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हरियाणाः खट्टर सरकार का एक साल, हुड्डा ने दागे 21 सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 30 Oct 2015 01:35 PM IST
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हरियाणा सरकार का एक साल पूरा हो गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने सीएम खट्टर को हर मोर्चे पर विफल करार दिया।हुड्डा ने पूछा है कि सरकार बीते एक साल में कोई ऐसी परियोजना बताए, जिसका नींव पत्थर भाजपा सरकार ने रखा हो।
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अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व सीएम ने ‘भाजपा सरकार की प्रथम वार्षिक परीक्षा’ नामक प्रश्न पत्र जारी किया, जिसमें प्रदेश सरकार से 21 सवालों का 15 दिन में जवाब देने को कहा गया है। हुड्डा ने इस प्रश्न पत्र के जरिए भाजपा सरकार को उसके चुनावी वादे भी गिनाए हैं।
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प्रश्न पत्र में उन्होंने पूछा है कि भाजपा ने चुनाव घोषणा पत्र में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने का वादा किया था, उसका क्या हुआ? उन्होंने कहा कि धान की 1509 किस्म कांग्रेस शासन में 4700 रुपये क्विंटल बिकी थी, लेकिन अब यह 1200 रुपये क्विंटल बिक रही है, हालांकि इसका समर्थन मूल्य 1450 रुपये है।
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हुड्डा ने आरोप लगाया कि प्रति क्विंटल 250 रुपये किसकी जेब में जा रहे हैं, सरकार खुलासा करे। उन्होंने प्रदेश में किसानों को फसलों को एक-तिहाई दाम भी नहीं मिलने पर भी सवाल उठाया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने बुढ़ापा पेंशन 2000 रुपये देने के वादे की ओर भी सरकार का ध्यान दिलाते हुए कहा है कि कांग्रेस ने 1500 रुपये पेंशन की थी, जिसे भाजपा ने घटाकर 1200 रुपये कर दिया है।
उन्होंने कहा कि चार लाख सरकारी कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने का चुनावी वादा भी पूरा नहीं हुआ है। एक प्रश्न के जवाब में हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में जब उनकी सरकार आएगी तो वे कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देंगे। उन्होंने सरकार के लिए तैयार प्रश्न पत्र में बेरोजगारी भत्ते, सफाई कर्मियों को नियमित कर 15000 रुपये वेतन देने, लोगों को सस्ती और 24 घंटे बिजली देने के वादे भी याद दिलाए।
आरएसएस के बयानों से दलित उत्पीड़न बढ़ा
पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसा लगता है कि प्रदेश में कोई सरकार ही नहीं है। उन्होंने दलित उत्पीड़न की घटनाओं के लिए आरएसएस के आरक्षण विरोधी बयानों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आरक्षण विरोधी बयान आने के बाद दलितों को निशाना बनाया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि उनके शासन में मिर्चपुर की वारदात हुई थी, लेकिन उसके बाद प्रदेश में दलितों के अत्याचार का कोई मामला नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने ऐसे मामले में कोई भेदभाव और नरमी नहीं बरती थी। इसके साथ ही हुड्डा ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार को उन्होंने 32700 करोड़ का भरा हुआ खजाना दिया था, लेकिन खट्टर सरकार लगातार कर्ज में डूबती जा रही है।
मुझे बताओ, मैं भी गड्ढे भरने में योगदान दूं
प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व कांग्रेस सरकार के खोदे गड्ढे भरने संबंधी बयानों के बारे में पूछे गए सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भाजपा पांच साल तक गड्ढे ही भरेगी तो काम कब करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यह नहीं बता रही कि गड्ढे कौन से हैं, कब तक भरे जाएंगे उसकी तिथि ही बता दें। उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार मुझे बता दे। मैं भी देखूं और गड्ढे भरने में मैं ही कुछ योगदान दे दूं।’