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15 गोल्ड जीत चुकी बॉक्सर को बनना है वर्ल्ड चैंपियन, टिकट के पैसे नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
Updated Thu, 25 Aug 2016 09:42 AM IST
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Kusum Boxing
- फोटो : Amar Ujala
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रियो ओलंपिक में पदक जीत चुकी साक्षी पर पैसों की बारिश हो रही है, वहीं एक बेटी के पास वर्ल्ड चैंपियनशिप में जाने के लिए टिकट के पैसे तक नहीं हैं। हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ के गोयला कलां निवासी गुलाब की बेटी कुसुम नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर 15 गोल्ड मेडल जीत चुकी है और अगले महीने कोरिया में होने वाली चैम्पियनशिप की तैयारी में मेहनत कर रही है।
प्रतियोगिता में कुसुम हरियाणा से एकमात्र खिलाड़ी है और वह 60 किग्रा भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेगी।अपनी बेटी कुसुम को इंटरनेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कोरिया भेजने के लिए उसके पिता गुलाब पैसों का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं।
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प्रतियोगिता में कुसुम हरियाणा से एकमात्र खिलाड़ी है और वह 60 किग्रा भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेगी।अपनी बेटी कुसुम को इंटरनेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कोरिया भेजने के लिए उसके पिता गुलाब पैसों का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं।
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बिना सुविधाओं के जीते हैं मेडल
Kusum Boxing
- फोटो : Amar Ujala
बॉक्सिंग में 15 गोल्ड मेडल जीत चुकी कुसुम ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर लड़कियों के लिए कोई खेल सुविधाएं नहीं है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अपने खर्चे पर ही जाना पड़ता है। पहले भी उसके मां-बाप अपने खर्चे पर ही उसे प्रतियोगिताओं में ले जाते हैं।
कुसुम के कोच जसवंत सिंह का कहना है कि दुल्हेड़ा के जय माडर्न स्कूल की 11वीं की छात्रा कुसुम पहले पढ़ाई करती है उसके बाद ढाई घंटे गांव के स्टेडियम में प्रैक्टिस करती है। कुसुम के पिता गुलाब ने बताया कि उसकी छोटी सी इलेक्ट्रानिक की दुकान है। बेटी कोरिया से भी गोल्ड जीतकर लाएगी, इसलिए वे किसी भी कीमत पर बेटी को वहां भेजने के लिए पैसों के इंतजाम में लगे हुए हैं।
कुसुम के कोच जसवंत सिंह का कहना है कि दुल्हेड़ा के जय माडर्न स्कूल की 11वीं की छात्रा कुसुम पहले पढ़ाई करती है उसके बाद ढाई घंटे गांव के स्टेडियम में प्रैक्टिस करती है। कुसुम के पिता गुलाब ने बताया कि उसकी छोटी सी इलेक्ट्रानिक की दुकान है। बेटी कोरिया से भी गोल्ड जीतकर लाएगी, इसलिए वे किसी भी कीमत पर बेटी को वहां भेजने के लिए पैसों के इंतजाम में लगे हुए हैं।