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Jalandhar West By Election: भाजपा ने शीतल अंगुराल को बनाया प्रत्याशी, आप छोड़कर हुए थे पार्टी में शामिल
Mon, 17 Jun 2024 01:33 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 17 Jun 2024 01:33 PM IST
सार
जालंधर वेस्ट विधानसभा सीट शीतल अंगुराल के ही इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी। अंगुराल ने लोकसभा चुनाव से पहले आप को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थाम लिया था और इस्तीफा दे दिया था।
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Sheetal angural
- फोटो : X @isheetalangural
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी ने जालंधर वेस्ट उप चुनाव के लिए शीतल अंगुराल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। जालंधर वेस्ट उपचुनाव की अधिसूचना 14 जून को जारी की गई थी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 जून है। नामांकन पत्रों की जांच 24 जून को होगी जबकि नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 26 जून है। 10 जुलाई को मतदान होगा और 13 जुलाई को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।
विधायक शीतल अंगुराल पहले भाजपा में ही थे। 2019 में शीतल अंगुराल ने भाजपा-अकाली दल के उम्मीदवार चरणजीत सिंह अटवाल को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंकी थी। 2022 में शीतल भाजपा को अलविदा कहकर आप में आ गए। आप की तरफ से विधायक बन गए। इसके बाद लोकसभा चुनाव से कुछ पहले वे फिर भाजपा में शामिल हो गए और इस्तीफा दे दिया। हालांकि मतदान के बाद अंगुराल ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था लेकिन उससे पहले ही विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने इस्तीफा मंजूर कर लिया। विधानसभा सचिव की ओर से पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी को भी इस संदर्भ में नोटिफिकेशन की कॉपी भेजी गई थी जिसमें जालंधर पश्चिमी-34 नंबर सीट को 30 मई, 2024 से खाली दिखाया गया था।
इस्तीफा वापस लेने से पहले अंगुराल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से मोदी का परिवार का टैग हटा लिया था, जिसके चलते उनके आप में वापसी के कयास लगाए जाने लगे थे। अंगुराल का कहना था कि इस्तीफा मंजूर किए जाने के इस फैसले को वह चैलेंज करेंगे। इसके लिए वह जल्द ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। लेकिन अब चुनाव आयोग ने विधानसभा सीट पर उपचुनाव का एलान कर दिया है।
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विधायक शीतल अंगुराल पहले भाजपा में ही थे। 2019 में शीतल अंगुराल ने भाजपा-अकाली दल के उम्मीदवार चरणजीत सिंह अटवाल को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंकी थी। 2022 में शीतल भाजपा को अलविदा कहकर आप में आ गए। आप की तरफ से विधायक बन गए। इसके बाद लोकसभा चुनाव से कुछ पहले वे फिर भाजपा में शामिल हो गए और इस्तीफा दे दिया। हालांकि मतदान के बाद अंगुराल ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था लेकिन उससे पहले ही विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने इस्तीफा मंजूर कर लिया। विधानसभा सचिव की ओर से पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी को भी इस संदर्भ में नोटिफिकेशन की कॉपी भेजी गई थी जिसमें जालंधर पश्चिमी-34 नंबर सीट को 30 मई, 2024 से खाली दिखाया गया था।
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इस्तीफा वापस लेने से पहले अंगुराल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से मोदी का परिवार का टैग हटा लिया था, जिसके चलते उनके आप में वापसी के कयास लगाए जाने लगे थे। अंगुराल का कहना था कि इस्तीफा मंजूर किए जाने के इस फैसले को वह चैलेंज करेंगे। इसके लिए वह जल्द ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। लेकिन अब चुनाव आयोग ने विधानसभा सीट पर उपचुनाव का एलान कर दिया है।
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