SBI के मुख्य मैनेजर ने बैंक में लगाई फांसी
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रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में बुधवार रात मुख्य बैंक प्रबंधक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में रखवा दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रेलवे रोड स्थित शाखा में सुभाष अरोड़ा मुख्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। 54 साल के सुभाष अरोड़ा मूल रूप से खरखौदा के रहने वाले हैं, लेकिन काफी समय से सेक्टर-14 में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम लगभग 7 बजे बैंक के सभी कर्मचारी चले गए थे, जबकि सुभाष अरोड़ा बैंक ही बैठे थे।
लगभग पौने 8 बजे सुभाष की पत्नी रेणु ने फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। कई बार कॉल करने पर भी जब कॉल रिसीव नहीं की गई तो रेणु ने बैंक के अन्य कर्मचारी को फोन किया और स्वयं बैंक पहुंच गईं। बैंक के मुख्य द्वार पर लोहे के कैंची गेट लगे हैं। जिन पर अंदर से ताला लगा था। दूसरी चाबी से ताला खोला गया।
इसके बाद रेणु, बैंक कर्मचारी और एटीएम का गार्ड अंदर केबिन की तरफ गए, लेकिन सुभाष वहां नहीं मिले। इसके बाद सुभाष की तलाश करते हुए तीनों भूतल पर बने रिकार्ड रूम में पहुंचे। यहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। रिकार्ड रूम में पंखे के सहारे फंदे पर सुभाष का शव लटका था।
इसके बाद मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में ले लिया। मौके पर जांच के उपरांत शव को देर रात सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। इसी दौरान डीएसपी भारती डब्बास भी मौके पर पहुंची और जांच की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुभाष ने खुदकुशी ही की है।
सभी कर्मचारी 2 घंटे देर तक काम करते थे
बताया जा रहा है कि स्टेट बैंक की इस शाखा का समय वैसे तो अन्य शाखाओं की तरह 10 से 5 बजे का ही था, लेकिन यहां पर लगभग सभी कर्मचारी 2 घंटे देर तक काम करते थे। सुभाष की बीबी रेणु ने भी बताया कि रोजाना करीब 7 और 7.30 के बीच में ही सुभाष घर पहुंचते थे।
सात बजे हुई थी बात, कहा था थोड़ी देर लगेगी
रेणु ने बताया कि 7 बजे के करीब सुभाष से फोन पर बात हुई थी, तो पता चला था कि अन्य सभी कर्मचारी बैंक से निकल गए हैं। सुभाष ने कहा था कि उसे अभी थोड़ी देर लगेगी। इसके बाद उसने एक फोन और किया था, फिर लगभग पौने 8 बजे फोन किया था। इसके बाद लगातार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
कहीं ऑडिट का दबाव तो नहीं हो गया हावी
सुभाष ने फोन पर रेणु को बताया था कि बैंक में दो दिन बाद ऑडिट होनी है, इसी के चलते वह थोड़ा लेट आएगा। पुलिस इस पहलू से भी जांच में जुटी है कि कहीं ऑडिट के दबाव ने सुभाष को यह कदम उठाने के लिए मजबूर तो नहीं कर दिया। यह भी कयास हैं कि बैंक में कहीं गड़बड़ी नहीं हो। यह भी पता चला है कि सुभाष की लगभग ढाई माह पहले एक कस्टमर के साथ कहासुनी हो गई थी। इस पर पुलिस को शिकायत भी दी गई थी, हालांकि बाद में राजीनामा हो गया था।
भारती डब्बास, डीएसपी ने बताया कि फिलहाल जांच की जा रही है, लेकिन मामला आत्महत्या का ही है। हालांकि दूसरे एंगल से भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी जांच में काफी मदद करेगी।