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Punjab: अमरिंदर सिंह के करीबी भरत इंदर चहल को हाईकोर्ट से राहत, 13 अक्तूबर तक अंतरिम जमानत का लाभ

Wed, 04 Oct 2023 06:30 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 04 Oct 2023 06:30 PM IST
सार

भरत इंदर चहल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार बीती सरकार के नेताओं और उनके करीबियों के खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके तहत ही याची को भी फंसाने की कोशिश की जा रही है।

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Bharat Inder Chahal got relief from Punjab and Haryana High Court
भरत इंदर सिंह चहल। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी भरत इंदर सिंह चहल को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उन्हें 13 अक्तूबर तक अंतरिम जमानत का लाभ दे दिया है। इसके साथ ही उन्हें उनकी संपत्ति और आय का ब्योरा सौंपने और जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है।

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भरत इंदर चहल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था है कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार बीती सरकार के नेताओं और उनके करीबियों के खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके तहत ही याची को भी फंसाने की कोशिश की जा रही है। चहल ने हाईकोर्ट से अपील की है कि उनके खिलाफ आया से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज एफआईआर में उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए। 
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चहल ने बताया है की उनकी तरफ से अपने सभी बैंक खातों, संपत्ति और आय की पूरी डिटेल विजिलेंस को दी जा चुकी है। बावजूद इसके उन्हे रंजिश के तहत फंसाया जा रहा है। अब वे 75 साल के हैं और जांच में सहयोग देने को तैयार हैं। हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत का लाभ देते हुए हलफनामे के जरिए संपत्ति का ब्योरा और आय से संबंधित जानकारी देने का आदेश दिया है।
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23 अगस्त को पटियाला की अदालत ने चहल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जांच एजेंसी ने अदालत को सूचित किया था कि चहल जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके बाद निचली अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। जांच एजेंसी उनके खिलाफ दर्ज मामले की उचित जांच के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। अदालत ने कहा था कि याची विजिलेंस को जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए सही और वास्तविक तथ्यों को प्रकाश में लाने के लिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है।

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