फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Bank did not put pension in the account of retired Major General, Forum imposed penalty

रिटायर्ड मेजर जनरल के खाते में बैंक में नहीं डाली पेंशन, फोरम ने लगाया जुर्माना

Fri, 15 May 2020 02:36 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 15 May 2020 02:36 AM IST
विज्ञापन
Bank did not put pension in the account of retired Major General, Forum imposed penalty
चंडीगढ़। भारतीय सेना के रिटायर्ड मेजर जनरल के खाते में पेंशन की रकम जमा नहीं करना बैंक को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने बैंक पर 20 हजार का जुर्माना लगाया है। साथ ही 9 प्रतिशत ब्याज के साथ पेंशन की रकम को भी उपभोक्ता को देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

पंचकूला के अमरावती एनक्लेव निवासी मेजर जनरल एसके भारद्वाज (रिटायर्ड) ने उपभोक्ता फोरम में सेक्टर-32डी स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा, महाराष्ट्र के नागपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर और बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर-कम-चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के खिलाफ शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में रिटायर्ड मेजर जनरल ने बताया कि 39 साल की सर्विस के बाद वह 31 अक्टूबर 2011 को भारतीय सेना से रिटायर हुए थे। बताया कि सर्विस के दौरान वह विकलांगता से जूझ रहे थे, इसलिए 10 अप्रैल 2017 को उनके लिए विकलांगता पेंशन को मंजूरी दी गई। विकलांगता पेंशन को मंजूरी मिलने के बाद बैंक की तरफ से उन्हें राशि का वितरण किया जाना था, लेकिन सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर के आदेशों के बाद भी बैंक ऑफ इंडिया ने उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं डाली। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें डीए के साथ करीब 30 हजार प्रति महीने की पेंशन मिलनी थी, लेकिन उन्हें यह राशि नहीं दी गई। इस बारे में कई बार उन्होंने बैंक से बातचीत की लेकिन उन्हें कम ही पेंशन का भुगतान किया गया। इसलिए शिकायतकर्ता ने विकलांगता पेंशन की बकाया राशि को जारी करने के लिए उपभोक्ता फोरम में याचिका दायर की। बैंक ने अपने पक्ष में कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती है। हालांकि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फोरम ने बैंक को सेवा में कोताही का दोषी ठहराया। फोरम ने बैंक को 25 सितंबर 2017 के बाद से 31930 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए। साथ ही शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और प्रताड़ना झेलने के लिए 15 हजार रुपये मुआवजा के रूप में भी देने के आदेश दिए। इसके अलावा मुकदमे के खर्च के रूप में भी बैंक को 5 हजार रुपये देने होंगे। फोरम की तरफ से जारी किए गए इन आदेशों की पालना 30 दिनों के अंदर करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed