{"_id":"5f88adcb8ebc3e9bf228cb8e","slug":"auctions-not-stopped-chandigarh-s-heritage-sold-for-2-11-crores-in-london-chandigarh-news-pkl391123723","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नहीं रुकी हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी, लंदन में 2.11 करोड़ में बिकी विरासत, मामले की जांच जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं रुकी हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी, लंदन में 2.11 करोड़ में बिकी विरासत, मामले की जांच जारी
Fri, 16 Oct 2020 02:36 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2020 02:36 PM IST
विज्ञापन
नीलामी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमाम कोशिशों के बावजूद लंदन के बोनहम्स नीलामी घर में चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचरों की नीलामी को नहीं रोका जा सका। लंदन में भारतीय उच्चायोग और पुलिस की दखल के बावजूद चंडीगढ़ के 10 हेरिटेज फर्नीचरों को 2.11 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। इस नीलामी में चंडीगढ़ असेंबली के लिए ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किया गया कमेटी टेबल सबसे ऊंची बोली पर करीब 71.57 लाख रुपये में बिका।
14 अक्तूबर को हुई इस नीलामी को रोकने के लिए हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य और वकील अजय जग्गा ने काफी प्रयास किए। लंदन में भारतीय उच्चायोग ने भी काफी कोशिशें कीं सफलता हाथ नहीं लगी। हालांकि स्थानीय पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है। अजय जग्गा ने इस नीलामी की जानकारी विदेश मंत्री एस. जयशंकर, लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग, चंडीगढ़ प्रशासन समेत अन्य को दी थी।
उन्होंने कहा था कि यह गैरकानूनी है, क्योंकि शहर की विरासत को विदेश में ले जाकर बेचा जा रहा है। उन्होंने सभी से इस नीलामी पर रोक लगाने की मांग की थी। जग्गा की शिकायत पर भारतीय उच्चायोग के प्रथम सचिव (ट्रेड) राहुल नागरे तुरंत सक्रिय हुए और इस नीलामी से जुड़ी सभी जानकारियां मांगी। साथ ही जल्द कार्रवाई का भरोसा भी दिया। इसके बाद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने स्थानीय पुलिस को जांच का जिम्मा सौंपा।
विज्ञापन
जग्गा ने कहा, निलामी घर से मांगे जाएं फर्नीचर खरीदने के दस्तावेज
जग्गा ने बताया कि जब लंदन पुलिस ने नीलामी घर के अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने कि जो फर्नीचर नीलामी के लिए रखे गए हैं, वह वर्ष 2011 से पहले खरीदे गए थे। साथ ही इनकी तस्करी से साफ इनकार कर दिया। जग्गा की तरफ से कहा गया है कि पुलिस नीलामी घर से सभी फर्नीचरों की खरीदारी के दस्तावेज मांगे ताकि सच्चाई सामने आए।
जग्गा ने 9 जुलाई 2018 को तुगलकाबाद से ब्राजील भेजे जा रहे हेरिटेज फर्नीचर की तस्करी की भी जानकारी भारतीय उच्चायोग को दी थी। वहीं, प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी जग्गा को हर तरह की सहायता देने की बात कही है। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि हेरिटेज फर्नीचर विदेश तक कब और कैसे पहुंचा है। कौन लोग हैं, जो चंडीगढ़ के फर्नीचर को विदेश में ले जाकर करोड़ों में बेच रहे हैं।
विज्ञापन
14 अक्तूबर को हुई इस नीलामी को रोकने के लिए हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य और वकील अजय जग्गा ने काफी प्रयास किए। लंदन में भारतीय उच्चायोग ने भी काफी कोशिशें कीं सफलता हाथ नहीं लगी। हालांकि स्थानीय पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है। अजय जग्गा ने इस नीलामी की जानकारी विदेश मंत्री एस. जयशंकर, लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग, चंडीगढ़ प्रशासन समेत अन्य को दी थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा था कि यह गैरकानूनी है, क्योंकि शहर की विरासत को विदेश में ले जाकर बेचा जा रहा है। उन्होंने सभी से इस नीलामी पर रोक लगाने की मांग की थी। जग्गा की शिकायत पर भारतीय उच्चायोग के प्रथम सचिव (ट्रेड) राहुल नागरे तुरंत सक्रिय हुए और इस नीलामी से जुड़ी सभी जानकारियां मांगी। साथ ही जल्द कार्रवाई का भरोसा भी दिया। इसके बाद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने स्थानीय पुलिस को जांच का जिम्मा सौंपा।
विज्ञापन
जग्गा ने कहा, निलामी घर से मांगे जाएं फर्नीचर खरीदने के दस्तावेज
जग्गा ने बताया कि जब लंदन पुलिस ने नीलामी घर के अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने कि जो फर्नीचर नीलामी के लिए रखे गए हैं, वह वर्ष 2011 से पहले खरीदे गए थे। साथ ही इनकी तस्करी से साफ इनकार कर दिया। जग्गा की तरफ से कहा गया है कि पुलिस नीलामी घर से सभी फर्नीचरों की खरीदारी के दस्तावेज मांगे ताकि सच्चाई सामने आए।
जग्गा ने 9 जुलाई 2018 को तुगलकाबाद से ब्राजील भेजे जा रहे हेरिटेज फर्नीचर की तस्करी की भी जानकारी भारतीय उच्चायोग को दी थी। वहीं, प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी जग्गा को हर तरह की सहायता देने की बात कही है। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि हेरिटेज फर्नीचर विदेश तक कब और कैसे पहुंचा है। कौन लोग हैं, जो चंडीगढ़ के फर्नीचर को विदेश में ले जाकर करोड़ों में बेच रहे हैं।
फर्नीचर प्रस्तावित कीमत आखिरी बोली
- हाईकोर्ट चेयर्स 6.9 से 8.61 लाख 9 लाख
- लो चेयर्स (हाईकोर्ट और पीयू) 17.22 लाख 33.44 लाख
- कमेटी टेबल (असेंबली) 34.44 लाख 71.57 लाख
- आठ आर्म्स चेयर (यूटी सचिवालय) 12.92 से 17.22 लाख 28.66 लाख
- वकील और प्रेस आर्म्स चेयर (हाईकोर्ट) 12.92 से 17.22 लाख 19.13 लाख
- जूनियर ऑफिसर के लिए राइटिंग टेबल 12.92 लाख 16.74 लाख
- पियरे जेनरे बेंच 6.9 से 10.35 लाख 7.21 लाख
- जेनरे पब्लिक बेंच (हाईकोर्ट) 7.21 लाख 9.59 लाख
- पियरे जेनरे इजी आर्म्स चेयर 3.44 से 5.17 लाख 11.38 लाख
- पियरे जेनरे फोल्डिंग स्क्रीन 3.44 से 5.17 लाख 4.58 लाख