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बलटाना : अधर में लटका टाइल्स लगाने का काम, लोग बेहाल
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जीरकपुर। बलटाना के मुख्य बाजार वाली गली इन दिनों स्थानीय निवासियों और दुकानदारों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। नगर परिषद की ओर से टाइल्स लगाने का काम करीब डेढ़ माह से कछुआ गति से चल रहा है। इससे न केवल व्यापार ठप है, बल्कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। हालात इस कदर बदतर हैं कि पूरे रास्ते को खोदकर लावारिस छोड़ दिया गया है। इससे रोजाना दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण है। यह सीधे पंचकूला के सेक्टर-19 को जोड़ती है। दिनभर में यहां से हजारों वाहन गुजरते हैं। नगर परिषद ने डेढ़ महीना पहले पूरी सड़क उखाड़ दी थी, लेकिन उसे पूरा करना भूल गई। जगह-जगह सीवरेज के ढक्कन टूटे हैं। उनमें चार पहिया वाहन फंस रहे हैं। सबसे अधिक चिंता स्कूली बच्चों को लेकर है। संकरी और उबड़-खाबड़ वाली गली से जब बसें गुजरती हैं, तो हादसे का डर बना रहता है।
घटिया निर्माण का आरोप
स्थानीय लोगों का गुस्सा केवल देरी को लेकर नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता को लेकर भी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाकर कहा कि पुरानी सड़क अच्छी स्थिति में थी, लेकिन चुनाव को देखते हुए फिजूलखर्ची की जा रही है। नई लगाई जा रही टाइल्स की गुणवत्ता पुरानी टाइल्स के मुकाबले बेहद खराब है। टाइल्स लगाते समय पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। यहां तक कि पुराने गटर के ढक्कनों को भी टाइल्स के नीचे दबा दिया गया है। इससे मानसून में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
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ये रहे मौजूद
मौके पर विरोध जताने वालों में राम भज गर्ग, ईश्वर, असाक्ष बंसल, चंदी राम, नवीन जिंदल, पुनीत, मणि शर्मा, नेहा शर्मा और सीता राम मुख्य रूप से शामिल रहे। इन सभी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो वे नगर परिषद के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
टाइल्स लगाने के बाद गटर के ढक्कनों को खोला जाएगा। पहले भी 80 एमएम की टाइल्स लगी हुई थीं। अब भी 80 एमएम की टाइल्स लगाई जा रही हैं। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। -अमनदीप जेईई, नगर परिषद जीरकपुर
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स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण है। यह सीधे पंचकूला के सेक्टर-19 को जोड़ती है। दिनभर में यहां से हजारों वाहन गुजरते हैं। नगर परिषद ने डेढ़ महीना पहले पूरी सड़क उखाड़ दी थी, लेकिन उसे पूरा करना भूल गई। जगह-जगह सीवरेज के ढक्कन टूटे हैं। उनमें चार पहिया वाहन फंस रहे हैं। सबसे अधिक चिंता स्कूली बच्चों को लेकर है। संकरी और उबड़-खाबड़ वाली गली से जब बसें गुजरती हैं, तो हादसे का डर बना रहता है।
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घटिया निर्माण का आरोप
स्थानीय लोगों का गुस्सा केवल देरी को लेकर नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता को लेकर भी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाकर कहा कि पुरानी सड़क अच्छी स्थिति में थी, लेकिन चुनाव को देखते हुए फिजूलखर्ची की जा रही है। नई लगाई जा रही टाइल्स की गुणवत्ता पुरानी टाइल्स के मुकाबले बेहद खराब है। टाइल्स लगाते समय पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। यहां तक कि पुराने गटर के ढक्कनों को भी टाइल्स के नीचे दबा दिया गया है। इससे मानसून में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
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ये रहे मौजूद
मौके पर विरोध जताने वालों में राम भज गर्ग, ईश्वर, असाक्ष बंसल, चंदी राम, नवीन जिंदल, पुनीत, मणि शर्मा, नेहा शर्मा और सीता राम मुख्य रूप से शामिल रहे। इन सभी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो वे नगर परिषद के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
टाइल्स लगाने के बाद गटर के ढक्कनों को खोला जाएगा। पहले भी 80 एमएम की टाइल्स लगी हुई थीं। अब भी 80 एमएम की टाइल्स लगाई जा रही हैं। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। -अमनदीप जेईई, नगर परिषद जीरकपुर