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मोहालीः ससुराल में बेटी के रानी की तरह रहने का सपना चार महीने में टूटा, और वो अब लौट आई घर
Fri, 20 Sep 2019 04:11 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 20 Sep 2019 04:11 PM IST
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मनीला से सकुशल स्वदेश लौटी महिला बेटी के साथ
- फोटो : अमर उजाला
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एक परिवार ने अपनी बेटी की बड़े अच्छे घर में शादी की। सोचा था कि ससुराल वाले बेटी को रानियों की तरह रखेंगे। लेकिन चार महीनों बाद ही सपना टूट गया। जिस दामाद के साथ सात फेरे लेकर बेटी को विदा किया था, वह ही उसका दुश्मन बन गया। मनीला में ले जाकर उसे तंग करने लगा।
बेटी और दोहती को जान से मारने वाले वीडियो भेजकर पैसे की मांग करने लगा। परिवार ने इसके लिए अपनी संपत्ति तक दांव पर लगा दी लेकिन वह नहीं सुधरा। ऐसे ही एक युवती व उसकी बेटी को हेल्पिंग हैपलेस संस्था के प्रयास से मनीला से अपने देश लाया गया है। दोनों अब सकुशल हैं। वहीं, परिवार में भी खुशी का माहौल है।
इस बारे में संस्था की प्रमुख अनमनजोत कौर रामूवालिया ने बताया कि जगराओं निवासी चरणजीत कौर का विवाह कुछ समय पहले हुआ था। विवाह के कुछ दिन तक तो सब कुछ ठीक चलता रहा। शादी के चार महीने के बाद उसका पति उसे मनीला ले गया। पेरेंट्स ने सोचा कि बेटी विदेश पहुंच गई लेकिन यहीं से उसके लिए मुश्किलों का सिलसिला शुरू हो गया।
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उसने वहां से चरणजीत कौर के पेरेंट्स से पैसे मांगने शुरू कर दिए। पैसे न मिलने पर उसे पीटता था। इस बीच उनके घर में एक बेटी ने जन्म लिया। चरणजीत कौर को लगा कि शायद सब ठीक हो जाएगा लेकिन फिर भी उनके रिश्ते मधुर नहीं हो पाए।
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बेटी और दोहती को जान से मारने वाले वीडियो भेजकर पैसे की मांग करने लगा। परिवार ने इसके लिए अपनी संपत्ति तक दांव पर लगा दी लेकिन वह नहीं सुधरा। ऐसे ही एक युवती व उसकी बेटी को हेल्पिंग हैपलेस संस्था के प्रयास से मनीला से अपने देश लाया गया है। दोनों अब सकुशल हैं। वहीं, परिवार में भी खुशी का माहौल है।
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इस बारे में संस्था की प्रमुख अनमनजोत कौर रामूवालिया ने बताया कि जगराओं निवासी चरणजीत कौर का विवाह कुछ समय पहले हुआ था। विवाह के कुछ दिन तक तो सब कुछ ठीक चलता रहा। शादी के चार महीने के बाद उसका पति उसे मनीला ले गया। पेरेंट्स ने सोचा कि बेटी विदेश पहुंच गई लेकिन यहीं से उसके लिए मुश्किलों का सिलसिला शुरू हो गया।
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उसने वहां से चरणजीत कौर के पेरेंट्स से पैसे मांगने शुरू कर दिए। पैसे न मिलने पर उसे पीटता था। इस बीच उनके घर में एक बेटी ने जन्म लिया। चरणजीत कौर को लगा कि शायद सब ठीक हो जाएगा लेकिन फिर भी उनके रिश्ते मधुर नहीं हो पाए।
इसके बाद चरणजीत कौर का पति और खतरनाक हो गया। उसने चरणजीत कौर और उसकी बेटी का वीडियो बनाकर भेजने शुरू कर दिए। साथ ही धमकियां देने लगा कि उसे पैसे भेजे जाएं वरना वह उनकी बेटी और दोहती को मार देगा। परिवार दहशत में आ गया।
बेटी को दहेज देने के लिए परिवार ने अपनी सारी प्रापर्टी तक बेच डाली। जब हालात में कोई सुधार नहीं हुआ तो लड़की के पेरेंट्स ने संस्था हेल्पिंग हैपलेस से संपर्क करके उन्हें सारी बात बताई। इसके बाद मनीला स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करके संस्था दोनों को वहां लाई।
पासपोर्ट की गलती बन गई मुसीबत
अमनजोत कौर रामूवालिया ने बताया कि चरणजीत कौर व उसके बेटी के भारतीय दूतावास में आने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुईं क्योंकि बच्ची के सर्टिफिकेट पर नाम गलत था। ऐसे में उसका भारत आना संभव नहीं था। इसके बाद बच्ची के पासपोर्ट में नाम ठीक करवाकर उसे दिया गया। इसके बाद हवाई टिकटों का प्रबंध करके उसे स्वदेश लाया गया।
चरणजीत कौर ने किया संस्था का धन्यवाद
वीरवार को युवती संस्था के दफ्तर पहुंची। उसके परिवार ने अमनजोत कोर रामूवालिया व हेल्पिंग हैपलेस संस्था का विशेष रूप से धन्यवाद किया। इस मौके डॉ. हरमेल सिंह, अरविंदर भुल्लर, अनमोल चक्कल व अमृतपाल भी मौजूद थे।
बेटी को दहेज देने के लिए परिवार ने अपनी सारी प्रापर्टी तक बेच डाली। जब हालात में कोई सुधार नहीं हुआ तो लड़की के पेरेंट्स ने संस्था हेल्पिंग हैपलेस से संपर्क करके उन्हें सारी बात बताई। इसके बाद मनीला स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करके संस्था दोनों को वहां लाई।
पासपोर्ट की गलती बन गई मुसीबत
अमनजोत कौर रामूवालिया ने बताया कि चरणजीत कौर व उसके बेटी के भारतीय दूतावास में आने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुईं क्योंकि बच्ची के सर्टिफिकेट पर नाम गलत था। ऐसे में उसका भारत आना संभव नहीं था। इसके बाद बच्ची के पासपोर्ट में नाम ठीक करवाकर उसे दिया गया। इसके बाद हवाई टिकटों का प्रबंध करके उसे स्वदेश लाया गया।
चरणजीत कौर ने किया संस्था का धन्यवाद
वीरवार को युवती संस्था के दफ्तर पहुंची। उसके परिवार ने अमनजोत कोर रामूवालिया व हेल्पिंग हैपलेस संस्था का विशेष रूप से धन्यवाद किया। इस मौके डॉ. हरमेल सिंह, अरविंदर भुल्लर, अनमोल चक्कल व अमृतपाल भी मौजूद थे।