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4 दिन की बच्ची को कंबल में लपेट सड़क पर फेंका, इस हालत में मिली

Sat, 19 Nov 2016 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा) Updated Sat, 19 Nov 2016 09:10 AM IST
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baby girl thrown on road in blanket, panipat people found it and handover it to police
पानीपत में सड़क पर फेंकी गई नवजात बच्ची
नवजन्मी बच्चियों को लेकर लोगों का खून किस कदर सफेद हो चुका है, इसकी बानगी पानीपत में एसडी कॉलेज के पास देखने को मिली। गुरुवार शाम को अज्ञात लोग कंबल में लपेटकर नवजात बच्ची को सड़क किनारे फेंक गए। बच्ची का जन्म करीब चार दिन पहले निजी अस्पताल में हुआ है।
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बच्ची के हाथ पर अस्पताल में लगने वाला टैग मिला है। उस पर बच्ची का नाम सलमा बेगम और उसके पिता का नाम खुशमोहम्मद लिखा हुआ है। पुलिस ने बच्ची को सिविल अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती करवाया है। बच्ची एकदम स्वस्थ है। उसके एक हाथ और दोनों पैर टेड़े हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि यह एक बीमारी है, इसका इलाज संभव है। पुलिस ने हाथ पर लगे टैग को जब्त कर लिया है। उसके आधार पर अस्पताल और नवजात बच्ची के माता-पिता की तलाश की जा रही है। लोगों का मानना है कि हाथ-पैर टेढ़े होने के कारण बच्ची को फेंका गया होगा।
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सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस

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पानीपत में सड़क पर फेंकी गई नवजात बच्ची
थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि नवजात बच्ची गर्म कपड़े पहने हुई थी। उसको कोई गुरुवार शाम को कंबल में लपेटकर एसडी कॉलेज के पास छोड़ गया। रोने की आवाज सुनकर लोगों ने कंबल देखा तो उसमें बच्ची थी।

बच्ची के मिलने पर मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। नवजात बच्ची के पास दूध की बोतल भी मिली है। पुलिस एसडी कॉलेज के आसपास लगे सीटीवीटी कैमरे खंगाल रही है। शिशु वार्ड में भर्ती बच्ची को मशीन में रखा गया है।

पानीपत में 1000 लड़कों पर 912 लड़कियां
सरकारी आकड़ों के अनुसार जिले में 1000 लड़कों पर मात्र 912 लड़कियां हैं। जोकि हरियाणा में 20वें नंबर पर है। इन्हीं आकड़ों के आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत से बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ की शुरुआत की थी।

लेकिन अभियान का जमीनी स्तर पर असर देखने को नहीं मिला है। शहर के अनाथालय की स्थिति ये है कि वहां 80 प्रतिशत लड़कियां हैं। इसका सीधा मतलब ये ही है कि बेटियों के माता-पिता नहीं हैं।
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