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भाजपा के कई नेताओं को ले डूबेगी जेटली की हार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 17 May 2014 10:18 PM IST
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अमृतसर में भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेटली की हार के कारण प्रदेश भाजपा में उठापटक का दौर शुरू होने जा रहा है।
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कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा में काफी फेरबदल किया जा सकता है और इसकी आंच जालंधर में भाजपा की सत्ता का केंद्र बिंदु बने विधायकों पर गिरने की संभावना बन गई है। प्रदेश हाईकमान इसको लेकर काफी चिंतित है।
अरुण जेटली के लोकसभा चुनाव में अमृतसर में भाजपा विधायक अनिल जोशी, प्रदेश के महासचिव तरुण चुघ के विधानसभा हलके व सीपीएस नवजोत कौर सिद्धू के हलकों में भाजपा बुरी तरह से पिटी है।
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इसी तरह से जालंधर के तीन भाजपा विधायकों केडी भंडारी, विधायक दल के नेता वन मंत्री भगत चुन्नी लाल, भाजपा प्रवक्ता मनोरंजन कालिया के हलकों में भाजपा की हालत काफी पतली हुई है।
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जालंधर में भाजपा के तीन क्षेत्रों में 50 हजार 359 वोटों से कांग्रेस ने लीड ली है। भाजपा के मंत्री चुन्नी लाल के हलके में तो 21 हजार 600 वोट कम पड़े हैं।
पंजाब भाजपा पर इन दिनों प्रधान कमल शर्मा, स्थानीय निकायमंत्री अनिल जोशी और केडी भंडारी की लॉबी का कब्जा है। तीनों की जोड़ी ही पंजाब में इन दिनों पूरी पॉलिसी से लेकर रणनीति बनाकर चल रही है।
पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा की लॉबी पूरी तरह से भाजपा में हाशिये पर चल रही है। इस बार जहां जालंधर, अमृतसर से भाजपा नेताओं की हालत पतली हुई है वहीं पठानकोट से भाजपा-शिअद को 54.5 प्रतिशत सबसे अधिक मत प्रदेश से मिले हैं। इन्हीं वोटों के कारण गुरदासपुर में विनोद खन्ना सांसद बने हैं। ऐसे में अश्वनी शर्मा एक दमदार नेता के रूप में फिर से उभरकर सामने आए हैं।
प्रदेश स्तरीय सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में भाजपा में काफी फेरबदल की तैयारी चल रही है। भाजपा में 2012 के विधानसभा चुनाव में सरकार रिपीट होने के बाद पंजाब में भगत चुन्नी लाल को निकायमंत्री बनाया गया था और साथ ही उनको विधानसभा का भाजपा का नेता बनाया गया था। लेकिन उनकी कारगुजारी अच्छी न होने के कारण छुट्टी कर दी गई और पंजाब में उनको निकायमंत्री का पद लेकर वन मंत्री का पद दे दिया गया। लेकिन अब उनके हलके में 21 हजार की हार से भाजपा के शीर्ष नेताओं के माथे पर बल पड़ गए है।