चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी की चाह रखने वालों के लिए गुड न्यूज
नगर निगम आठ साल बाद अपनी प्रापर्टी बेचकर कमाई करने जा रहा है। नगर निगम इस साल मौलीजागरां में बनी 220 बूथों की मार्केट को बेचने की योजना बना रहा है। इनका ड्रा निकाला जाएगा। इसका प्रस्ताव इस माह होने वाली सदन की बैठक में चर्चा के लिए आ रहा है।
मेयर पूनम शर्मा की ओर से प्रस्ताव बैठक में शामिल करने के लिए भेज दिया गया है। इसमें कहा गया है कि यह बूथ मार्केट महिलाओं को ही अलॉट की जाए। ऐसे में ड्रा में सिर्फ शहर की महिलाएं ही आवेदन कर पाएंगी। इन दुकानों को बेचने से नगर निगम को 30 से 35 करोड़ रुपये की कमाई होगी।
प्रति बूथ का रिजर्व प्राइस 13 से 15 लाख रुपये तय करने का प्रस्ताव है। इससे नगर निगम की ग्रांट की कमी भी पूरी हो जाएगी। प्रशासन ने नगर निगम के आगामी प्लान बजट की ग्रांट 136 से कम करके 102 करोड़ कर दी है। ऐसे में 34 करोड़ की ग्रांट कम होने से नगर निगम में चल रहे और प्रस्तावित प्रोजेक्टों पर सकंट छा गया था।
प्रापर्टी को किराए पर देने का अनुभव ठीक नहीं
इससे पहले 117 करोड़ कमाए थे: इससे पहले नगर निगम ने मनीमाजरा में साल 2007 में उप्पल सोसाइटी को जमीन बेचकर 117 करोड़ रुपये की राशि कमाई थी। इसी साल यहां पर शोरूमों के लिए प्लॉट बेचे गए थे।
ड्रा से भी लाखों की कमाई: ड्रा निकालने से इसके लिए आवेदन फार्म भी बेचे जाएंगे। ऐसे में नगर निगम फार्म बेचकर भी लाखों रुपये कमा लेगा।
किराए का अनुभव ठीक नहीं: निगम का अपनी प्रापर्टी को किराए पर देने का अनुभव ठीक नहीं रहा है। कभी निगम को किराया नहीं मिला तो कभी किराए की राशि ज्यादा होने के कारण दुकानें नहीं चढ़ीं। निगम की अभी भी 100 से ज्यादा दुकानें शहर में अलग-अलग जगह ऐसी पड़ी हैं जिनको कोई लेने को तैयार नहीं। इससे निगम को हर माह लाखों का नुकसान हो रहा है। सेक्टर-17 के बस स्टैंड के नीचे सब-वे में बनीं अधिकतर दुकानें खाली पड़ी हुई हैं जिन्हें लेेने के लिए दुकानदार तैयार नहीं हैं।
पूनम शर्मा, मेयर ने बताया कि मौलीजागरां में 220 बूथों की जो मार्केट बनी है, उसका मालिकाना हक महिलाओं को देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके बाद चाहे दुकान में उनके पति काम करे या फिर उनके भाई, उन्हें कोई एतराज नहीं होगा। इस माह होने वाली सदन की बैठक में दुकानों को बेचने की पालिसी तैयार कर ली जाएगी।