{"_id":"fb49df6f78c92351f07a24e4d2db6d14","slug":"best-therapies-for-arthrities-read-this-study","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टडीः ये हैं घुटने के दर्द से निजात के लिए बेस्ट थैरेपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टडीः ये हैं घुटने के दर्द से निजात के लिए बेस्ट थैरेपी
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 16 Jul 2014 02:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घुटने के दर्द को दूर करने के लिए फिजियोथैरेपी चार अलग-अलग थैरेपी का इस्तेमाल करते हैं। पहली एक्सरसाइज, दूसरी अल्सरसेनिक थैरेपी (अल्ट्रासोनिक किरणें), तीसरी पल्स्ड थैरेपी (हीटिंग इफेक्ट) व चौथी इंटरफेरेंशियल थैरेपी (करेंट का प्रयोग) से मरीजों को राहत दी जाती है।
विज्ञापन
अक्सर मरीज व डाक्टर पसोपेश में रहते हैं कि चारों में से बेस्ट थैरेपी कौन सी है, जिससे फायदा पहुंच जाए, डाक्टर उसी को बेस्ट मानने लगते थे। बार-बार थैरेपी बदलने से मरीजों को ही परेशानी आती थी। अब पीजीआई ने मरीजों की परेशानी का हल ढूंढ निकाला है।
विज्ञापन
संस्थान के डिपार्टमेंट आफ फिजिकल एंड रिहैबिलिटेशन मेडिसिन ने चारों में से बेस्ट थैरेपी कौन है, इससे जानने के लिए एक स्टडी की। स्टडी में बड़ा रोचक तथ्य निकल कर आया कि चारों का असर बराबर है। यदि कोई मरीज सिर्फ एक्सरसाइज ही करता है तो उसके भी घुटने का दर्द दूर हो गया।
विज्ञापन
यदि कोई मरीज अल्सरसेनिक थैरेपी का इस्तेमाल करता है तो उसके घुटने का भी दर्द दूर हो जाएगा। इस रिसर्च से यह बात साबित हो गई कि सभी थैरेपी का काम एक सामान है। परिणाम भी बराबर है।
अब मरीज व डाक्टर पर तय करने के लिए स्वतंत्र हैं कि कौन सी थैरेपी का इस्तेमाल वे करना चाहते हैं। इंडियन जरनल आफ फिजियोथैरेपी एंड आकूपेस्नल थैरेपी ने भी इस स्टडी को प्रकाशित किया है।
घुटनों के दर्द के 200 मरीजों को शामिल किया
पीजीआई के सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट डा. बिबेक अध्या ने बताया कि 50-50 मरीजों के चार ग्रुप ए, बी, सी, डी बनाए गए। पहले सभी ग्रुप को एक्सरसाइज की थैरेपी दी गई। फिर ग्रुप ए को अल्सरसेनिक थैरेपी, ग्रुप बी को पल्स्ड थैरेपी व ग्रुप सी को इंटरफेरेंशियल थैरेपी दी गई। ग्रुप डी को एक्सरसाइज के अलावा कोई भी अन्य थैरेपी नहीं दी गई। छह हफ्ते बाद जब रिजल्ट देखे गए थे तो चारों ग्रुप के मरीजों के घुटने का दर्द छू मंतर हो गया।
ये हैं विभिन्न प्रकार की थैरेपी
अल्ट्रासोनिक थैरेपी: इसमें मरीजों को अल्ट्रासोनिक किरणें दी जाती हैं। इससे दर्द दूर होता है और हीलिंग भी होती है।
इंटरफेरेंशियल थैरेपी: इसमें मरीजों को दो मीडियम का इस्तेमाल कर लो फ्रिक्वेंसी का करेंट देकर दर्द से निजात दिलाई जाती।
पल्स्ड डायोथरमी: इसमें मरीजों को हीट दी जाती है, लेकिन उन्हें हीट का अनुभव नहीं होता। इससे भी दर्द होता है और मरीजों को राहत मिलती है।
ऐसे रखें घुटने को मेन्टेन
- रेगुलर एक्सरसाइज करें
- मोटापे को दूर रखे
- शुगर को कंट्रोल में रखें
- घुटने मोड़ने वाले काम कम से कम करें
- 45 साल के बाद डाक्टर से राय लेते रहे
चारों थैरेपी का असर एक सामान है। कोई भी किसी से कम नहीं है। हमने यही जानने की कोशिश की थी कि इनमें से कौन सी बेस्ट है? डाक्टर व मरीज कोई भी थैरेपी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
डा. बिबेक अध्या, सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट, पीजीआई