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बैलेंस शीट का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, यूटी प्रशासन व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Tue, 31 Aug 2021 02:38 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 02:38 AM IST
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Balance sheet matter: Supreme Court issues notice to Centre, UT administration and other respondents and seeks response
चंडीगढ़। निजी स्कूलों की बैलेंस शीट वेबसाइट पर अपलोड करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन की याचिका पर केंद्र सरकार, यूटी प्रशासन व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बता दें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 28 मई को निजी स्कूलों को झटका देते हुए प्रशासन के स्कूलों को बैंलेस शीट अपलोड करने के फैसले पर मुहर लगा दी थी। शिक्षा विभाग ने तीन महीने बाद 23 अगस्त को निजी स्कूलों को दो महीने के अंदर स्कूल वेबसाइट पर बैलेंस शीट अपलोड करने का फैसला देते हुए पत्र जारी किया। इस पर इंडिपेंडेट स्कूल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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इस मामले में हाईकोर्ट में जहां चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने फैसले को सही बताया था, वहीं केंद्र सरकार ने भी चंडीगढ़ प्रशासन का समर्थन किया था। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन का बचाव करते हुए कहा था कि केंद्र के पास यह अधिकार है कि वह किसी भी एक्ट में संशोधन और बदलाव के साथ उसे लागू कर सकता है। ऐसे में निजी स्कूलों की दलील थी कि पंजाब के एक्ट में बदलाव कर इसे चंडीगढ़ में लागू कर दिया गया जो पूरी तरह से गलत है। जब निजी स्कूल छात्रों के अभिभावकों से ली गई फीस पर ही चलते हैं तो अभिभावकों को यह अधिकार है कि वह स्कूल की बैलेंस शीट देख सकें। वहीं प्रशासन ने कहा था कि चंडीगढ़ प्रशासन के नियम के तहत निजी स्कूलों को 8 प्रतिशत से अधिक की फीस बढ़ोतरी का अधिकार नही है। साथ ही स्कूलों को निर्देश दिए गए थे कि वह अपने वार्षिक खर्च और आय की बैलेंस शीट अपलोड करेंगे। दो वर्षों तक किसी भी निजी स्कूल ने इस एक्ट को चुनौती नहीं दी। अब दो वर्षों बाद निजी स्कूल इसे चुनौती दे रहे हैं जो सही नहीं है जबकि शहर के 40 के करीब निजी स्कूल अपनी बैलेंस शीट अपलोड कर चुके हैं।
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यह था मामला
चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडिड एजुकेशनल इंस्टीट्यूट एक्ट में संशोधन कर 24 अप्रैल को आदेश जारी किया था कि सभी निजी स्कूलों को अपनी आय-व्यय का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसके खिलाफ याचिका दाखिल करते हुए इंडिपेंडेंट स्कूल्ज एसोसिएशन सहित शहर के 3 निजी स्कूलों ने प्रशासन के इस फैसले को खारिज करने की अपील की थी। याची ने कहा था कि बैलेंस शीट अपलोड न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का प्रशासन ने फैसला लिया है । ऐसे में उन्हें डर है कि प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है जबकि उन्होंने पहले ही अकाउंट स्टेटमेंट प्रशासन के पास जमा करवा दी है।
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