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नेकचंद डे से पहले बढ़ी रॉक गार्डन की टिकट, जानिए अब क्या चुकानी होगी कीमत 

Wed, 07 Dec 2016 01:20 PM IST
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 07 Dec 2016 01:20 PM IST
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Before the rise of rock garden Nekchand Day tickets, will pay the price Know Now
रॉक गार्डेन - फोटो : file photo

15 दिसंबर को नेकचंद की 92वीं जयंती से पहले रॉक गार्डन की टिकट महंगी हो गई है। अब रॉक गार्डन देखने के लिए 10 रुपये अधिक चुकाने होंगे। प्रशासन ने बड़ों के लिए टिकट 20 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये कर दी है। 

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बच्चों की टिकट भी महंगी हो गई है। पहले जहां 5 रुपये लगते थे, वहीं अब 10 रुपये देने होंगे। कई दिन से बढ़े रेट के हिसाब से ही टिकट दी जा रही है। टिकट का रेट बढ़ाने का कारण रॉक गार्डन की डेवलपमेंट बताई जा रही है।
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दरअसल रॉक गार्डन में फेज-3 को बनाने और कई अन्य म्यूजियम बनाने का काम चल रहा है। कर्मचारियों की सैलरी और सालभर चलने वाले कार्यों के लिए ही बजट की जरूरत रहती है। इन सब चीजों को देखते हुए टिकट के रेट बढ़ाए गए हैं।
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नेकचंद की शिकायत के बाद काम ने पकड़ी थी रफ्तार
रॉक गार्डन को चंडीगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने और विदेशों से भी रोजाना 4 हजार से अधिक पर्यटक देखने आते हैं। गणतंत्र दिवस की परेड में भी रॉक गार्डन की झांकी शामिल हो चुकी है। वेस्ट से बेस्ट बनाने की यह अद्भुत कहानी पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है। 

रॉक गार्डन में वर्षों से अधूरे कामों को पूरा करने के लिए कुछ माह से तेजी से चल रही है। हालांकि रॉक गार्डन के निर्माता पद्म श्री नेकचंद सैनी अपने जीते जी कई बार अधूरे कार्यों के लिए प्रशासन से सहयोग न मिलने की बात उजागर कर चुके थे, लेकिन उनकी शिकायत के बाद से ही काम तेजी से शुरू हो गया था।

बदला-बदला नजर आएगा रॉक गार्डन

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रॉक गार्डन - फोटो : फाइल फोटो
रॉक गार्डन में फेज-3 का काम जोरों से चल रहा है। औसत 30 रुपये की रोजाना 3 हजार टिकट भी बिकती हैं तो प्रतिदिन 90 हजार रुपये और मासिक करीब 27 लाख रुपये जुटते हैं, लेकिन इस राशि का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों की सैलरी पर खर्च हो जाता है, जिस कारण अलग से ग्रांट की जरूरत रहती है।

बदला-बदला नजर आएगा रॉक गार्डन
फेज-3 का काम पूरा होने का नेकचंद का सपना 15 दिसंबर को मनाई जाने वाली उनकी जयंती से पहले पूरा हो जाएगा। उनकी जयंती को प्रशासन नेकचंद डे के रूप में मना रहा है। नेकचंद डे पर रॉक गार्डन नए अंदाज में नजर आएगा।

फेज-3 में कई नई गैलरी बनाई गई हैं, जिन्हें उस दिन पब्लिक के लिए खोला जाएगा। यहां रैक डॉल्स का एक म्यूजियम होगा। नेकचंद ने 70 के दशक में रैक डॉल्स बनाना शुरू किया था। इसके लिए उन्होंने टेलर से वेस्ट कपड़े इकट्ठे किए थे, जिनसे यह डॉल्स बनानी शुरू की। 

नेकचंद ने करीब 150 डॉल्स बनाई थीं। रॉक गार्डन में अभी जहां लाफिंग मिरर लगे हैं, उन्हें वहां से शिफ्ट किया जा रहा है। इनकी नई गैलरी तैयार हो रही है। नए फिश एक्वीरियम भी तैयार किए जा रहे हैं। 

अभी जहां लाफिंग मिरर लगे हैं, इसी जगह पर नए फिश एक्वीरियम लगाए जा रहे हैं। नेकचंद गैलरी भी बनाई गई है। इसमें नेकचंद से जुड़ी अहम चीजें देखने को मिलेंगी। इस गैलरी के जरिए लोगों को नेकचंद की जिंदगी को जानने का मौका मिलेगा।
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