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सीजेआई गवई पर हमला न्यायपालिका को डराने की साजिश : केजरीवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीजेआई पर जूता फेंकने के प्रयास ने देश को झकझोर कर रख दिया है। एक वकील ने कोर्ट रूम में उनका अपमान किया, उसके बाद अब सोशल मीडिया पर चीफ जस्टिस के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्रियां प्रचारित कर उन्हें धमकाया जा रहा है।
अभी तक ऐसा करने वालों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जारी बयान में केजरीवाल ने कहा कि इस घटना के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा कि यह एक सुनियोजित ढंग से किया गया षड्यंत्र है। इस घटनाक्रम के जरिये दो बड़े वर्गाें एक दलित समाज और दूसरा न्यायपालिका को कड़ा संदेश देते हुए उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश की गई है।
केजरीवाल ने कहा कि सीजेआई गवई एक दलित समाज से आते हैं और कुछ लोगों को यह सहन नहीं हो रहा है कि एक दलित समाज से जुड़ा शख्स न्यायपालिका की टॉप पोस्ट तक कैसे पहुंच गया। सवाल करते हुए उन्होंने क्या ये हरकतें दलित समाज को डराने व अपमानित करने की कोशिशें नहीं हैं। इसके बाद एक आम दलित किससे न्याय की आस करेगा। क्या इससे दलितों पर अत्याचार व उनसे नफरत करने वालों के हौसले बुलंद नहीं होंगे।
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इस घटनाक्रम से पूरे देश की न्यायपालिका को क्या संदेश गया है, जब सीजेआई पर हमला करने वालों पर कोई एक्शन नहीं हुआ तो दूसरे जजों को कौन बचाएगा। केजरीवाल ने कहा कि इस घटना के बाद कोई जज न्याय के हक में ऑर्डर करने से घबराएगा। उसे लगेगा कि इसी तरह उस पर भी हमला हो सकता है और आरोपियों का कुछ नहीं बिगड़ेगा। क्या है घटना पूरे देश की न्यायपालिका को डराने और काबू करने का षड्यंत्र तो नहीं है।
केजरीवाल ने मांग करते हुए कहा कि जूता फेंकने वाले और सोशल मीडिया पर सीजेआई को धमकियां देते हुए उनका अपमान करने वालों को ऐसी सख्त सजा दी जाए कि कोई दोबारा कोई न्यायपालिका के खिलाफ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
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चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीजेआई पर जूता फेंकने के प्रयास ने देश को झकझोर कर रख दिया है। एक वकील ने कोर्ट रूम में उनका अपमान किया, उसके बाद अब सोशल मीडिया पर चीफ जस्टिस के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्रियां प्रचारित कर उन्हें धमकाया जा रहा है।
अभी तक ऐसा करने वालों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जारी बयान में केजरीवाल ने कहा कि इस घटना के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा कि यह एक सुनियोजित ढंग से किया गया षड्यंत्र है। इस घटनाक्रम के जरिये दो बड़े वर्गाें एक दलित समाज और दूसरा न्यायपालिका को कड़ा संदेश देते हुए उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश की गई है।
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केजरीवाल ने कहा कि सीजेआई गवई एक दलित समाज से आते हैं और कुछ लोगों को यह सहन नहीं हो रहा है कि एक दलित समाज से जुड़ा शख्स न्यायपालिका की टॉप पोस्ट तक कैसे पहुंच गया। सवाल करते हुए उन्होंने क्या ये हरकतें दलित समाज को डराने व अपमानित करने की कोशिशें नहीं हैं। इसके बाद एक आम दलित किससे न्याय की आस करेगा। क्या इससे दलितों पर अत्याचार व उनसे नफरत करने वालों के हौसले बुलंद नहीं होंगे।
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इस घटनाक्रम से पूरे देश की न्यायपालिका को क्या संदेश गया है, जब सीजेआई पर हमला करने वालों पर कोई एक्शन नहीं हुआ तो दूसरे जजों को कौन बचाएगा। केजरीवाल ने कहा कि इस घटना के बाद कोई जज न्याय के हक में ऑर्डर करने से घबराएगा। उसे लगेगा कि इसी तरह उस पर भी हमला हो सकता है और आरोपियों का कुछ नहीं बिगड़ेगा। क्या है घटना पूरे देश की न्यायपालिका को डराने और काबू करने का षड्यंत्र तो नहीं है।
केजरीवाल ने मांग करते हुए कहा कि जूता फेंकने वाले और सोशल मीडिया पर सीजेआई को धमकियां देते हुए उनका अपमान करने वालों को ऐसी सख्त सजा दी जाए कि कोई दोबारा कोई न्यायपालिका के खिलाफ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।