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भारत बंद: मोहाली में व्यापक तो चंडीगढ़ में दिखा मिलाजुला असर, पंचकूला में बाजार खुले लेकिन रौनक रही गायब

Mon, 27 Sep 2021 08:37 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली/पंचकूला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली/पंचकूला Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 27 Sep 2021 08:37 AM IST
सार

किसानों के भारत बंद का ट्राइसिटी यानि चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली में कहीं आंशिक तो कहीं व्यापक असर देखने को मिला। चंडीगढ़ में दुकानें खुली रहीं और सीमाओं पर किसानों ने जाम लगाया। पंचकूला में भी बाजार खुले रहे लेकिन अन्य दिनों की तरह रौनक देखने को नहीं मिली। मोहाली में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। यहां बाजरें बंद थीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा था।

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Bharat Bandh: Farmers Protest in Chandigarh And Mohali
भारत बंद के दौरान मुल्लांपुर बैरियर जाम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के भारत बंद का चंडीगढ़ में मिलाजुला असर दिखा। शहर के ज्यादातर बाजार खुले रहे और सड़कों पर आवाजाही सामान्य रही। किसानों के प्रदर्शन और सड़कें जाम करने से केवल बार्डर के इलाकों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। 

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मुल्लांपुर बैरियर और हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर ज्यादा समस्या रही। यहां किसान और उनके समर्थकों ने जाम लगा रखा था। ऐसे में पुलिस को यातायात डायवर्ट करना पड़ा। डायवर्जन से लोगों को परेशानी हुई। जाम के दौरान कई लोगों की किसान समर्थकों से बहस भी हुई। इस दौरान आपात सेवाएं सुचारु रहीं। स्कूली बच्चों और मरीजों को रास्ता दिया गया।
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सोमवार को सुबह छह बजे से ही किसानों का मुल्लांपुर बैरियर पर पहुंचाना शुरू हो गया। लगभग साढ़े छह बजे से किसानों और समर्थकों ने गाड़ियों को रोकना शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों का आक्रोश भी देखने को मिला। ट्रैक्टर लगाकर किसानों ने रास्ते रोक दिए। उधर, हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर सुबह साढ़े आठ बजे किसान समर्थकों ने रास्ता बंद कर दिया।
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मुल्लांपुर बैरियर पर किसान बाबा साधु सिंह, सर्वेश यादव ने बताया कि भारत बंद का असर अच्छा रहा है। हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर आसपास के गांव के लोगों की काफी भागीदारी रही। हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर जमा किसानों में सुखजीत सिंह, शरणजीत ने बताया कि लोगों का भरपूर सहयोग मिला है। पेंडू संघर्ष कमेटी चंडीगढ़ के प्रधान दलजीत सिंह पलसौरा और महासचिव गुरप्रीत सिंह सोमल, सचिव सुखजीत सिंह ने बताया कि लोगों के समर्थन से वे काफी उत्साहित हैं। 
 




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भारतीय किसान यूनियन चढूनी के चंडीगढ़ इकाई के उप प्रधान लाडी पन्नू ने बताया कि इस दौरान मोहाली के वाईपीएस चौक के पास जाम लगाया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत चंडीगढ़ इकाई के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप कुंडू ने भारत बंद में सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया है।

इन गांवों की रही भागीदारी
गांव मलोया, डड्डूमाजरा, धनास, सारंगपुर, खुड्डा लाहौरा और खुड्डा जस्सू के सभी सदस्य मुल्लांपुर बैरियर पर इकट्ठे हुए। इसके अलावा गांव खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला, किशनगढ़, मनीमाजरा, दड़वा, मौली, रायपुरकलां, मक्खन माजरा, रायपुरखुर्द, बहलाना, हल्लोमाजरा, कजहेड़ी, अटावा, बडहेड़ी, बुटेरला और पलसौरा के सभी सदस्य हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर एकत्र होकर जाम लगाया।


 

