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Chandigarh News: ई सिगरेट पर प्रतिबंध फिर भी ऑनलाइन धड़ल्ले से हो रही बिक्री, केंद्र, हरियाणा, पंजाब व अन्य को नोटिस

Sun, 19 May 2024 05:45 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2024 05:45 AM IST
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Ban on e-cigarettes yet online sales are rampant, notice to Centre, Haryana, Punjab and others
चंडीगढ़। पंजाब, हरियाणा और खासतौर पर ट्राइसिटी में किशोरों के बीच बढ़ते ई-सिगरेट के चलन और धूम्रपान को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, स्विगी, ब्लिंक इट, फेसबुक व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।15 साल के तेजस्विन राज ने एडवोकेट हिमांशु राज के माध्यम से जनहित याचिका दाखिल करते हुए बताया कि सोशल मीडिया में सिगरेट व ई-सिगरेट के विज्ञापन के कारण लगातार किशोरों में धूम्रपान का चलन बढ़ता जा रहा है। ई कॉमर्स वेबसाइट पर बिना ग्राहक की उम्र का लिहाज किए (औपचारिकता के साथ) किशोरों को सिगरेट की सप्लाई की जा रही है।
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याची ने खुद ब्लिंकइट से सिगरेट का पैकेट ऑर्डर किया, जिसे सेक्टर 10 के सरकारी स्कूल के पास डिलीवरी बॉय ने उपलब्ध करवा दिया। ऐसा करते हुए याची की उम्र के बारे में भी नहीं पूछा गया। याची ने बताया कि किशाेरों को आमतौर पर ही सिगरेट और ई सिगरेट पीते हुए देखा जा सकता है। ट्राइसिटी और एनसीआर में इसका चलन बहुत तेजी से बढ़ा है। याची ने अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि रोजाना विश्व में 5500 युवा धूम्रपान शुरू करते हैं। भारत में 10 से 14 वर्ष की उम्र के करीब 6.5 लाख बच्चे रोजाना धूम्रपान करते हैं।
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याची ने बताया कि ई-कॉमर्स वेबसाइट पर बिना वैधानिक चेतावनी के सिगरेट व तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं। ई सिगरेट पर 2019 में प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन आज भी यह आसानी से ई कॉमर्स वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाती हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धूम्रपान का प्रचार हो रहा है और इसकी कोई निगरानी नहीं है। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी कमेटी गठित की जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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