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Chandigarh News: परिवहन विभाग में सेवानिवृत्ति पर महंगे तोहफे लेने पर रोक, जांच के घेरे में 60 अधिकारी
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अगर किसी ने तोहफा लिया तो भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत होगा केस दर्ज
परिवहन विभाग के प्रधान सचिव ने जारी किए आदेश
चंडीगढ़। परिवहन विभाग में सेवानिवृत्ति पर महंगे तोहफे लेने पर हरियाणा सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। सरकार ने तुरंत प्रभाव से उपहार लेने पर रोक लगा दी है। अगर कोई अधिकारी व कर्मचारी तोहफा लेता है तो इसे अपराध माना जाएगा और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति के सेवानिवृत्ति लाभ भी रोक लिए जाएंगे। इतना ही नहीं इसके बावजूद कोई ऐसा करता है तो इसके लिए संबंधित डिपो के महाप्रबंधक जिम्मेदार होंगे। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप विर्क ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले सेवानिवृत्ति पर महंगे तोहफे लेने पर 60 अधिकारी जांच के घेरे में हैं।
गौर हो कि विभाग में सेवानिवृत्ति पर अधिकारियों को गाड़ियों से लेकर अन्य महंगे तोहफे देने का प्रचलन है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को पैसे एकत्रित करने होते हैं और इसके बाद उसी से तोहफे खरीदे जाते हैं। विभाग में लंबे समय से यह परंपरा जारी है। लेकिन इस पर अब सरकार की टेढ़ी नजर हो गई है। विभाग उनकी भी जांच करा रहा है। प्रधान सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि यदि किसी डिपो में कर्मचारी या अधिकारी को सेवानिवृत्ति पर गिफ्ट दिया जाता है तो इसके लिए महाप्रबंधक जिम्मेदार होंगे। महाप्रबंधकों को उपहार दिए जाने से जुड़े सभी मामलों की रिपोर्ट परिवहन निदेशक और मुख्य सतर्कता अधिकारी को देनी होगी।
जांच के घेरे में 60 अधिकारी और कर्मचारी
एक जनवरी 2022 के बाद रिटायर हुए 60 अधिकारी और कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। इन पर महंगे उपहार लेने के आरोप लगे हैं। परिवहन निदेशक ने पिछले साल एक जनवरी से विगत 31 अगस्त तक रिटायर हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूचना मांगी है। साथ ही उन्हें उपहार देने के सबूत भी मांगे हैं ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। 31 अगस्त को रिटायर होने वाले एक अन्य महाप्रबंधक को गाड़ी देने के लिए रोडवेज कर्मचारी धनराशि जुटा रहे थे तो इसकी जानकारी रोडवेज निदेशालय तक पहुंच गई। इसके बाद संबंधित महाप्रबंधक को स्थानांतरित कर उसे मुख्यालय अटैच कर दिया गया।
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परिवहन विभाग के प्रधान सचिव ने जारी किए आदेश
चंडीगढ़। परिवहन विभाग में सेवानिवृत्ति पर महंगे तोहफे लेने पर हरियाणा सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। सरकार ने तुरंत प्रभाव से उपहार लेने पर रोक लगा दी है। अगर कोई अधिकारी व कर्मचारी तोहफा लेता है तो इसे अपराध माना जाएगा और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति के सेवानिवृत्ति लाभ भी रोक लिए जाएंगे। इतना ही नहीं इसके बावजूद कोई ऐसा करता है तो इसके लिए संबंधित डिपो के महाप्रबंधक जिम्मेदार होंगे। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप विर्क ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले सेवानिवृत्ति पर महंगे तोहफे लेने पर 60 अधिकारी जांच के घेरे में हैं।
गौर हो कि विभाग में सेवानिवृत्ति पर अधिकारियों को गाड़ियों से लेकर अन्य महंगे तोहफे देने का प्रचलन है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को पैसे एकत्रित करने होते हैं और इसके बाद उसी से तोहफे खरीदे जाते हैं। विभाग में लंबे समय से यह परंपरा जारी है। लेकिन इस पर अब सरकार की टेढ़ी नजर हो गई है। विभाग उनकी भी जांच करा रहा है। प्रधान सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि यदि किसी डिपो में कर्मचारी या अधिकारी को सेवानिवृत्ति पर गिफ्ट दिया जाता है तो इसके लिए महाप्रबंधक जिम्मेदार होंगे। महाप्रबंधकों को उपहार दिए जाने से जुड़े सभी मामलों की रिपोर्ट परिवहन निदेशक और मुख्य सतर्कता अधिकारी को देनी होगी।
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जांच के घेरे में 60 अधिकारी और कर्मचारी
एक जनवरी 2022 के बाद रिटायर हुए 60 अधिकारी और कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। इन पर महंगे उपहार लेने के आरोप लगे हैं। परिवहन निदेशक ने पिछले साल एक जनवरी से विगत 31 अगस्त तक रिटायर हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूचना मांगी है। साथ ही उन्हें उपहार देने के सबूत भी मांगे हैं ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। 31 अगस्त को रिटायर होने वाले एक अन्य महाप्रबंधक को गाड़ी देने के लिए रोडवेज कर्मचारी धनराशि जुटा रहे थे तो इसकी जानकारी रोडवेज निदेशालय तक पहुंच गई। इसके बाद संबंधित महाप्रबंधक को स्थानांतरित कर उसे मुख्यालय अटैच कर दिया गया।
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