नहीं चलीं लंबे रूट की बसें, लोग रहे परेशान

भारत बंद के कारण लंबे रूट की बसें नहीं चलीं, जिससे यात्री परेशान रहे। सीटीयू ने ट्राइसिटी में 40 प्रतिशत बसों का ही संचालन किया। शाम 4 बजे के बाद ट्राइसिटी की बसों का संचालन हो सका। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह जीरकपुर तक बस चलाई गई लेकिन बाद में वहां पर रोड जाम हो गया। इस कारण फिर एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट तक बस सेवा चलाई गई। इसके बाद हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट को भी बंद कर दिया गया। मोहाली, खरड़, कुराली, न्यू चंडीगढ़ की बसें पूरी तरह प्रभावित रहीं। पंचकूला के लिए नाडा साहिब तक बस चली लेकिन यहां से बसें आगे नहीं चल पाईं। वहीं बस अड्डे पर भी सुबह सन्नाटा छाया रहा। वहीं कुछ लोगों को पैदल भी जाते देखा गया।

मुल्लांपुर में सिद्धू और चन्नी के पोस्टर फाड़े
किसान और उनके समर्थकों ने मुल्लांपुर बैरियर के पास पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पोस्टरों को फाड़ दिया। वहीं, दूसरी ओर अंबाला हाईवे पर रोड खाली होने के कारण लोगों ने डिवाइडर पर गाड़ी चढ़ाकर गलत दिशा में दौड़ाना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोककर स्लिप रोड से आने को कहा।

वकीलों ने दिया समर्थन, ठप रखा काम
किसानों के भारत बंद को जिला अदालत के वकीलों ने अपना समर्थन दिया। वकीलों ने कोर्ट रूम के अंदर पूरे दिन काम बंद रखा। सिर्फ सरकारी वकील पेशी के लिए कोर्ट रूम में दिखाई दिए। चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) के अध्यक्ष अधिवक्ता भाग सिंह ने बताया कि भारत बंद को लगभग सभी वकीलों ने समर्थन दिया। कोई भी कोर्ट रूम में नहीं गया था। वकीलों को कोर्ट रूम में सुनवाई के लिए नहीं जाने की अपील की थी, वकील अपने चैंबर में कामकाज के लिए आए थे। हालांकि ट्रांसपोर्ट सिस्टम ठप रहने की वजह से लोग भी अदालत में नहीं पहुंचे थे। 

हाईवे पर लगाया लंगर
जाम के कारण हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर कुछ ही देर में वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान दुकानें बंद होने से बस, ट्रक व अन्य गाड़ियों में बैठे लोगों की भूख प्यास से हालत खराब होने लगी। किसान समर्थकों ने यह देखते हुए तत्काल हाईवे पर ही लंगर लगा दिया।  

पंचकूला: हाईवे पर सन्नाटा, बाजार खुले-रौनक गायब   

भारत बंद के कारण जिले की सड़कों पर सोमवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कृषि कानूनों के विरोध में कालका-शिमला हाईवे पर पिंजौर-चंडीमंदिर टोल प्लाजा, पंचकूला-यमुनानगर मार्ग पर जलौली टोल प्लाजा के अलावा अन्य संपर्क मार्गों पर जाम लगाने से यातायात पूरी तरह ठप रहा। किसानों ने ट्रैक्टर अड़ाकर जाम लगा रखा था। 

लोगों को जाम खुलवाने के लिए किसान नेताओं से बहस करते देखा गया। अनेक लोग अस्पताल का कार्ड दिखाकर जाने की गुहार लगाते देखे गए। जिले में बाजार खुले रहे लेकिन बाजारों में चहल-पहल अन्य दिनों की अपेक्षा कम थी। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर 40 नाकों पर करीब एक हजार जवानों को तैनात किया था। 

बंद के मद्देनजर हरियाणा रोडवेज पंचकूला डिपो से लंबी और स्थानीय दूरी की सभी 70 बसों का संचालन बंद रहा। इसके अलावा तीन शताब्दी और दो एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस की एडवाइजरी का लोगों ने पालन किया। लोग हाईवे पर कम ही निकले। कालका, बरवाला, रायपुररानी, पिंजौर और मोरनी में बंद का असर कम ही देखने को मिला। 

