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Hindi News ›   Chandigarh ›   Availability of Land major problem for PM housing scheme in Haryana

‘भूमिहीन’ हुई हरियाणा सरकार, सवा लाख लोगों के हिस्से में प्लॉट के लिए अब सिर्फ इंतजार

Fri, 07 Dec 2018 09:06 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 07 Dec 2018 09:06 AM IST
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Availability of Land major problem for PM housing scheme in Haryana
प्रधानमंत्री आवास योजना - फोटो : फाइल फोटो

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गांवों में भूमिहीन और बेघरों को 2022 तक छत मुहैया कराने का सरकार का लक्ष्य साकार होता नहीं दिख रहा। इस सपने को साकार करने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा भूमि बनी हुई है। प्रदेश सरकार ‘भूमिहीन’ हो चुकी है, उसके पास योजना को सिरे चढ़ाने के लिए सरकारी पंचायती भूमि उपलब्ध ही नहीं है। 

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भूमि अधिग्रहण की पेचीदगियों को देखते हुए सरकार इससे भी किनारा कर चुकी है। किसानों की जमीनों को अधिगृहीत नहीं किया जा रहा, जबकि सरकार ई-भूमि खरीद पोर्टल पर स्वेच्छा से भूमि देने को तैयार नहीं हैं। चूंकि, मोलभाव के बावजूद उन्हें जमीन के उपयुक्त दाम नहीं मिल रहे। जिससे हरियाणा में पीएम आवास योजना के तहत पात्र 1 लाख 25 हजार 400 परिवारों को मकान बनाने के लिए प्लॉट देना गले की फांस बन गया है। 
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सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेघरों और भूमिहीनों का सर्वे कराकर पांच लाख 15 हजार 885 लोगों को योजना के तहत पात्र पाया था। इनमें से 3 लाख 90 हजार 485 पात्रों को सरकार पंचायती भूमि पर प्लॉट आवंटित कर चुकी है। अब बाकि बचे पात्रों के हिस्से में प्लॉट के लिए सिर्फ इंतजार बचा है। चूंकि, किसान से जमीन मिल नहीं रही, सरकार भूमि अधिग्रहण करने को तैयार नहीं है और विकास एवं पंचायती राज विभाग के पास सरकार के ऊपर निर्भर रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में एक लाख 25 हजार पात्र बेघरों को अदद छत के लिए सब्र करना पड़ेगा।

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अधिग्रहण में कानूनी पेच, किसान मांग रहे मोटा पैसा

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प्रधानमंत्री आवास योजना - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा सहित देश में नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू है। केंद्र ने इसके तहत मुआवजा देने के लिए फैक्टर वन और टू लगाने का निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ा है। सरकार अगर इस कानून के तहत भूमि अधिग्रहीत करती है तो किसान फैक्टर टू के तहत मुआवजा देने की मांग को लेकर पहले तो आंदोलन करते हैं और सरकार के राजी न होने पर कोर्ट चले जाते हैं, जिससे सरकार को जमीन भी नहीं मिलती और कोर्ट केस का चक्कर अलग पड़ जाता है।

इसे देखते हुए सरकार ने भूमि अधिग्रहण से तौबा कर ली है। ई-भूमि खरीद पोर्टल पर जमीन देने का पंजीकरण वाले किसान भी मोलभाव के दौरान मोटी रकम मांग रहे हैं, जिससे सरकार को पर्याप्प्त भूमि नहीं मिल रही।

हाईकोर्ट में भी शपथ पत्र दे चुके मुख्य सचिव
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी मुख्य सचिव बीते 13 नवंबर को यह शपथ पत्र दे चुके हैं कि सरकार के पास एक लाख 25 हजार पात्रों को प्लॉट आवंटित करने के लिए भूमि नहीं है। कोर्ट ने प्लॉट आवंटन न होने पर सरकार से जवाब मांगा हुआ था।

सीएम की कमिटमेंट, पात्रों को हर हाल में देंगे प्लॉट : राजपाल
हरियाणा विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रधान सविच सुधीर राजपाल ने कहा कि पात्र लोगों को प्लॉट आवंटित करने के लिए सीएम मनोहर लाल प्रतिबद्ध हैं। उनकी कमिटमेंट है कि पात्रों को जहां से जैसे भी होगा भूमि का प्रबंध कर प्लॉट दिए जाएंगे। सरकार किसी को भी बेघर नहीं रहने देगी।

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