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मेडल जीतकर तिरंगा ऊंचा करते रहे बजरंग पूनिया, इसलिए परिवार ने छोड़ा था गांव

Mon, 20 Aug 2018 08:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत Updated Mon, 20 Aug 2018 08:08 AM IST
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atmosphere of joy in Bajarang HOUSE after medal winning in asian games 2018
bajrang puniya - फोटो : pti

जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले बजरंग पूनिया के लगातार आगे बढ़ने में परिवार के लोगों का भी बड़ा हाथ है। क्योंकि बजरंग मेडल जीतकर तिरंगा ऊंचा करता रहे और उसकी प्रैक्टिस में कोई परेशानी नहीं आए, इसलिए परिवार वालों ने गांव भी छोड़ दिया। बजरंग पूनिया का साढ़े तीन साल पहले सोनीपत के साईं सेंटर में सलेक्शन हो गया और उसके झज्जर से यहां रोजाना आकर प्रैक्टिस करना नामुमकिन था तो यहां अकेले रहने पर भी प्रैक्टिस पर असर पड़ता था। बजरंग की प्रैक्टिस ठीक नहीं होने से उसका मेडल जीतना भी मुश्किल था। बस यह सोचकर ही पिता बलवान सिंह व भाई हरेंद्र ने गांव छोड़ने का फैसला कर लिया। गांव में 10 एकड़ जमीन भी ठेके पर दी हुई है और पूरा परिवार बजरंग के खानपान से लेकर हर सुविधा पर ध्यान रखता है। 

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बजरंग पूनिया का परिवार पिछले साढ़े तीन सालों से सोनीपत में सुजान सिंह पार्क के पास रहता है। उसके परिवार में पिता बलवान सिंह के अलावा भाई हरेंद्र, मां ओमप्यारी, भाभी मोनिका व भतीजा नमन है। उसकी तीन बड़ी बहन है, जिनकी शादी हो चुकी है। बजरंग के पिता बलवान सिंह की झज्जर में खेती है और वह पहले खेती करते थे, लेकिन बजरंग का साढ़े तीन साल पहले सोनीपत के साईं सेंटर में सलेक्शन हो गया था। 
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बजरंग ने चार-पांच महीने सोनीपत में अकेले रहकर प्रैक्टिस की, लेकिन उसके अकेले रहने का प्रैक्टिस पर असर पड़ता था और उसे अपने अन्य जरूरी कामों में समय देना पड़ता था। यह देखकर ही बजरंग के पिता व भाई ने फैसला किया कि वह भी परिवार के साथ सोनीपत में रहेंगे और वह झज्जर में अपना खुड्डन गांव छोड़कर यहां आ गए। पिता बलवान सिंह व भाई हरेंद्र दोनों ही बजरंग के खाने का ध्यान रखने लगे तो उसके वजन व अन्य जरूरी काम भी भाई करने लगा। इसका असर भी बजरंग के खेल पर दिखाई देने लगा, क्योंकि वह केवल प्रैक्टिस पर ध्यान देता है और यह भी बड़ा कारण है कि वह देश के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन करके मेडल जीत रहा है। 
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घर वादा करके गया था बजरंग, सोने का तमगा जीतकर लाऊंगा

atmosphere of joy in Bajarang HOUSE after medal winning in asian games 2018
BAJRANG PUNIA

बजरंग पूनिया के देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर परिवार के लोग काफी खुश है। परिवार वाले बेटे को गोल्ड जीतता हुआ देखना चाहते थे और इसलिए रविवार को शुरूआत से बेटे की कुश्ती देखनी शुरू कर दी। बजरंग ने जब फाइनल में पहुंचकर मेडल पक्का कर लिया तो परिवार वाले खुशी से उछल पड़े, लेकिन वह इंतजार करने लगे कि बेटा गोल्ड मेडल जरूर जीतेगा। बजरंग ने गोल्ड मेडल जीत लिया तो उसके घर में खुशी मनाई जाने लगी और वहां लोगों को खूब मिठाई बांटी गई। उसके पिता बलवान सिंह, भाई हरेंद्र, मां ओमप्यारी, भाभी मोनिका की खुशी का ठिकाना नहीं था और वह अब उसके लौटने पर स्वागत की तैयारी में जुटने की बात कह रहे हैं।

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