चंडीगढ़ पहुंचे राकेश टिकैत: बोले- अगर किसान खालिस्तानी तो दिल्ली में बैठी सरकार तालिबानी, अब देश बचाने का आंदोलन
टिकैत ने आरोप लगाया कि मनोहर लाल सीएम नहीं रहना चाहते, वह केंद्र में जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गृह मंत्री सीएम बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य बढ़ाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह का धन्यवाद करना पड़ेगा। जो भला करेगा, उसका धन्यवाद करेंगे। जो मांगें नहीं मानेगा, उसका विरोध करेंगे।
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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन अब कृषि कानूनों के खिलाफ न रहकर देश बचाने का आंदोलन बन गया है। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर की राष्ट्रीय किसान महापंचायत से यूपी के साथ मिशन देश शुरू करेंगे। सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का पुरजोर विरोध किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 में किसानों की आय दोगुना होने की घोषणा के अनुसार किसान एक जनवरी से अपनी फसल दोगुनी कीमतों पर बेचना शुरू कर देंगे।
सरकार इसके लिए अपनी तैयारी कर ले। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को खालिस्तान, जाटलैंड के नाम पर बांटना बंद करे। अगर किसान खालिस्तानी हैं तो दिल्ली में बैठी सरकार तालिबानी है। सरकार में बैठे लोग बंदूक के जरिए देश पर कब्जा जमाना चाहते हैं। पंजाब में जिसकी सरकार बनेगी, उसके दरवाजे पर ही लठ गाड़ देंगे, किसान अपने आंदोलन को मजबूत रखें।
दिल्ली की सीमाओं पर बैठा किसान अब धरने से उठने वाला नहीं है। नए कानून वापस लेकर एमएसपी की गारंटी का कानून बनाना पड़ेगा। अभी पंजाब में आचार संहिता नहीं लगी है, चुनाव लड़ना है या नहीं जब चुनाव की घोषणा हो जाएगी तभी बताएंगे। गुरनाम चढूनी का पंजाब चुनाव लड़ने का फैसला अपना निजी स्टैंड है। किसान जिससे खुश हो, उसे वोट दे दे।
टिकैत ने कहा कि देश सियासत से नहीं, किसान आंदोलन से बचेगा। केंद्र सरकार को निजी कंपनियां चला रहीं हैं। इसलिए किसानों से वार्ता नहीं की जा रही है। पंजाब में गन्ने का भाव बढ़ाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने किसानों की मांग मानी है, केंद्र ने तो प्रति किलोग्राम पांच पैसे भाव बढ़ाया है। 5 सितंबर को निजी कंपनियों के खिलाफ बड़े आंदोलन का एलान करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन लखोवाल पंजाब के अध्यक्ष अजमेर सिंह लखोवाल ने कहा कि केंद्र व पंजाब सरकार किसानों की पराली का इंतजाम करे। किसान दिल्ली की सीमा से अपनी मांगें मनवाकर ही अब घर लौटेगा। भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि प्रदेश से मुजफ्फनगर रैली में जाने के लिए अब तक 50 हजार किसान पंजीकरण करा चुके हैं। 4 सितंबर तक इनकी संख्या और बढ़ेगी। 29 अगस्त को नूंह में किसान पंचायत की जाएगी।
सरकार बांटने का काम कर रही लेकिन किसान एकजुट: टिकैत
उधर, सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने किसानों से पंगा लिया है, अब किसान माफ नहीं करेगा। सरकार बांटने का काम कर रही है लेकिन किसान एकजुट होकर हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक कानून वापसी नहीं होगी, घर वापसी नहीं होगी।
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार सब कुछ बेचने पर तुली है। स्टील प्लांट, स्टेडियम, रेलवे सभी का निजीकरण हो गया। रोटी को गोदाम की वस्तु बनाने में लगे हैं। दो महीना अनाज सस्ता रहेगा और जब किसान अनाज बेच देंगे तो वे 10 महीने उसे महंगा बेचेंगे। बिहार से अन्न लाकर पंजाब व अन्य प्रदेशों में अधिकारी और नेता मिलकर एमएसपी पर बेचते हैं। सरकार एमएसपी पर गारंटी दे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ ने पूरे देश को दिखाया कि आंदोलन कैसे चलता है। इस दौरान राकेश टिकैत ने लोगों को मुजफ्फरनगर की रैली में आने का न्योता दिया।
खाप और पंजाब का जोड़ा नाता
राकेश टिकैत ने कहा कि जब दशम पातशाही नांदेड़ साहिब जाते हुए सोनीपत के पास नाहरी गांव में रुके थे। वहां से जाते समय लोगों को कहा था कि हम किसी को भेजेंगे। उन्होंने बंदा सिंह बहादुर को भेजा। वहां बंदा बहादुर तीन महीने तक रुके। खाप की 4700 लोगों की फौज बंदा बहादुर के साथ थी। इस दौरान उन्होंने सरहिंद को जीता था। टिकैत ने कहा कि हमारा पंजाब के साथ बेहतर तालमेल हुआ है। इसको और मजबूत करना है। पंजाब-हरियाणा का खून एक हैं। हम सब एक हैं। यह तालमेल हमेशा रखना।