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लॉकडाउन में नौकरी गई तो नशा पूरा करने को किया यह..
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चंडीगढ़। सेक्टर-61 स्थित चंडीगढ़ स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक में बीते सोमवार को हुई 8.65 लाख की लूट का खुलासा पुलिस ने 72 घंटे में कर दिया। पुलिस ने वारदात में मोहाली निवासी आरोपी हरजोत सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी से लूटी गई रकम में से 8.48 लाख रुपये, कार और खिलौना पिस्टल बरामद की गई है।
वीरवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने दावा किया कि लॉकडाउन के दौरान हरजोत सिंह की नौकरी चली गई थी। वह एक दवा कंपनी में मार्केटिंग की नौकरी करता था। नशे का आदी होने के कारण उसे पैसे की तंगी हो गई। उसके बाद उसने बैंक लूटने की योजना बनाई। लूट के दौरान उसने प्लास्टिक की खिलौना पिस्टल इस्तेमाल किया था। हरजोत के घर से बैंक मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस वजह से उसे बैंक के सुरक्षा हालात और माहौल के बारे में सबकुछ पता था। पुलिस ने उसके पास से लूटी गई रकम बरामद कर ली है। रकम में 17 हजार रुपये कम है, जो उसने नशे पर खर्च कर दिए हैं। पुलिस ने उसे दो दिन के रिमांड पर लिया है।
हाथ कांप रहे थे, इसलिए लगा सुराग
लूट के बाद बैंक कर्मियों ने पुलिस को बताया कि वारदात के दौरान लुटेरे के हाथ कांप रहे थे। अकेले वारदात को अंजाम देने से पुलिस को शक हुआ कि आरोपी नशे का आदी हो सकता है। पुलिस ने आसपास के सभी नशेड़ियों की सूची बनाई। साथ ही लूट के बाद आसपास के चौक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकाली। उनमें से पुलिस को कई संदिग्ध गाड़ियां नजर आई। उन गाड़ियों के वर्तमान मालिकों के बारे में पुलिस ने छानबीन की। इसमें पता चला कि सफेद रंग की स्विफ्ट कार का मालिक नशे का आदी है और वह बैंक के करीब भी रहता है। शक के आधार पर जब पुलिस उसके घर पहुंची तो खाकी को देखकर उसके होश उड़ गए। सख्ती से पूछताछ में उसने लूट की वारदात कबूल ली।
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फिल्म देखकर की वारदात
जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। बैंक में लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले उसने फिल्म देखी थी। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि बी-फार्मेसी की पढ़ाई करने के बाद हरजोत एक निजी कंपनी में मार्केटिंग की जॉब कर रहा था लेकिन लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई। आरोपी प्रतिबंधित सिरप को नशे के लिए इस्तेमाल करता था, जिसका रोजाना का खर्चा 400 से 500 रुपये तक था। नौकरी जाने के बाद उसकी कमाई बंद हो गई और नशे के लिए सिरप खरीदने के लिए वह पैसों की तंगी से जूझने लगा। हरजोत शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।
खिलौना पिस्टल दिखाकर की वारदात
हरजोत सिंह बीते सोमवार को अपनी सफेद रंग की स्विफ्ट कार (पीबी65 जी2137) से बैंक के पीछे बनी सड़क पर पहुंचा। उसने वहां गाड़ी खड़ी की और पैदल ही मास्क पहनकर बैंक में दाखिल हो गया और कैशियर को प्लास्टिक की पिस्टल दिखाकर धमकी दी और रुपयों से भरा बैग लूट लिया। बैंक से पुलिस चौकी मात्र दस कदम की दूरी पर है। इससे पुलिस को शक हुआ कि आसपास का ही कोई व्यक्ति है, जिसने लूट को अंजाम दिया है।
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वीरवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने दावा किया कि लॉकडाउन के दौरान हरजोत सिंह की नौकरी चली गई थी। वह एक दवा कंपनी में मार्केटिंग की नौकरी करता था। नशे का आदी होने के कारण उसे पैसे की तंगी हो गई। उसके बाद उसने बैंक लूटने की योजना बनाई। लूट के दौरान उसने प्लास्टिक की खिलौना पिस्टल इस्तेमाल किया था। हरजोत के घर से बैंक मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस वजह से उसे बैंक के सुरक्षा हालात और माहौल के बारे में सबकुछ पता था। पुलिस ने उसके पास से लूटी गई रकम बरामद कर ली है। रकम में 17 हजार रुपये कम है, जो उसने नशे पर खर्च कर दिए हैं। पुलिस ने उसे दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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हाथ कांप रहे थे, इसलिए लगा सुराग
लूट के बाद बैंक कर्मियों ने पुलिस को बताया कि वारदात के दौरान लुटेरे के हाथ कांप रहे थे। अकेले वारदात को अंजाम देने से पुलिस को शक हुआ कि आरोपी नशे का आदी हो सकता है। पुलिस ने आसपास के सभी नशेड़ियों की सूची बनाई। साथ ही लूट के बाद आसपास के चौक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकाली। उनमें से पुलिस को कई संदिग्ध गाड़ियां नजर आई। उन गाड़ियों के वर्तमान मालिकों के बारे में पुलिस ने छानबीन की। इसमें पता चला कि सफेद रंग की स्विफ्ट कार का मालिक नशे का आदी है और वह बैंक के करीब भी रहता है। शक के आधार पर जब पुलिस उसके घर पहुंची तो खाकी को देखकर उसके होश उड़ गए। सख्ती से पूछताछ में उसने लूट की वारदात कबूल ली।
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फिल्म देखकर की वारदात
जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। बैंक में लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले उसने फिल्म देखी थी। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि बी-फार्मेसी की पढ़ाई करने के बाद हरजोत एक निजी कंपनी में मार्केटिंग की जॉब कर रहा था लेकिन लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई। आरोपी प्रतिबंधित सिरप को नशे के लिए इस्तेमाल करता था, जिसका रोजाना का खर्चा 400 से 500 रुपये तक था। नौकरी जाने के बाद उसकी कमाई बंद हो गई और नशे के लिए सिरप खरीदने के लिए वह पैसों की तंगी से जूझने लगा। हरजोत शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।
खिलौना पिस्टल दिखाकर की वारदात
हरजोत सिंह बीते सोमवार को अपनी सफेद रंग की स्विफ्ट कार (पीबी65 जी2137) से बैंक के पीछे बनी सड़क पर पहुंचा। उसने वहां गाड़ी खड़ी की और पैदल ही मास्क पहनकर बैंक में दाखिल हो गया और कैशियर को प्लास्टिक की पिस्टल दिखाकर धमकी दी और रुपयों से भरा बैग लूट लिया। बैंक से पुलिस चौकी मात्र दस कदम की दूरी पर है। इससे पुलिस को शक हुआ कि आसपास का ही कोई व्यक्ति है, जिसने लूट को अंजाम दिया है।