पंचकूला से लगते राष्ट्रीय राजमार्ग पंचकूला-यमुनानगर (एनएच-344), जीरकपुर-कालका शिमला हाईवे (एनएच-5), पिंजौर-नालागढ (एनएच-21 ए) और अन्य छोटे-बड़े मार्गों पर किसानों ने जाम लगाया। इससे यातायात बाधित रहा और भारी वाहन सड़कों पर नजर नहीं आए। जाम के हालात सुबह 6 से शाम 4 बजे तक बने रहे। 

डीसीपी मोहित हांडा ने बताया कि सभी नागरिकों को पहले सूचित किया गया था। इस कारण जाम के हालात नहीं बने। पुलिस की तरफ से नाके लगाकर सभी जगह शांति व्यवस्था बनाई थी। किसानों के आंदोलन को देखते हुए नागरिक और पुलिस प्रशासन की तरफ से यात्रियों के लिए व्यापक प्रबंध थे। हरियाणा रोडवेज पंचकूला के जीएम विनेश कुमार के अनुसार बंद की वजह से 70 बसों का परिचालन नहीं हो पाया। इससे रोडवेज को करीब 1.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। 

यहां से ट्रैफिक हुआ डायवर्ट
पिंजौर से पंचकूला आने वाला ट्रैफिक चंडीगढ़ बद्दी सड़क की तरफ डायवर्ट किया गया ताकि चंडीगढ़ से लोग पंचकूला और मोहाली जा सकें। मौली साइड से त्रिलोकपुर, मट्टांवाला साइड ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। पिंजौर से पंचकूला आने के लिए थापली, मांदना से होकर नाडा गांव की तरफ ट्रैफिक रवाना किया गया था। कालका-जीरकपुर हाईवे पर चंडीमंदिर टोल, ओल्ड पंचकूला, सेक्टर-20 फ्लाईओवर पर किसानों ने रास्ता बंद किया था। पंचकूला-बरवाला हाईवे पर नग्गल टोल, कोट फ्लाईओवर का रास्ता भी बंद था। पिंजौर-नालागढ़ हाईवे को किसानों ने बंद किया था। 

मोहाली: सड़कों पर आवाजाही रही ठप, बाजारों में नहीं खुली दुकानें
मोहाली में बाजार पूरी तरह से बंद रहे। वहीं, सड़कों पर आवाजाही भी नामात्र रही। किसानों की ओर से सभी राष्ट्रीय और राज्य हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी करके आवाजाही बंद कर दी गई थी। ऐसे में सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक जहां वाहनों की ब्रेक लग गई थी, वहीं पर रुके रहे। इस दौरान केवल जरूरी वाहनों और इमरजेंसी सेवाओं को ही जाने दिया गया। एयरपोर्ट जाने वाले निजी वाहनों को किसानों ने नहीं जाने दिया। इसके बाद लोगों को पैदल ही जाना पड़ा। 

जानकारी के मुताबिक शहर में सुबह 4 बजे से किसान जुटना शुरू हो गए थे। करीब 6 बजे उन्होंने गाड़ियां, ट्रैक्टर आदि वाहन लगाकर आवाजाही पूरी तरह से रोक दी। इस दौरान सेक्टर-66 के बेस्टेक मॉल के बाहर पक्का मोर्चा लगाकर कर बैठे भारतीय किसान यूनियन कादियां मोहाली के सचिव मनिंदर सिंह ने बताया कि बंद के बावजूद सेक्टर-82 में कुछ महिला वर्कर वाली फैक्ट्रियों में काम चल रहा था, जिन्हें विनती करके बंद करवाया गया। साथ ही मोहाली मंडी बोर्ड के कुछ विभाग दरवाजा बंद करके अंदर काम कर रहे थे, युवा किसनों ने उन्हें 12 बजे तक बंद करवा दिया।

