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बैंकों की एक दिन की हड़ताल पड़ गई भारी
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 19 Dec 2013 11:02 AM IST
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सिटी ब्यूटीफुल के बैंकों में कामकाज बंद होने की वजह से बुधवार को लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंकों में कोई कामकाज नहीं हुआ और चेक भी क्लियर नहीं हो सके।
चंडीगढ़ में बैंकों के करीब दस हजार से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी स्ट्राइक पर रहे। सेक्टर-17 के बैंक स्क्वैयर में रैली की गई। इसमें केंद्र सरकार से वेतन वृद्धि और फाइव डे वर्किंग के मुद्दों को शामिल किया गया।
चंडीगढ़ के बैंकों में इसकी वजह से काम काज नहीं हो सका। स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव संजीव कुमार बंदलिश ने कहा कि दस हजार कर्मचारियों के स्ट्राइक पर जाने से कामकाज ठप रहा।
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न तो किसी का खाता खुला न ही चेक क्लीयर हुए। बैंक की ट्रेजरी ब्रांच भी बंद रही। सेक्टर-17 के बैंक स्क्वेयर में करीब ढाई हजार लोगों ने नारेबाजी की। इस स्ट्राइक में प्रमुख बैंक की शाखाएं शामिल रहीं।
एक दिन की स्ट्राइक ने कस्टमर्स की मुश्किलें बढ़ाने के साथ ही बैंक को भी तगड़ा झटका दिया। इससे करीब 510 करोड़ का फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन नहीं हो सका।
इसमें चेक क्लियरिंग से लेकर नगद जमा, भुगतान, आरटीजीएस शामिल रहे। 31 दिसंबर की वजह से इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स भरने वालों का काम भी प्रभावित रहा।
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चंडीगढ़ में बैंकों के करीब दस हजार से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी स्ट्राइक पर रहे। सेक्टर-17 के बैंक स्क्वैयर में रैली की गई। इसमें केंद्र सरकार से वेतन वृद्धि और फाइव डे वर्किंग के मुद्दों को शामिल किया गया।
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चंडीगढ़ के बैंकों में इसकी वजह से काम काज नहीं हो सका। स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव संजीव कुमार बंदलिश ने कहा कि दस हजार कर्मचारियों के स्ट्राइक पर जाने से कामकाज ठप रहा।
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न तो किसी का खाता खुला न ही चेक क्लीयर हुए। बैंक की ट्रेजरी ब्रांच भी बंद रही। सेक्टर-17 के बैंक स्क्वेयर में करीब ढाई हजार लोगों ने नारेबाजी की। इस स्ट्राइक में प्रमुख बैंक की शाखाएं शामिल रहीं।
एक दिन की स्ट्राइक ने कस्टमर्स की मुश्किलें बढ़ाने के साथ ही बैंक को भी तगड़ा झटका दिया। इससे करीब 510 करोड़ का फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन नहीं हो सका।
इसमें चेक क्लियरिंग से लेकर नगद जमा, भुगतान, आरटीजीएस शामिल रहे। 31 दिसंबर की वजह से इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स भरने वालों का काम भी प्रभावित रहा।