{"_id":"574ecf0c4f1c1b7d2810ac51","slug":"baba-banda-singh-bahadur-shaheedi-diwas-baba-banda-singh-bahadur-sheedi-yatra-mohali","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्रिशताब्दी शहीदी यात्रा का चप्पड़ चिड़ी में होगा भव्य स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्रिशताब्दी शहीदी यात्रा का चप्पड़ चिड़ी में होगा भव्य स्वागत
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 02 Jun 2016 12:03 PM IST
विज्ञापन
बाबा बंदा सिंह बहादुर शहीदी दिवस
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत यात्रा जम्मू-कश्मीर से शुरू हो चुकी है। मोहाली के चप्पड़चिड़ी में इसका भव्य स्वागत किया जाएगा। त्रिशताब्दी यात्रा बाबा बंदा सिंह बहादुर के महान व्यक्तित्व के स्वर्णिम इतिहास देश के लोगों के सामने प्रस्तुत करेगी। पंजाब में जमींदारी प्रथा का खात्मा कर खालसा विधान की स्थापना करने वाले बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत को 9 जून 2016 को पूरे 300 साल होने जा रहे हैं।
उनकी शहादत के 300 पूरे होने पर 31 मई को ये यात्रा बाबा बंदा सिंह बहादुर की तपोस्थली जम्मू-कश्मीर के रियासी जिला राजौरी से रवाना हो चुकी है। ये यात्रा पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा के चुनिंदा शहरों से होते हुए दिल्ली के महरौली क्षेत्र में पहुंचेगी, जहां 300 साल पहले बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत हुई थी। वीरवार दो जून को त्रिशताब्दी यात्रा का भव्य स्वागत फतेहबुर्ज चप्पड़ चिड़ी में होगा। इस मौके पर यात्रा का स्वागत करने पंजाब के पर्यटन मंत्री सोहन सिंह ठंडल एवं कई उच्चाधिकारी पहुंचेंगे।
गौरतलब है कि चप्पड़ चिड़ी स्थित फतेह बुर्ज मुगल सेना पर बाबा बंदा सिंह बहादुर की विजय का प्रतीक स्मारक स्थल है। इसी जगह पर बाबा बंदा सिंह बहादुर ने सरहिंद के नवाब वजीर खान को पेड़ पर फांसी के फंदे में लटका कर मौत के घाट उतारा था। अमर उजाला से बातचीत में चप्पड़ चिड़ी फतेहबुर्ज के प्रबंधक तेजिंद्र सिंह ने बताया कि त्रिशताब्दी यात्रा वीरवार को दुपहर साढ़े तीन बजे फतेहबुर्ज स्मारक स्थल पर पहुंचेंगी। यहां ढोल डमाके के साथ भांगड़ा और लोक कलाकारों की टीमों की प्रस्तुति के साथ यात्रा का गरिमापूर्ण ढंग से स्वागत किया जायेगा।
विज्ञापन
बाबा बंदा बहादुर के दशम वंशज के नेतृत्व में यात्रा का संचालन
यात्रा के संयोजक बलविंद्र खुराना नें बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर के दशम वंशज जितेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में 31 दुपहर को रियासी राजौरी से रवाना हुई यह यात्र रात को कठुआ में विश्राम के लिए रुकी थी और आज पठानकोट से होते रात को जालंधर में रुकेगी। वीरवार को यात्रा का स्वागत और दुपहर का भोजन फतेहगढ़ साहिब में होगा,जिसके बाद ये यात्रा साढ़े तीन बजे मोहाली चप्पड़ चिड़ी में फतेहबुर्ज पर पहुंचेगी।
यात्रा का रोड़ मैप, 3 को सीएम करेंगे स्वागत
चप्पड़ चिड़ी से यात्रा सोहाना के गुरुद्वारा सिंग शहीदां सोहाना से चंडीगढ़ के वाईपी चौंक पर पहुंचेगी,जहां पांच बजे चंडीगढ़ के एडवायजर,मेयर,भाजपा के नेता व अन्य कई अधिकारी स्वागत करेंगे। यहां से ये यात्रा सेक्टर-34,20,26,कलाग्राम,हाऊसिंग बोर्ड एंट्री,तवा चौक,पंचकूला में अन्य कई जगह से होते हुए नाड़ा साहेब गुरुद्वारा पहुंचेगी।
पंचकूला में हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर यात्रा का स्वागत करेंगे। नाडा साहेब से यात्रा रायपुर रानी,सढौरा, भगवान पुर लोहगढ़ (बाबा बंदाबहादुर की राजधानी) में 3 जून को पहुंचेगी,जहां हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर यात्रा का स्वागत करेंगे। यमुनानगर,कुरुक्षेत्र,कैथल,करनाल होते हुए ये यात्रा 9 जून को दिल्ली महरौली पहुंचेगी।
विज्ञापन
उनकी शहादत के 300 पूरे होने पर 31 मई को ये यात्रा बाबा बंदा सिंह बहादुर की तपोस्थली जम्मू-कश्मीर के रियासी जिला राजौरी से रवाना हो चुकी है। ये यात्रा पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा के चुनिंदा शहरों से होते हुए दिल्ली के महरौली क्षेत्र में पहुंचेगी, जहां 300 साल पहले बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत हुई थी। वीरवार दो जून को त्रिशताब्दी यात्रा का भव्य स्वागत फतेहबुर्ज चप्पड़ चिड़ी में होगा। इस मौके पर यात्रा का स्वागत करने पंजाब के पर्यटन मंत्री सोहन सिंह ठंडल एवं कई उच्चाधिकारी पहुंचेंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि चप्पड़ चिड़ी स्थित फतेह बुर्ज मुगल सेना पर बाबा बंदा सिंह बहादुर की विजय का प्रतीक स्मारक स्थल है। इसी जगह पर बाबा बंदा सिंह बहादुर ने सरहिंद के नवाब वजीर खान को पेड़ पर फांसी के फंदे में लटका कर मौत के घाट उतारा था। अमर उजाला से बातचीत में चप्पड़ चिड़ी फतेहबुर्ज के प्रबंधक तेजिंद्र सिंह ने बताया कि त्रिशताब्दी यात्रा वीरवार को दुपहर साढ़े तीन बजे फतेहबुर्ज स्मारक स्थल पर पहुंचेंगी। यहां ढोल डमाके के साथ भांगड़ा और लोक कलाकारों की टीमों की प्रस्तुति के साथ यात्रा का गरिमापूर्ण ढंग से स्वागत किया जायेगा।
विज्ञापन
बाबा बंदा बहादुर के दशम वंशज के नेतृत्व में यात्रा का संचालन
यात्रा के संयोजक बलविंद्र खुराना नें बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर के दशम वंशज जितेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में 31 दुपहर को रियासी राजौरी से रवाना हुई यह यात्र रात को कठुआ में विश्राम के लिए रुकी थी और आज पठानकोट से होते रात को जालंधर में रुकेगी। वीरवार को यात्रा का स्वागत और दुपहर का भोजन फतेहगढ़ साहिब में होगा,जिसके बाद ये यात्रा साढ़े तीन बजे मोहाली चप्पड़ चिड़ी में फतेहबुर्ज पर पहुंचेगी।
यात्रा का रोड़ मैप, 3 को सीएम करेंगे स्वागत
चप्पड़ चिड़ी से यात्रा सोहाना के गुरुद्वारा सिंग शहीदां सोहाना से चंडीगढ़ के वाईपी चौंक पर पहुंचेगी,जहां पांच बजे चंडीगढ़ के एडवायजर,मेयर,भाजपा के नेता व अन्य कई अधिकारी स्वागत करेंगे। यहां से ये यात्रा सेक्टर-34,20,26,कलाग्राम,हाऊसिंग बोर्ड एंट्री,तवा चौक,पंचकूला में अन्य कई जगह से होते हुए नाड़ा साहेब गुरुद्वारा पहुंचेगी।
पंचकूला में हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर यात्रा का स्वागत करेंगे। नाडा साहेब से यात्रा रायपुर रानी,सढौरा, भगवान पुर लोहगढ़ (बाबा बंदाबहादुर की राजधानी) में 3 जून को पहुंचेगी,जहां हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर यात्रा का स्वागत करेंगे। यमुनानगर,कुरुक्षेत्र,कैथल,करनाल होते हुए ये यात्रा 9 जून को दिल्ली महरौली पहुंचेगी।