फेज-11 के सरकारी स्कूल भी बंद करवा दिए गए। उन्होंने बताया कि भारत बंद का समर्थन शांति से किया जा रहा है यहां आने वाली हर गाड़ी की चेकिंग की गई, ताकि भारत बंद को सफल बनाया जा सके। इसके लिए खास कर युवाओं की ड्यूटी लगाई गई थी। वहीं, चाय-पानी के साथ लंगर का भी बंदोबस्त किया गया। इसी तरह गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां सोहाना के बाहर से गुजर रहे एयरपोर्ट रोड पर भी किसानों ने प्रदर्शन किया। इसमें काफी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चें और युवा शामिल हुए। इसी तरह फेज 3/5 की लाइटों पर उद्योगपतियों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। इसके अलावा गोदरेज लाइट प्वाइंट, फेज-8, 9-10 लाइट प्वाइंट, आइसर लाइट प्वाइंट, वेरका चौक, फेज-1 और 6 में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस मुलाजिम तैनात रहे। वहीं, इमरजेंसी और जरूरी वाहनों को निकलने दिया गया।

सीएम सिटी 10 घंटे पूरी तरह रहा बंद
सीएम सिटी खरड़ में नेशनल हाईवे को करीब 10 घंटे के लिए जाम किया गया। इस दौरान चंडीगढ़ से लुधियाना नेशनल हाईवे और खरड़ से बनूड़ जा रही रोड पर आवाजाही बंद रही। किसानों ने खरड़ बस स्टैंड पर जाम लगाया। इस बंद में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हुई। 

कई युवाओं ने अपने दफ्तर से छुट्टी तक ले रखी थी। भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के जिला उप प्रधान जसपाल सिंह नियामियां, गुरमीत सिंह खूनीमाजरा, गुरनाम सिंह दाऊं और रविंदर सिंह देहकलां आदि ने कहा कि पिछले 10 महीनों से संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं की ओर से कृषि के तीनों नए कानूनों को लेकर देश भर के किसानों को साथ लेकर दिल्ली के बॉर्डरों पर संघर्ष किया जा रहा है। लेकिन केंद्र सरकार ने अपने कान बंद कर रखे हैं। इस कारण अब संघर्ष को और तेज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग किसानों के संघर्ष में शामिल हो रहा है।

कुराली में रही जाम की स्थिति
कुराली और ब्लॉक माजरी में भारत बंद को पूरा समर्थन मिला। इस दौरान किसानों ने कई जगहों पर चक्का जाम लगाकर रोष प्रदर्शन किया। जोमैटो फूड डिलीवरी करने वाले राकेश यादव ने बताया कि वे चंडीगढ़ से फूड डिलीवरी करने लिए मोहाली में दाखिल हुए लेकिन यहां हर मोड़ पर किसानों ने रास्ता बंद कर रखा था। 

वह भी किसानों का समर्थन करते हैं मोहाली से ऑर्डर मिला तो हम दो जोमैटो कर्मी ऑर्डर देने मोहाली पहुंचे लेकिन हर रास्ते से हमें वापस मोड़ दिया गया। काफी रास्तों पर घूमने के बाद और दो घंटों के इंतजार करने के बाद भी न तो ग्राहक ने ऑर्डर कैंसिल किया और न हम उन तक पहुंच पाए। ऐसे में कंपनी की ओर से नियम के मुताबिक 800 रुपये मेरे ही अकाउंट से काट लिए गए।

खरड़ में बड़े दुकानदारों ने आधा शटर खोल बेचा सामान
भले ही खरड़ में अधिकतर दुकानदारों ने भारत बंद की कॉल का समर्थन किया लेकिन नया शहर बडाला रोड पर एक नामी मिठाई की दुकान पर आधा शटर खोलकर पूरा दिन जमकर बिक्री चलती रही। जबकि उस एरिया की छोटी दुकानें बंद रहीं। ऐसी ही स्थिति फेज-3बी2 की मार्केट में भी देखने को मिली। फेज-5 में भी एक नामी शोरूम इसी तरह आधा शटर खोलकर चलता रहा।

सोमवार को भारतीय किसान मोर्चे की ओर से रखी गई भारत बंद की कॉल के दौरान जिले भर में शांति रहीं, कहीं कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। इस दौरान पुलिस ने पूरी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभाई और वहीं किसान नेताओं ने भी इमरजेंसी सेवाओं में कोई बाधा नहीं डाली। जिसमें एंबुलेंस और जिन लोगों को इमरजेंसी में काम से जाना था उन्हें जाने दिया गया। इसके लिए पुलिस विभाग और किसान नेताओं का धन्यवाद। - ईशा कालिया, डीसी जिला मोहाली।

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