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भूपेंद्र हुड्डा की सरकार से मांग: कहा- बिना देरी किसानों से संवाद शुरू करे, बातचीत से ही निकलेगा आंदोलन का हल

Sat, 23 Oct 2021 02:55 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 23 Oct 2021 02:55 AM IST
सार

हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों की मांगें जायज बताते हुए सरकार से आंदोलन कर रहे किसानों के साथ वार्ता करने की अपील की है। हुड्डा ने डीएपी की किल्लत पर कहा कि किसानों को अब खाद नहीं मिल रही, न खरीद के वक्त एमएसपी।

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Bhupinder Hooda appeal to the government to talk to the farmers
भूपेंद्र सिंह हुड्डा - फोटो : pti

विस्तार

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक बार फिर किसान आंदोलन का सकारात्मक समाधान निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बिना देरी किए सरकार किसानों के साथ संवाद शुरू करे। किसानों को घर-परिवार से दूर दिल्ली बार्डर पर बैठे हुए 11 माह हो चुके हैं। किसानों की मांगें जायज हैं। सरकार को राष्ट्रहित व अन्नदाता के सम्मान में एक कदम आगे बढ़ाते हुए फिर से बातचीत शुरू करनी चाहिए।

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हुड्डा ने कहा, लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सर्वोपरि है। हर बात का समाधान संवाद से ही निकल सकता है। प्रदेश में आज किसानों को हर स्तर पर अनदेखी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। डीएपी खाद के लिए किसान मारे-मारे घूम रहे हैं। कई घंटे, कई दिन तक लंबी कतारों में इंतजार करने के बाद भी किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही। इस वजह से अगले सीजन की फसल बुआई में देरी हो रही है।
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फसल खरीद के समय किसानों को एमएसपी भी नहीं मिल रही। धान खरीद में देरी और उठान नहीं होने से बड़ी तादाद में किसान एमएसपी से वंचित रह गए। सरकार ने बाजरा खरीदने से तो इंकार ही कर दिया। सरकार धीरे-धीरे एमएसपी से पीछा छुड़ाना चाहती है।
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सरकार की फसल बीमा योजना की विफलता में हर सीजन एक नया अध्याय जुड़ जाता है। लगातार कई सीजन से किसान मौसम की मार झेल रहे हैं, लेकिन बीमा कंपनियां और सरकार कोई मुआवजा नहीं दे रही। खरीफ सीजन में खराबे की लगभग 60000 शिकायतें सरकार के पास पहुंची हैं। सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों तक सिमटी हुई हैं। पशुधन बीमा योजना को तो सरकार ने बंद ही कर दिया है।

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