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भारत बंद : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी समर्थन में, मुस्लिम संस्थाओं ने भी की साथ देने की घोषणा
Mon, 07 Dec 2020 11:22 AM IST
निवेदिता वर्मा
अमर उजाला, अमृतसर/लुधियाना (पंजाब)
अमर उजाला, अमृतसर/लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 07 Dec 2020 11:22 AM IST
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लुधियाना में भारत बंद के समर्थन में मुस्लिम संस्थाओं ने बैठक की।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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कृषि कानूनों के विरोध में आठ दिसंबर को किसान संगठनों की तरफ से भारत बंद की कॉल की गई है। किसानों के समर्थन में कई संगठन भी आ गए हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने आठ दिसंबर को एसजीपीसी के सभी प्रबंधकीय दफ्तरों, धर्म प्रचार कमेटी के दफ्तर व सिख इतिहास बोर्ड व शिक्षण संस्थानों को बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
एसजीपीसी के मुख्य सचिव हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि कमेटी किसानों के संघर्ष में हर संभव सहयोग देने के लिए वचनबद्ध है। किसानों के समर्थन में एसजीपीसी सचखंड परिसर स्थित गुरुद्वारा बाबा गुरबख्श सिंह में अरदास दिवस का आयोजन करेगी।
वहीं लुधियाना की एतिहासिक जामा मस्जिद में शहर की मुस्लिम संस्थाओं की बैठक हुई, जिसमें शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में आठ दिसंबर के भारत बंद को समर्थन देने का फैसला लिया गया। बैठक में जिले की मस्जिदों के इमाम साहिबान, प्रधान साहिबान और अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों से संबंध रखने वाले मुस्लिम नेता उपस्थित थे।
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बैठक में किसान आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और फैसला लिया गया कि कृषि कानूनों का डट कर विरोध किया जाएगा और किसानों का हर जगह साथ दिया जाएगा। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक है, जिसे छीना नहीं जा सकता। आठ दिसंबर को लुधियाना की जामा मस्जिद से जगरांव पुल तक केंद्र सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला जाएगा। इस रोष मार्च में लुधियाना के जिला अधिकारी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम का ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
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एसजीपीसी के मुख्य सचिव हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि कमेटी किसानों के संघर्ष में हर संभव सहयोग देने के लिए वचनबद्ध है। किसानों के समर्थन में एसजीपीसी सचखंड परिसर स्थित गुरुद्वारा बाबा गुरबख्श सिंह में अरदास दिवस का आयोजन करेगी।
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वहीं लुधियाना की एतिहासिक जामा मस्जिद में शहर की मुस्लिम संस्थाओं की बैठक हुई, जिसमें शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में आठ दिसंबर के भारत बंद को समर्थन देने का फैसला लिया गया। बैठक में जिले की मस्जिदों के इमाम साहिबान, प्रधान साहिबान और अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों से संबंध रखने वाले मुस्लिम नेता उपस्थित थे।
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बैठक में किसान आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और फैसला लिया गया कि कृषि कानूनों का डट कर विरोध किया जाएगा और किसानों का हर जगह साथ दिया जाएगा। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक है, जिसे छीना नहीं जा सकता। आठ दिसंबर को लुधियाना की जामा मस्जिद से जगरांव पुल तक केंद्र सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला जाएगा। इस रोष मार्च में लुधियाना के जिला अधिकारी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम का ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।