चंडीगढ़। यूटी प्रशासन शहर के हेरिटेज फर्नीचरों की विदेशों में हो रही नीलामी को रोक नहीं पा रहा है। फ्रांस की टीम के दौरे का भी कुछ खास असर नहीं देखने को मिल रहा है, क्योंकि अभी भी शहर का फर्नीचर विदेशों में बिक रहा है। नई नीलामी अमेरिका के बोनहम्स शहर में हुई है। यहां पियरे जेनरे का डिजाइन किया गया एक मेज करीब 5.36 लाख में बिका है।चंडीगढ़ हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने राज्यसभा के महासचिव को शिकायत देकर नीलामी की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार के किसी प्रतिरोध के बिना विदेशों में धरोहर वस्तुओं की नियमित रूप से नीलामी की जा रही है। हैरानी की बात है कि नीलामी घर चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचरों की नीलामी में अब पहचान चिह्न भी घोषित कर रहे हैं। जैसे कि 14 मार्च को जिस मेज की नीलामी हुई, उस पर पीयूईसी लिखा हुआ है, जो इशारा करता है कि ये मेज पंजाब यूनिवर्सिटी इवनिंग कॉलेज का हो सकता है। ये नीलामी में करीब 5.36 लाख रुपये में बिका है। शिकायत में उन्होंने कहा है कि इन आइटम्स को देश से बाहर लाने के लिए जो दस्तावेज इस्तेमाल किए गए, उनकी जांच होनी चाहिए। जो भी फर्नीचर की तस्करी में शामिल है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। स्थानीय स्तर पर भी इसकी चोरी रोकने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हेरिटेज फर्नीचर की संभाल के लिए नियम बनाने की भी जरूरत है, क्योंकि पिछले कुछ साल में शहर के करोड़ों के हेरिटेज फर्नीचर की यूएसए, यूके, फ्रांस व जर्मनी समेत अन्य देशों में नीलाम हो चुके हैं।