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Hindi News ›   Chandigarh ›   bhagat singh grandson yadvendra sandhu about yakub menon

याकूब की फांसी पर शहीद भगत सिंह के पोते का बड़ा बयान

Sat, 01 Aug 2015 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 01 Aug 2015 09:06 AM IST
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bhagat singh grandson yadvendra sandhu about yakub menon

याकूब की फांसी रुकवाने के लिए देश के नामी वकील आधी रात को कोर्ट पहुंचते हैं। सैकड़ों जान लेने वाले मुंबई धमाकों के गुनहगार की फांसी पर देश में सियासी बवंडर मचा है। भगत सिंह के पौत्र यादवेंद्र सिंह सिंधु ने इसे देशवासियों और शहीदों के लिए पीड़ा की बात बताया है।

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उन्होंने सवाल उठाया है कि जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी जा रही थी तो महात्मा गांधी चुप रहे। अगर महात्मा गांधी सख्ती बरतते तो फांसी रुक सकती थी।
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यादवेंद्र सिंह सिंधु ने कहते हैं कि आज एक आतंकी के लिए देश के कुछ बुद्धिजीवी और राजनेता दुख जता रहे हैं, यह अफसोस की बात है। सिंधु शुक्रवार को शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर रोहतक में हुए एक कार्यक्रम में पहुंचे थे।

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अंहिसा के नुमाइंदे तब चुप क्यों थे?

bhagat singh grandson yadvendra sandhu about yakub menon

सिंधू ने सवाल उठाया कि अंहिसा के नाम पर इतना हल्ला क्यों मचा रहा है। जब भगत सिंह को फांसी दी गई तब भी अंहिसा के पुजारी गांधी चुप थे, जबकि भगत सिंह ने तो किसी की हत्या के लिए बम नहीं फेंका था।

सिंधु का आरोप है कि याकूब की फांसी रोकने की अपील करने वालों में गांधी के वंशज का नाम भी सामने आ रहा है। अब याकूब पर तो सैकड़ों बेगुनाहों की हत्या का आरोप है तो भी शोर मचाया जा रहा है।

15 अगस्त को शहीदों की वैधानिक सूची जारी करें मोदी
सिंधु ने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की है कि 15 अगस्त को वे आजादी की लड़ाई में शहीद हुए देशभक्तों की वैधानिक सूची जारी करें। पीएमओ कार्यालय तक से लगातार मांग की जा रही है।

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