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45 साल और ज्यादा आयु के पूर्व सैनिक व विधवा लिपिकों को बड़ा झटका, कंप्यूटर टेस्ट पास करना अनिवार्य

Wed, 04 Nov 2020 04:30 PM IST
ajay kumar यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 04 Nov 2020 04:30 PM IST
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Big blow to Ex-servicemen and widow clerks regarding computer test
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा में 45 साल या उससे अधिक आयु के पूर्व सैनिक व विधवा लिपिकों को कंप्यूटर टेस्ट पास करना ही होगा। सरकार ने उन्हें एसईटीसी (स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट इन कंप्यूटर एप्रिसिएशन एंड एप्लिकेशन) के लिए कोई भी छूट देने से मना कर दिया है। अनेक विभागों ने पत्र लिखकर सरकार से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा था। 

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टेस्ट पास करने में छूट केवल दिव्यांग व कंप्यूटर में डिग्री, डिप्लोमा धारक लिपिक कर्मचारियों को ही मिलेगी। सरकार के इस निर्णय से सैकड़ों सरकारी पूर्व सैनिक व विधवा कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। मुख्य सचिव कार्यालय के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को कंप्यूटर टेस्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
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विभागों में सैकड़ों ऐसे पूर्व सैनिक व विधवा लिपिक हैं, जिनकी आयु 45 साल या इससे अधिक है लेकिन वे कंप्यूटर टेस्ट पास नहीं कर पाए हैं। टेस्ट पास न करने पर वे पदोन्नति व इंक्रीमेंट से वंचित रहेंगे। जिससे उन्हें बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। विभागों ने मुख्य सचिव कार्यालय से पूछा था कि क्या इन दो श्रेणी के लिपिकों को टेस्ट में छूट दी जानी है।

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इस पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, सभी बोर्ड, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, मण्डलायुक्तों, डीसी, एसडीएम व सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को साफ किया है कि 45 साल से अधिक उम्र के लिपिकों को टेस्ट में कोई रियायत नहीं मिलेगी। उन्हें टेस्ट पास करना अनिवार्य है। टेस्ट पास करने की शर्त सीधी भर्ती से नियुक्त हुए लिपिकों पर लागू होगी।

सात नवंबर 2013 तक मिल रही थी छूट
1972 व 1975 की नीति अनुसार पूर्व सैनिकों व अनुग्रह राशि के तहत नियुक्त विधवा कर्मचारियों को कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट से छूट मिल रही थी, लेकिन सात नवंबर 2013 को सरकार ने टाइप टेस्ट को एसईटीसी में तब्दील कर दिया। इसके साथी इन दोनों श्रेणी के कर्मचारियों को कंप्यूटर टेस्ट पास न करने की छूट भी वापस ले ली गई।

कार्यप्रणाली प्रभावित होने पर जरूरी किया एसईटीसी
सरकारी दफ्तरों में अनेक ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें कंप्यूटर का जरा भी ज्ञान नहीं है। इन्होंने कंप्यूटर पर कभी हाथ आजमाया ही नहीं। सीधी भर्ती से ये लिपिक तो लग गए लेकिन काम में पारंगत नहीं निकले। कंप्यूटर का ज्ञान इन्हें न होने से विभागों की कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगी। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक व अनुग्रह राशि के तहत लिपिक लगी विधवाओं को कंप्यूटर पर पत्र तक टाइप नहीं करना आता है। इसलिए सरकार को टेस्ट अनिवार्य करना पड़ा। 

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