसों में 70 पुरुष और 16 महिलाओं की हुई मौत
पैदल 22
साइकिल सवार 14
रेहड़ी चालक 1
दो पहिया वाहन सवार 37
चार पहिया वाहन 6
ऑटो रिक्शा 6