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Haryana News: निजी क्षेत्र में हरियाणा के निवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण मामले में फिर से गठित होगी बेंच

Mon, 07 Nov 2022 10:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 07 Nov 2022 10:44 PM IST
सार

जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में जो खंडपीठ विस्तार से सुनवाई कर चुकी है वही इसे सुने तो ज्यादा बेहतर रहेगा। ऐसे में कोर्ट ने इस केस को नई बेंच निर्धारित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया है।

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Bench will be re-form in 75 percent reservation to locals in Haryana in private sector
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निजी क्षेत्र की नौकरियों में हरियाणा के लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी हरियाणा सरकार की नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट एक बार फिर से सुनवाई आरंभ करेगा। इससे पहले इस कानून को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने 17 मार्च को फैसला सुरक्षित रखा था। जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने कहा कि जस्टिस एजी मसीह व जस्टिस संदीप मोदगिल की खंडपीठ इस मामले में विस्तार से सुनवाई कर चुके हैं ऐसे में बेहतर होगा कि उन्हीं की बेंच इस मामले को सुने। अब दोबारा इस मामले में चार नवंबर से सुनवाई शुरू होगी।

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हाईकोर्ट ने इस मामले में औद्योगिक संगठनों से कुछ स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने एक कानूनी बिंदु पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम गुप्ता से अधिनियम के संदर्भ में संविधान के अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21 के बीच संबंध के मुद्दे पर को स्पष्ट करने को कहा है। आईएमटी मानेसर व अन्य ने रोजगार अधिनियम 2020 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। 
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार इस मामले में हाईकोर्ट को 16 मार्च 2022 तक फैसला लेना था। तीन फरवरी को राज्य में कानून के लागू करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर आरोप लगाया था कि उनको सुने बगैर यह आदेश पारित किया गया है। 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण न देने पर कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर रोक लगाते हुए आरक्षण पर रोक के आदेश को रद्द कर दिया था। 
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हाईकोर्ट में नए जज आने के बाद रोस्टर बदलने के चलते जस्टिस एजी मसीह व जस्टिस विक्रम अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष मामला सुनवाई के लिए पहुंचा था। जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में जो खंडपीठ विस्तार से सुनवाई कर चुकी है वही इसे सुने तो ज्यादा बेहतर रहेगा। ऐसे में कोर्ट ने इस केस को नई बेंच निर्धारित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया है।

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