{"_id":"61b1e77f71571507dd5faee7","slug":"baba-labh-singh-will-only-end-his-protest-after-meeting-with-rakesh-tikait","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़: अभी आंदोलन बंद नहीं करेंगे मटका चौक पर बैठे बाबा लाभ सिंह, बताई ये वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़: अभी आंदोलन बंद नहीं करेंगे मटका चौक पर बैठे बाबा लाभ सिंह, बताई ये वजह
Thu, 09 Dec 2021 04:54 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 09 Dec 2021 04:54 PM IST
सार
छह मार्च से मटका चौक पर प्रदर्शन कर रहे बाबा लाभ सिंह पूरा दिन यहां पर बैठे रहते हैं। 70 वर्षीय लाभ सिंह करनाल से हैं, लेकिन 20 साल से लांडरां में रहते हैं।
विज्ञापन
मटका चौक पर जश्न मनाते किसान समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को गुरुवार को स्थगित कर दिया गया। वहीं किसान आंदोलन के समर्थन में चंडीगढ़ के मटका चौक पर धरना दे रहे बाबा लाभ सिंह अभी अपना विरोध खत्म नहीं करेंगे। बाबा लाभ सिंह का कहना है कि दिल्ली से राकेश टिकैत आएंगे। वही मोर्चा खत्म करवाएंगे। बाबा लाभ सिंह मटका चौक पर किसानों के समर्थन में 6 मार्च से प्रदर्शन कर रहे हैं।
विज्ञापन
इससे पहले बाबा लाभ सिंह का सामान पुलिस की ओर से उठाने पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का गुस्सा फूट पड़ा था। फेसबुक पर लाइव आकर उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी थी कि जब्त किया गया सामान फौरन लौटाया जाए नहीं तो हमारे लिए मटका चौक दूर नहीं है। टिकैत के तेवर देख पुलिस मंगलवार दोपहर तीन बजे से पहले ही मटका चौक से उठाई कुर्सियां और स्टूल लौटा गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार रात मटका चौक पर लगे बाबा लाभ सिंह के टेंट से पुलिस ने पांच कुर्सियां, दो स्टूल के अलावा लाइटें और ग्रीन जाली उठा ली थी। इसकी जानकारी मिलते ही किसान समर्थकों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने थाना घेराव की योजना बनाई थी। इसके बाद राकेश टिकैत फेसबुक पर लाइव हुए और उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज का एक बड़ा मामला चंडीगढ़ का है। बाबा लाभ सिंह मटका चौक पर बैठे हैं। वहां का चौकी प्रभारी कभी टेंट, कभी कुर्सी और कभी कुछ और सामान उठाकर ले जाता है। यदि वहां से टेंट हटाने की कोशिश हुई तो आंदोलन तेज होगा। कहीं ऐसा न हो कि सब जगह का टेंट हट जाए और मटका चौक का टेंट चार दिन बाद हटे। इसे ऐतिहासिक न बनने दें।