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‘बड़े नोट बंद करना बोल्ड फैसला जल्दबाजी में लिया गया’
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 11 Nov 2016 09:15 AM IST
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देश में 500 और 1000 के नोट बंद करना राजनैतिक तौर पर मोदी सरकार का बड़ा और बोल्ड फैसला है। लेकिन यह फैसला जल्दबाजी में और बेहतर तैयारी के बिना लिया गया है।
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इस फैसले से दूरगामी अच्छे रिजल्ट मिलेंगे परंतु आम लोगों को काफी दिक्कतें भी उठानी पड़ेंगी। यह विचार बुधवार को पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स में आयोजित गुड्स एंड सर्विसेस टेक्स विषय पर पैनल डिस्कशन में हिस्सा लेने आईं एनआईपीएसपी नई दिल्ली में आरबीआई चेयर की पूर्व प्रोफेसर इंदिरा राजारमन ने रखा।
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उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में करेंसी नोट और जीएसटी का विशेष योगदान रहेगा। इस मौके पर पंजाब यूनिवर्सिटी के डीयूआई प्रो.दिनेश गुप्ता, डीके जोशी और आशुतोष दीक्षित सहित कई एक्सपर्ट ने हिस्सा लिया।
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कार्यक्रम में सभी ने जीएसटी पर अपने विचार रखे। पैनल के सदस्यों ने जीएसटी से जुड़ी समस्याओं और समाधान के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में जीएसटी से राज्यों की स्वतंत्रता को लेकर भी कई तरह के सवाल उठे। इकोनॉमिक्स विभाग की चेयरपर्सन प्रो. उपेंद्र साहनी की देखरेख में कार्यक्रम आयोजित हुआ।