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शिअद नेता को बड़ा झटका: सजा निलंबित करने से हाईकोर्ट का इनकार, यादविंदर सिंह यादू की याचिका खारिज
Wed, 27 Oct 2021 01:57 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 27 Oct 2021 01:57 AM IST
सार
शिअद नेता यादविंदर सिंह यादू को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने सजा को निलंबित करने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर याची की सजा को निलंबित किया जाता है तो चुनाव में बाधा डालने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने शिअद नेता यादविंदर सिंह यादू को बड़ा झटका देते हुए 2002 के एक आपराधिक मामले में मिली तीन साज की सजा को निलंबित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यादविंदर सिंह यादू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि वह खन्ना से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके लिए 2002 के आपराधिक मामले में 18 नवंबर 2016 को सुनाई गई तीन साल की सजा का निलंबित होना आवश्यक है।
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याची ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्घू बनाम पंजाब सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सजा निलंबित करते हुए मामले से जुड़े तथ्यों को बारीकी से जांचना जरूरी नहीं है। हाईकोर्ट ने याची की दलीलें सुनने के बाद कहा कि यह पूरी तरह से कोर्ट का विशेषाधिकार है कि वह किसी की सजा को निलंबित करे या नहीं। सजा को निलंबित करने की मांग अधिकार के तौर पर नहीं की जा सकती है।
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जनप्रतिनिधि को स्वच्छ छवि वाला होना चाहिए
हाईकोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि को साफ छवि वाला होना चाहिए लेकिन इस मामले में याची पर 14 आपराधिक मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से दो का ट्रायल लंबित है। याची पर इतने अधिक मामले दर्ज होने से उसके व्यक्तित्व के बारे में पता चलता है। यदि याची की सजा को निलंबित किया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में उसके द्वारा बाधा डालने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने सजा निलंबित करने की अपील को खारिज कर दिया।
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