{"_id":"5ffa0f688ebc3e340905a75d","slug":"bharatanatyam-learned-online-in-lockdown-stage-presentation-with-guru-chandigarh-news-pkl4001064108","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में ऑनलाइन सीखा भरतनाट्यम, गुरु के साथ मंच पर दी प्रस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में ऑनलाइन सीखा भरतनाट्यम, गुरु के साथ मंच पर दी प्रस्तुति
विज्ञापन
भरत नाट्यम की प्रस्तुति देतीं सु्चित्रा मित्रा।
- फोटो : CHANDIGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। शहर की भरतनाट्यम नृत्यांगना सुचित्रा मित्रा ने लॉकडाउन के बाद पहली बार शनिवार को लाइव मंच पर अपने शिष्यों के साथ प्रस्तुति दी। सुचित्रा ने बताया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपने दो शिष्य समेरा और मनन को नृत्य सिखाया। दोनों ने ऑनलाइन माध्यम से ही भारतनाट्यम की बारीकियां सीखीं। हालांकि यह थोड़ा मुश्किल था। ऑनलाइन के माध्यम से मुख के भावों को सिखाना आसान होता है, लेकिन शरीर के चाल-ढाल को सिखाने में बड़ी परेशानी आती है, क्योंकि ऑनलाइन में हम शिष्य के शरीर को छूकर उसे नृत्य के मूव्स नहीं सिखा पाते।
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला की ओर से आयोजित टैगोर थिएटर में नृत्य महोत्सव के दौरान सुचित्रा ने पुष्पांजलि के साथ अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। इसमें कालिदास के रचित श्लोक श्यामल दंडकम पर नृत्य किया और देवी श्यामला को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद अंजनिस्त्रोतम के द्वारा भगवान हनुमान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बीच में दोनों शिष्यों समेरा और मनन ने भगवान नटराज की स्तुति में नटनाम एडिनार पर एक कोरियोग्राफी पेश की। इसमें दिखाया कि शिव के नृत्य से कैसे पूरा विश्व कांपता है।
इसके बाद कार्यक्रम का समापन सुचित्रा ने गीतोपदेश के साथ प्रस्तुति देकर किया। इसमें उन्होंने महाभारत के अध्याय को चित्रित किया, जिसमें कृष्ण ने युद्ध से पहले अर्जुन को भगवद गीता का उपदेश दिया था। स्वर और नाट्टुवंगम पर इलांगोवन गोविंद राजन, मृदंगम पर एमवी चंद्रशेखर और बांसुरी पर रघुरामन ने योगदान दिया। ये तीनों संगीतकार दिल्ली से बुलाए गए थे।
विज्ञापन
दर्शक परिवार के साथ शो देखने आ रहे
एनजेडसीसी निदेशक डॉ. सौभग्य वर्धन और कथक गुरु शोभा कौसर, प्राचीन कला केंद्र के सचिव सजल कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया। डॉ. सौभग्य वर्धन ने बताया कि तीनों ही दिनों में दर्शकों की तरफ से अच्छा रुझान देखने को मिला है। लोग अपने परिवार के साथ शो देखने के लिए आ रहे हैं। टीम की तरफ से कोविड-19 दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। बिना मास्क के किसी को भी हॉल में आने की अनुमति नहीं है।
विज्ञापन
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला की ओर से आयोजित टैगोर थिएटर में नृत्य महोत्सव के दौरान सुचित्रा ने पुष्पांजलि के साथ अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। इसमें कालिदास के रचित श्लोक श्यामल दंडकम पर नृत्य किया और देवी श्यामला को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद अंजनिस्त्रोतम के द्वारा भगवान हनुमान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बीच में दोनों शिष्यों समेरा और मनन ने भगवान नटराज की स्तुति में नटनाम एडिनार पर एक कोरियोग्राफी पेश की। इसमें दिखाया कि शिव के नृत्य से कैसे पूरा विश्व कांपता है।
विज्ञापन
इसके बाद कार्यक्रम का समापन सुचित्रा ने गीतोपदेश के साथ प्रस्तुति देकर किया। इसमें उन्होंने महाभारत के अध्याय को चित्रित किया, जिसमें कृष्ण ने युद्ध से पहले अर्जुन को भगवद गीता का उपदेश दिया था। स्वर और नाट्टुवंगम पर इलांगोवन गोविंद राजन, मृदंगम पर एमवी चंद्रशेखर और बांसुरी पर रघुरामन ने योगदान दिया। ये तीनों संगीतकार दिल्ली से बुलाए गए थे।
विज्ञापन
दर्शक परिवार के साथ शो देखने आ रहे
एनजेडसीसी निदेशक डॉ. सौभग्य वर्धन और कथक गुरु शोभा कौसर, प्राचीन कला केंद्र के सचिव सजल कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया। डॉ. सौभग्य वर्धन ने बताया कि तीनों ही दिनों में दर्शकों की तरफ से अच्छा रुझान देखने को मिला है। लोग अपने परिवार के साथ शो देखने के लिए आ रहे हैं। टीम की तरफ से कोविड-19 दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। बिना मास्क के किसी को भी हॉल में आने की अनुमति नहीं है।