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बहिबल गोलीकांड: मुख्यारोपी पूर्व एसएसपी पहुंचा हाईकोर्ट, याचिका- सुनवाई हरियाणा या चंडीगढ़ में हो
Thu, 05 Dec 2019 12:10 PM IST
खुशबू गोयल
राजीव शर्मा, अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
राजीव शर्मा, अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 05 Dec 2019 12:10 PM IST
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
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बहिबल गोलीकांड मामले में मुख्य आरोपी ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करके केस का ट्रायल फरीदकोट से बाहर हरियाणा या चंडीगढ़ में चलाने की मांग की है। बरगाड़ी बेअदबी से जुड़े इस मामले की जांच करने वाली एसआईटी द्वारा केस के मुख्य आरोपी व मोगा के पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है और इस केस का फरीदकोट के जिला व सेशन जज हरपाल सिंह की अदालत में ट्रायल शुरू हो चुका है। इस बीच यह याचिका दायकर की गई।
हाईकोर्ट ने इस याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की है। बहिबल गोलीकांड की घटना 14 अक्टूबर 2015 को हुई थी। पुलिस की फायरिंग में दो सिख नौजवानों की मौत हो गई थी। इस घटना को मचे बवाल के बाद घटना के एक सप्ताह बाद 21 अक्टूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। पिछले साल जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, उनके रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, तत्कालीन एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह व उस समय के थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया और मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई।
एसआईटी ने अपनी पड़ताल के बाद उक्त केस में पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था और उनके खिलाफ अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है। बाकी तीनों पुलिस अधिकारियों को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है। इन दिनों जिला अदालत में चल रहे केस के ट्रायल के दौरान पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा पर आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है और मामले की सुनवाई 5 दिसंबर को होने वाली है।
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इसी बीच आरोपी पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा ने अपने वकील एपीएस देओल के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर करके केस का ट्रायल को राज्य से बाहर चलाने की मांग की है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में पूर्व एसएसपी ने तर्क दिया है कि यह केस श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी मामले से जुड़ा है और केस की सुनवाई के दौरान फरीदकोट में अक्सर ही तनाव का माहौल पैदा हो जाता है। ऐसे में मामले की संवेदनशीलता व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केस को जिला फरीदकोट से बाहर हरियाणा या चंडीगढ़ में चलाया जाना चाहिए।
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हाईकोर्ट ने इस याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की है। बहिबल गोलीकांड की घटना 14 अक्टूबर 2015 को हुई थी। पुलिस की फायरिंग में दो सिख नौजवानों की मौत हो गई थी। इस घटना को मचे बवाल के बाद घटना के एक सप्ताह बाद 21 अक्टूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। पिछले साल जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, उनके रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, तत्कालीन एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह व उस समय के थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया और मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई।
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एसआईटी ने अपनी पड़ताल के बाद उक्त केस में पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था और उनके खिलाफ अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है। बाकी तीनों पुलिस अधिकारियों को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है। इन दिनों जिला अदालत में चल रहे केस के ट्रायल के दौरान पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा पर आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है और मामले की सुनवाई 5 दिसंबर को होने वाली है।
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इसी बीच आरोपी पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा ने अपने वकील एपीएस देओल के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर करके केस का ट्रायल को राज्य से बाहर चलाने की मांग की है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में पूर्व एसएसपी ने तर्क दिया है कि यह केस श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी मामले से जुड़ा है और केस की सुनवाई के दौरान फरीदकोट में अक्सर ही तनाव का माहौल पैदा हो जाता है। ऐसे में मामले की संवेदनशीलता व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केस को जिला फरीदकोट से बाहर हरियाणा या चंडीगढ़ में चलाया जाना चाहिए।