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हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा, कमजोर वर्गों को पुलिस भर्ती की उम्र में पांच साल की छूट
Thu, 05 Nov 2020 03:57 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 05 Nov 2020 03:57 PM IST
सार
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को सरकार ने दी बड़ी राहत
- सीएम ने सदन में की घोषणा, विधायक राम कुमार गौतम ने पूछा था सवाल
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हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के युवाओं को सरकार ने बड़ी राहत दी है। पुलिस भर्ती में इन्हें आयु में पांच साल की छूट मिलेगी। इससे हजारों युवा लाभान्वित होंगे। सीएम मनोहर लाल ने गुरुवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की। नारनौंद से जजपा विधायक राम कुमार गौतम ने मानसून सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन प्रश्नकाल में इसे लेकर सवाल पूछा था। जिस पर गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के उम्मीदवारों को आयु में पांच साल की छूट देने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।
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यह सुझाव अच्छा है, इस पर विचार करेंगे। गौतम कहां रुकने वाले थे, उन्होंने कहा कि सीएम साहब तो थोड़े कंजूस हैं लेकिन विज से ऐसी उम्मीद वह नहीं करते। इससे पहले कि विज कुछ कहते सीएम ने मोर्चा संभाल लिया। सीएम ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को केंद्र सरकार ने नौकरियों में दस फीसदी आरक्षण दिया था, जिसे प्रदेश में भी लागू किया गया है।
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इस श्रेणी के युवाओं को पुलिस भर्ती में आयु में कोई छूट अभी तक नहीं है। इस संबंध में उन्होंने अपने स्तर पर सुझाव मांगे थे, अनेक सुझाव मिले हैं, जिनमें यह छूट देने की बात कही गई है। वह घोषणा करते हैं कि इस वर्ग के युवाओं को आगे होने वाली पुलिस भर्ती में आयु में पांच साल की छूट दी जाएगी। सीएम की घोषणा करने के बाद दादा गौतम ने उनका आभार प्रकट किया।
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इन प्रस्तावों पर होगी चर्चा
कार्य सलाहकार समिति की रिपोर्ट सदन पटल पर रखी जाएगी। जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाएगा। सदन में रजिस्ट्री घोटाले व शिशु मृत्यु दर पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आएंगे। रजिस्ट्री घोटाले पर कांग्रेस व इनेलो से प्रस्ताव दिया था, जिसे सरकार ने चर्चा के लिए मंजूरी दे दी है। अप्रैल से जून तक 46 प्रतिशत बढ़ी शिशु मृत्यु दर को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भी सरकार चर्चा कराएगी।
सरकार सदन में हकोका कानून को वापस लेने का प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। राष्ट्रपति ने इसमें संशोधन सुझाए हैं, जिन्हें सम्मिलित करते हुए दोबारा से हकोका संशोधन विधेयक सदन में पेश किया जाएगा। इसके अलावा पंजाब से विधानसभा में अपना शेष हिस्सा लेने के लिए भी प्रस्ताव लाया जा रहा है। अन्य जरूरी दस्तावेज भी स्वीकृति के लिए सदन पटल पर रखे जाएंगे।