पंजाब की जेलों में कैदियों से मुलाकात पर रोक, रिश्तेदार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कर सकेंगे बात
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पंजाब की जेलों में कैदियों से मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। कैदियों के रिश्तेदार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही बातचीत कर सकेंगे। साथ ही कैदियों की अदालतों में पेशी को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये करने के कदम उठाए गए हैं। जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कोविड -19 के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर शनिवार को राज्य की जेलों के स्टाफ और कैदियों के सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करने के लिए उच्च स्तरीय मीटिंग की।
चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी निवास पर जेल विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद विवरण जारी करते हुए जेल मंत्री ने बताया कि कैदियों की मुलाकात बंद करने का फैसला किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कैदियों की अपने रिश्तेदारों से ई-मुलाकात का प्रबंध किया गया है। सभी पेशियां अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये की जाएंगी।
जेल मंत्री ने बताया कि बैरकों में कैदियों का आपस में मिलना बंद कर दिया है। खेल आदि जैसी शारीरिक गतिविधियां अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई हैं। उन्होंने आगे बताया कि बैरकों समेत जेलों में इस बीमारी के लक्षण, बचाव और परहेज के तरीकों संबंधी तैयार किये जागरूकता पोस्टर चिपका दिए गए हैं। कैदियों को इस बीमारी बारे जागरूक किया जा रहा है। जेल स्टाफ और मेडिकल अफसरों को रोकथाम, पहचान और इलाज संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। समूह जेल क्षेत्र को कीटाणूमुक्त किया जा रहा है और साफ सफाई के प्रबंध किये जा रहे हैं।
कैदियों को पैरोल और अंतरिम जमानत पर विचार
रंधावा ने बताया कि कैदियों की संख्या घटाने के लिए उन्हें पैरोल पर भेजने की कोशिशें की जा रही हैं। पैरोल के पेंडिंग केस जल्द निपटाने के लिए डिप्टी कमीश्नरों से अपील की जा रही है। हवालाती कैदियों को जमानत पर छोड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों के पास मामला उठाया जा रहा है। कैदियों को पैरोल देने के अलावा कैदियों को एक या दो महीनों की अंतरिम जमानत देने के लिए हाईकोर्ट के पास मामला उठाया जायेगा।
कम भीड़ वाली जेलों में शिफ्ट किए जाएंगे कैदी
जेल मंत्री ने कहा कि पंजाब में जेलों में अधिक भीड़ नहीं है, लेकिन अमृतसर, फिरोजपुर, संगरूर, पटियाला, होशियारपुर और मानसा की कुछ जेलों में थोड़ी भीड़ है। बाकी जेलों में और कैदी रखने की क्षमता है, इसीलिए भीड़ वाली जेलों में से दूसरी जेलों में कैदी भेजने की योजना बनाई है।
बाहर से लौट रहे कैदियों की हो रही स्क्रीनिंग
सभी जेलों की तरफ से अपने तौर पर कैदियों और स्टाफ के लिए मास्क बनाए जा रहे हैं। जेलों में सैनिटाइजर का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा जेलों में आने वाले नये कैदियों, अदालतों में सुनवाई से लौटे कैदियों और पैरोल से लौटे कैदियों के मुख्य गेट पर स्क्रीनिंग की जा रही है और उनको तीन से सात दिन के लिए अकेला रखा जा रहा है।