मान सरकार के बड़े फैसले: पंजाब में निजी स्कूलों में नहीं बढ़ेगी फीस, सभी दुकानों पर मिलेंगी किताबें और यूनिफॉर्म
भगवंत मान ने सत्ता संभालने के साथ ही कई ऐतिहासिक फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। रोजगार और अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने के बाद अब शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन के लिए भगवंत मान ने बड़े एलान किए हैं।
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पंजाब के निजी स्कूलों से शिक्षा ग्रहण कर रहे 34 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के हित में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री मान ने बुधवार को घोषणा की है कि राज्य में निजी स्कूल मौजूदा शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए फीस में वृद्धि नहीं कर सकेंगे। सूबे में यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
पंजाब में 9500 निजी स्कूल संचालित होते हैं। इनमें 34 लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। निजी स्कूलों के मुकाबले 19500 सरकारी स्कूल सूबे में हैं। इनमें 32 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। वीडियो संदेश के माध्यम से एलान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राईवेट स्कूलों के प्रबंधक इस शैक्षणिक सत्र के दौरान शुरू होने वाली कक्षाओं के लिए फीस में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं कर सकेंगे।
इस संबंधी नीति स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों, स्कूल प्रबंधकों, प्रिंसिपल और अन्य संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर बनायी जाएगी और आने वाले दिनों में विस्तार से जानकारी साझा की जाएगी। एक अन्य निर्णय लेते हुए भगवंत मान ने कहा कि अब से कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या वर्दी खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्रों की आबादी के अनुसार लोगों की सुविधा के लिए स्कूलों को अधिक दुकानों के बारे में जानकारी देनी होगी, जहां से अभिभावकों को अपनी मर्जी के मुताबिक किताबें या वर्दी खरीदने की छूट होगी।
किताबें और ड्रेस की जल्द आएगी नीति
इस घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि स्कूल की महंगी किताबों और ड्रेस के लिए भी जल्द सरकार नीति लाने जा रही है। विद्या को मानव का तीसरा नेत्र बताते हुए भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार हरेक बच्चे को मानक शिक्षा मुहैया करवाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
पंजाब में शिक्षा इतनी महंगी हो चुकी है कि यह आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है। महंगाई के कारण अभिभावकों को अपने बच्चे स्कूलों से हटाने पड़ रहे हैं। उनको काम पर लगाना पड़ रहा है या फिर मजबूरन अपने बच्चों को वह ऐसी शिक्षा दिला रहे हैं जो आगे चलकर उनके काम नहीं आती। भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब