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'बेटियां बचाओ, बेटियों से ही है कल'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 26 Mar 2014 01:43 PM IST
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बाल भवन ऑडिटोरियम सेक्टर-23 में ‘बेटी है कल’ के संदेश पर स्नेहालय, गवर्नमेंट मॉडल गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-18 और सरकारी स्कूल सेक्टर-46 के बच्चों ने अभिनय और नृत्य के जरिए दिया। यह कार्यक्रम यूटी चाइल्ड प्रोजेक्शन सोसाइटी विभाग के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई। इसके बाद गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-18 की छात्राओं ने ‘बेटी है कल’ नामक नाटक पेश किया, जिसमें कन्या भ्रूण हत्या के बारे में दिखाया गया।
कहानी के अंत में दिखाया गया कि गांव में 20 साल बाद किसी लड़के की शादी नहीं होती है, क्योंकि उस गांव में लड़की का जन्म ही नहीं होने दिया जाता था।
इसके बाद मंच पर स्नेहालय के बच्चों ने रक्त चरित्र.. गीत पर डांस पेश किया, जिसमें बेटी को गर्भ में मारने पर एक मां के दर्द को बयां किया गया।
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कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई। इसके बाद गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-18 की छात्राओं ने ‘बेटी है कल’ नामक नाटक पेश किया, जिसमें कन्या भ्रूण हत्या के बारे में दिखाया गया।
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कहानी के अंत में दिखाया गया कि गांव में 20 साल बाद किसी लड़के की शादी नहीं होती है, क्योंकि उस गांव में लड़की का जन्म ही नहीं होने दिया जाता था।
इसके बाद मंच पर स्नेहालय के बच्चों ने रक्त चरित्र.. गीत पर डांस पेश किया, जिसमें बेटी को गर्भ में मारने पर एक मां के दर्द को बयां किया गया।