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मां-बाप को नहीं पता, भगत सिंह को आदर्श मानने वाला सुलतान कब जुड़ा बब्बर खालसा से
Tue, 02 Apr 2019 04:16 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 02 Apr 2019 04:16 PM IST
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सुलतान सिंह
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह को आदर्श मानने वाला सुलतान सिंह आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से कब, कैसे और क्यों जुड़ा? इस बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं हैं। उनका कहना है कि वह लापता था, तीन दिन से वे उसे तलाश रहे थे। चाचा हरमीत सिंह के मुताबिक, सुलतान गुरुघर का सेवक था, वो आतंकी संगठन से कैसे जुड़ गया, इस बारे में घर के किसी शख्स को कुछ भी नहीं पता।
शुक्रवार को सुलतान लंगर सेवा में जुटा था। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचा। शाम को करीब चार बजे उसकी मां ने खेतों में काम के वास्ते बुलाने के लिए उसके मोबाइल पर कॉल की। सुलतान ने कुछ देर बाद आने की बात कहकर फोन काट दिया। जब सुल्तान रात को भी घर नहीं पहुंचा तो उसकी मां ने दोबारा कॉल की लेकिन इस बार फोन बंद मिला। फिर मोहाली में उसके पकड़े जाने की खबर मिली और यह सुनते ही उनके पांव तले से जमीन खिसक गई।
पुलिस ने उन्हें सुलतान से मिलने नहीं दिया और बताया कि उसे को आतंकी संगठन के चार सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया है। परिजनों को रविवार सुबह शाहाबाद बस अड्डे पर सुलतान की मोटरसाइकिल लावारिस हालत में मिली। सुलतान ने बाइक की नंबर प्लेट पर भगत सिंह का स्टीकर लगाया हुआ है।
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शुक्रवार को सुलतान लंगर सेवा में जुटा था। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचा। शाम को करीब चार बजे उसकी मां ने खेतों में काम के वास्ते बुलाने के लिए उसके मोबाइल पर कॉल की। सुलतान ने कुछ देर बाद आने की बात कहकर फोन काट दिया। जब सुल्तान रात को भी घर नहीं पहुंचा तो उसकी मां ने दोबारा कॉल की लेकिन इस बार फोन बंद मिला। फिर मोहाली में उसके पकड़े जाने की खबर मिली और यह सुनते ही उनके पांव तले से जमीन खिसक गई।
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पुलिस ने उन्हें सुलतान से मिलने नहीं दिया और बताया कि उसे को आतंकी संगठन के चार सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया है। परिजनों को रविवार सुबह शाहाबाद बस अड्डे पर सुलतान की मोटरसाइकिल लावारिस हालत में मिली। सुलतान ने बाइक की नंबर प्लेट पर भगत सिंह का स्टीकर लगाया हुआ है।
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बाइक लावारिस हालत में शाहबाद बस अड्डे पर मिली
संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी रमेश कुमार का कहना है कि पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने शनिवार रात को बब्बर खालसा इंटरनेशनल के पांच सदस्यों को मोहाली से गिरफ्तार किया था। सैदपुर निवासी सुलतान (28) पुत्र रघुबीर सिंह भी इनमें शामिल है। रघुवीर सिंह की कुरुक्षेत्र जिले के सैदपुर व यूपी के लखीमपुर जनपद में करीब 40 एकड़ पर कृषि योग्य भूमि है। इस पर खेती करके वह परिवार का गुजर बसर करते हैं।
रघबीर सिंह लखीमपुर (यूपी) में रह रहे हैं। उनकी वहां करीब 22 एकड़ जमीन है, जिस पर वे खेती करते हैं। सुलतान सिंह उनकी इकलौती संतान है। पंजाब पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की पहली सूचना उनके पिता को ही दी थी। सोमवार को सुल्तान सिंह के सैदपुर गांव स्थित घर पहुंचकर अमर उजाला संवाददाता ने उसके परिजनों से बातचीत की।
सुल्तान सिंह की दादी गुरमेज कौर, माता मनजीत कौर, बहन और चाचा हरमीत सिंह ने बताया कि उनका सुलतान तो अपने घर, खेती और गुरुघर की सेवा में ही रोजाना व्यस्त रहता था। सोमवार को भी उसने गांव में गुरुघर के बाहर गन्ने के रस की सेवा लगानी थी। वह इतने खतरनाक आतंकी संगठन से कैसे और कब जुड़ा। इस बारे में उन लोगों को कोई जानकारी नहीं है।
रघबीर सिंह लखीमपुर (यूपी) में रह रहे हैं। उनकी वहां करीब 22 एकड़ जमीन है, जिस पर वे खेती करते हैं। सुलतान सिंह उनकी इकलौती संतान है। पंजाब पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की पहली सूचना उनके पिता को ही दी थी। सोमवार को सुल्तान सिंह के सैदपुर गांव स्थित घर पहुंचकर अमर उजाला संवाददाता ने उसके परिजनों से बातचीत की।
सुल्तान सिंह की दादी गुरमेज कौर, माता मनजीत कौर, बहन और चाचा हरमीत सिंह ने बताया कि उनका सुलतान तो अपने घर, खेती और गुरुघर की सेवा में ही रोजाना व्यस्त रहता था। सोमवार को भी उसने गांव में गुरुघर के बाहर गन्ने के रस की सेवा लगानी थी। वह इतने खतरनाक आतंकी संगठन से कैसे और कब जुड़ा। इस बारे में उन लोगों को कोई जानकारी नहीं है।
लव मैरिज की थी, पर पत्नी मायके में रहती है
परिजनों ने बताया कि एक निजी स्कूल से सुल्तान ने बारहवीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद वो चंडीगढ़ के एक कॉल सेंटर में नौकरी करने के लिए चला गया। चार साल पहले उसने उसी कॉल सेंटर में काम करने वाली हिंदू युवती से लव मैरिज कर ली। दोनों का एक तीन वर्षीय पुत्र है। विवाह के कुछ समय बाद पति से अनबन के चलते सुलतान की पत्नी बच्चे के साथ चंडीगढ़ स्थित मायके में रहने लगी। सुलतान के ससुर सरकारी महकमे में मोहाली में कार्यरत है। परिजनों को जब पता चला कि सुल्तान को मोहाली पुलिस ने हिरासत में लिया है तो वो समझे कि शायद उसके ससुराल वालों ने पुलिस से कोई शिकायत की है।
सैदपुर डेरे में है कुत्तों का आतंक
बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े आंतकी सुल्तान सिंह का घर शाहाबाद के गांव सैदपुर के डेरे में है। गांव के लोग डेरे में कम ही जाते हैं। इसकी वजह डेरे के आसपास के खूंखार कुत्ते है। ग्रामीणों ने सुलतान के चाल चरित्र पर किसी भी प्रकार का शक या जानकारी में अनभिज्ञता जताई। हालांकि यह चेतावनी जरूर दी कि डेरे में जाए तो कुत्तों से संभल कर जाना।
सैदपुर डेरे में है कुत्तों का आतंक
बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े आंतकी सुल्तान सिंह का घर शाहाबाद के गांव सैदपुर के डेरे में है। गांव के लोग डेरे में कम ही जाते हैं। इसकी वजह डेरे के आसपास के खूंखार कुत्ते है। ग्रामीणों ने सुलतान के चाल चरित्र पर किसी भी प्रकार का शक या जानकारी में अनभिज्ञता जताई। हालांकि यह चेतावनी जरूर दी कि डेरे में जाए तो कुत्तों से संभल कर जाना।