{"_id":"3a15949cfb6e2fa2cdd8069f2c9e5507","slug":"be-allert-from-chemicalfull-colours","type":"story","status":"publish","title_hn":"होली खेलें, पर संभल कर... कहीं ‘दाग’ न लग जाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होली खेलें, पर संभल कर... कहीं ‘दाग’ न लग जाए
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Sun, 16 Mar 2014 09:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होली का हुड़दंग शुरू हो गया है। होली के दिन इसकी मस्ती और चढ़ेगी, लेकिन इस जोश के बीच अपनी त्वचा व बाल का ख्याल रखना नहीं भूलें। आपकी जरा सी लापरवाही आपकी सुंदरता में दाग लगा सकती है।
बालों के प्रति भी रहें सावधान
रंगों के केमिकल से बचने के लिए लोग शरीर को तो पूरे कपड़े से ढंक लेते हैं, लेकिन बालों को खुला ही छोड़ देते हैं। उन्हें पता नहीं होता कि बालों के सेल्स के कुछ सेंसिटिव फेज होते हैं, जिन पर केमिकल पड़ते ही आपके बाल दो से तीन गुना रफ्तार से झड़ने लगते हैं।
बालों के सेंसिटिव फेज
एनोजम फेज : इसमें बाल चार साल तक ग्रोथ करता है।
कैटजन फेज : यह ट्रांजिशनल फेज है। इसमें बाल का लोवर पार्ट दो सप्ताह के अंदर डिस्ट्रॉय हो जाता है।
टिलोजन फेज : इसे रेस्टिंग फेज कहते हैं। इसमें छह सप्ताह तक सेल्स आराम करते हैं। उसके बाद फिर से एनोजम फेज में एंटर कर जाते है। इसके अलावा जो बाल कैटजम फेज में नहीं झड़ते, वे बाल इस फेेज में झड़ जाते हैं।
विज्ञापन
बालों के जरिए त्वचा तक रोग
रंगों का केमिकल बालों के सेल्स तक पहुंचकर स्किन डिजीज का रूप ले लेता है और केमिकल एक्सपोज होते ही वह प्री मेच्योरली सेडिंग फेज में कन्वर्ट हो जाता है। उसके बाद कैटजन और टिलोजन फेज में चला जाएगा। इस बीमारी को टिलोजम एफ्लुबियम कहते हैं।
किसी इंसान के एक दिन में 80-100 बाल झड़ते हैं, लेकिन केमिकल एक्सपोज के कारण उगने वाले नए बालों के अन्य बालों के मुकाबले झड़ने की संख्या दो से तीन गुना बढ़ जाती है।
ऐसे बचें केमिकल वाले रंगों से
स्किन पर बैरियर क्रीम, सन स्किन लोशन (एसपीएफ 15 से अधिक हो), नारियल तेल लगाएं।
महिलाएं नेल पेंट लगाकर रंग खेलें तो नाखून सुरक्षित रहेगा।
बालों पर सॉवर कैप्स पहनें।
आंखों पर सन ग्लास लगाएं।
टाइट कपड़ा पहनने से परहेज करें।
सिंथेटिक कपड़ा बिल्कुल न पहनें।
सॉक्स और शूज जरूर पहनें।
इनसे करें परहेज
मेकअप करके होली न खेलें।
रंग खेलने से तीन दिन पहले तक डाई परमानेंट हेयर कलर न लगाएं।
इन रंगों से बचें
काला, लाल, डार्क ग्रीन, चमकीला रंग (इनमें मिला माइका डस्ट नुकसानदायक है।
विज्ञापन
बालों के प्रति भी रहें सावधान
रंगों के केमिकल से बचने के लिए लोग शरीर को तो पूरे कपड़े से ढंक लेते हैं, लेकिन बालों को खुला ही छोड़ देते हैं। उन्हें पता नहीं होता कि बालों के सेल्स के कुछ सेंसिटिव फेज होते हैं, जिन पर केमिकल पड़ते ही आपके बाल दो से तीन गुना रफ्तार से झड़ने लगते हैं।
विज्ञापन
बालों के सेंसिटिव फेज
एनोजम फेज : इसमें बाल चार साल तक ग्रोथ करता है।
कैटजन फेज : यह ट्रांजिशनल फेज है। इसमें बाल का लोवर पार्ट दो सप्ताह के अंदर डिस्ट्रॉय हो जाता है।
टिलोजन फेज : इसे रेस्टिंग फेज कहते हैं। इसमें छह सप्ताह तक सेल्स आराम करते हैं। उसके बाद फिर से एनोजम फेज में एंटर कर जाते है। इसके अलावा जो बाल कैटजम फेज में नहीं झड़ते, वे बाल इस फेेज में झड़ जाते हैं।
विज्ञापन
बालों के जरिए त्वचा तक रोग
रंगों का केमिकल बालों के सेल्स तक पहुंचकर स्किन डिजीज का रूप ले लेता है और केमिकल एक्सपोज होते ही वह प्री मेच्योरली सेडिंग फेज में कन्वर्ट हो जाता है। उसके बाद कैटजन और टिलोजन फेज में चला जाएगा। इस बीमारी को टिलोजम एफ्लुबियम कहते हैं।
किसी इंसान के एक दिन में 80-100 बाल झड़ते हैं, लेकिन केमिकल एक्सपोज के कारण उगने वाले नए बालों के अन्य बालों के मुकाबले झड़ने की संख्या दो से तीन गुना बढ़ जाती है।
ऐसे बचें केमिकल वाले रंगों से
स्किन पर बैरियर क्रीम, सन स्किन लोशन (एसपीएफ 15 से अधिक हो), नारियल तेल लगाएं।
महिलाएं नेल पेंट लगाकर रंग खेलें तो नाखून सुरक्षित रहेगा।
बालों पर सॉवर कैप्स पहनें।
आंखों पर सन ग्लास लगाएं।
टाइट कपड़ा पहनने से परहेज करें।
सिंथेटिक कपड़ा बिल्कुल न पहनें।
सॉक्स और शूज जरूर पहनें।
इनसे करें परहेज
मेकअप करके होली न खेलें।
रंग खेलने से तीन दिन पहले तक डाई परमानेंट हेयर कलर न लगाएं।
इन रंगों से बचें
काला, लाल, डार्क ग्रीन, चमकीला रंग (इनमें मिला माइका डस्ट नुकसानदायक है।