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जाट नेता यशपाल मलिक पर लाठियों से हमला, खून बहा और भी कइयों के सिर फूटे
अमित रूखाया/अमर उजाला, फतेहाबाद(हरियाणा)
Updated Tue, 15 Aug 2017 01:16 AM IST
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जाट नेता यशपाल मलिक पर जानलेवा हमला
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जाट नेता यशपाल मलिक पर जानलेवा हमला किया गया है। रैली के दौरान जमकर ईंट पत्थर और लाठियां चलीं, जिसमें कइयों के सिर फूटे और खून बहा। हरियाणा के फतेहाबाद में टोहाना के गांव समैण में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर जानलेवा हमला हुआ है।
मलिक के सिर पर चोटें आई हैं और उनकी गाड़ी को भी हमलावरों ने बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। माना जा रहा है कि ये हमला मलिक के विरोधी समझे जाने वाले हवा सिंह सांगवान के करीबी सूबे सिंह समैण के समर्थकों ने किया है। टोहाना का गांव समैण सूबे सिंह का ही पैतृक गांव है जहां पर यशपाल मलिक जनसभा करने पहुंचे थे। घटना में कई लोगों को चोटें लगी हैं। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और गांव में तनाव फैल गया है।
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मलिक के सिर पर चोटें आई हैं और उनकी गाड़ी को भी हमलावरों ने बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। माना जा रहा है कि ये हमला मलिक के विरोधी समझे जाने वाले हवा सिंह सांगवान के करीबी सूबे सिंह समैण के समर्थकों ने किया है। टोहाना का गांव समैण सूबे सिंह का ही पैतृक गांव है जहां पर यशपाल मलिक जनसभा करने पहुंचे थे। घटना में कई लोगों को चोटें लगी हैं। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और गांव में तनाव फैल गया है।
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27 अगस्त की रैली के लिए आमंत्रित करने आए थे
जाट नेता यशपाल मलिक पर जानलेवा हमला
मिली जानकारी के अनुसार 27 अगस्त को झज्जर में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की रैली आयोजित की जानी है और यशपाल मलिक इसी रैली के लिए ग्रामीणों को आमंत्रित करने के लिए गांव समैण में पहुंचे थे। अभी उन्होंने बोलना शुरु ही किया था कि दूसरे गुट के लोगों ने पहले तो जनसभा में हंगामा शुरु किया और इसके बाद एक-दूसरे पर लाठियों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया।
इतना ही हंगामा करने वाले लोग मुख्य स्टेज पर ही चढ़ गए और स्टेज पर बैठे लोगों को नीचे खदेड़ दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सूबे सिंह समैण गुट ने कई दिन पहले ही यशपाल मलिक एवं सभा के आयोजकों को ये संदेश पहुंचाया था कि गांव समैण में यशपाल मलिक को ना आने दें अन्यथा अंजाम ठीक नहीं होगा।
यशपाल मलिक ने इस चेतावनी को हलके में लिया और पूर्व नियोजित कार्यक्रम के चलते गांव समैण पहुंच गए। जब तक यशपाल मलिक गांव में नहीं पहुंचे थे तब तक कार्यक्रम सही ढंग से चल रहा था। मलिक के गांव में पहुंचने की खबर मिलते ही दूसरा गुट सक्रिय हो गया और तकरीबन आधे घंटे के अंदर ही जनसभा का सारा नजारा ही बदल गया।
इतना ही हंगामा करने वाले लोग मुख्य स्टेज पर ही चढ़ गए और स्टेज पर बैठे लोगों को नीचे खदेड़ दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सूबे सिंह समैण गुट ने कई दिन पहले ही यशपाल मलिक एवं सभा के आयोजकों को ये संदेश पहुंचाया था कि गांव समैण में यशपाल मलिक को ना आने दें अन्यथा अंजाम ठीक नहीं होगा।
यशपाल मलिक ने इस चेतावनी को हलके में लिया और पूर्व नियोजित कार्यक्रम के चलते गांव समैण पहुंच गए। जब तक यशपाल मलिक गांव में नहीं पहुंचे थे तब तक कार्यक्रम सही ढंग से चल रहा था। मलिक के गांव में पहुंचने की खबर मिलते ही दूसरा गुट सक्रिय हो गया और तकरीबन आधे घंटे के अंदर ही जनसभा का सारा नजारा ही बदल गया।
कौन हैं सूबे सिंह समैण
जाट नेता यशपाल मलिक पर जानलेवा हमला
यशपाल मलिक के विरोधी गुट के मुखिया हवा सिंह सांगवान के सबसे करीबी एवं उनके प्रवक्ता हैं सूबे सिंह समैण। शुरु से ही यशपाल मलिक के धुर विरोधी रहे सूबे सिंह समैण आए दिन यशपाल मलिक पर आरोप लगाते रहे हैं। उनका सबसे बड़ा विरोध ही यही है कि उत्तरप्रदेश का जाट नेता हरियाणा के जाट नेताओं को आंदोलन की कमान क्यों नहीं देता।
इसके अलावा जाट समुदाय से इकट्ठे हुए चंदे को लेकर भी दोनों गुटों में लगातार विरोध चलता रहा है। जिसके चलते पिछले लंबे समय से सूबे सिंह समैण और मलिक गुट के बीच छत्तीस का आंकड़ा चलता रहा है।
इसके अलावा जाट समुदाय से इकट्ठे हुए चंदे को लेकर भी दोनों गुटों में लगातार विरोध चलता रहा है। जिसके चलते पिछले लंबे समय से सूबे सिंह समैण और मलिक गुट के बीच छत्तीस का आंकड़ा चलता रहा है।