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चंडीगढ़ पुलिस की दादागिरी, प्रशासन की मंजूरी लिए बिना शहर में बना दिए 'अटल सहभागिता केंद्र'

Wed, 08 Jan 2020 02:20 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो रिशुराज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशुराज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 08 Jan 2020 02:20 PM IST
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Atal participation centers built in the city without the approval of the administration
अटल सहभागिता केंद्र - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, वही इन दिनों अवैध निर्माण कर चंडीगढ़ की सूरत को बिगाड़ रहे हैं। पुलिस ने जगह-जगह अटल सहभागिता केंद्र बना दिए हैं, लेकिन इनके लिए इस्टेट ऑफिस की तरफ से न जमीन आवंटित की गई है, न टाउन प्लानिंग विभाग की मंजूरी मिली है और न ही आर्किटेक्ट विभाग ने डिजाइन तैयार किया है। फिर भी पुलिस ने अपना दबदबा दिखा शहर में कई जगह सड़क किनारे ऐसे पक्के केंद्रों का निर्माण कर दिया है।
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चंडीगढ़ देश का पहला नियोजित शहर है। निर्माण से पहले प्रशासन के कई विभागों से इजाजत लेनी पड़ती है, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस विभाग ने सभी नियमों को नजरअंदाज कर अटल सहभागिता केंद्र बनाए हैं। पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि सभी केंद्र अस्थायी तौर पर बनाए गए हैं। हालांकि सेक्टर-10 के पेट्रोल पंप के पास बने अटल सहभागिता केंद्र की पड़ताल की गई तो सामने आया कि यह सीमेंट व ईंट से बना पक्का निर्माण है। जो दो कमरों के बराबर है।
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पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को भी टाइल्स लगाकर संरक्षित किया है। यूटी प्रशासन, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और इस्टेट ऑफिस का इंफोर्समेंट विंग शहर में एक फीट के अवैध निर्माण को भी रोजाना तोड़ रहा है। नया अवैध निर्माण करने वाले लोगों को लगातार नोटिस भेजा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी महकमा ही शहर में पब्लिक जमीन पर बिना किसी इजाजत के निर्माण कर रहे हैं और किसी विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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केंद्रीय योजना के तहत बनाए जाएंगे 54 अटल सहभागिता केंद्र

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 सितंबर, 2019 को अटल स्मार्ट पुलिस योजना और अटल सहभागिता केंद्रों के तहत चंडीगढ़ पुलिस के हाईटेक ई-बीट बुक सिस्टम को लांच किया था। इसके तहत चंडीगढ़ में 54 अटल सहभागिता केंद्र बनाए जाने हैं।

चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से पुराने कई बीट बाक्स को ठीक कर उन्हें अटल सहभागिता केंद्र बनाया गया है, जबकि कई स्थानों पर नए सिरे से इन केंद्रों का निर्माण किया गया है। पुलिस की तरफ से वर्तमान में धनास की पुनर्वास कालोनी में भी एक ऐसे ही अटल सहभागिता केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। सेक्टर-10 स्थित लेजर वैली और पीजीआई के पास पक्के केंद्रों का निर्माण किया गया है।

ये सभी केंद्र अस्थायी हैं : डीएसपी
चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क के मुताबिक पुलिस की तरफ से बनाए गए अटल सहभागिता केंद्र स्थायी नहीं हैं। ये सभी अस्थायी हैं। सभी विभागों को जानकारी दी गई थी। सभी केंद्रों का निर्माण जरूरत के अनुसार किया गया है।

यह नियमों का उल्लंघन : आर्किटेक्ट विभाग
चंडीगढ़ प्रशासन के आर्किटेक्ट विभाग का कहना है कि चंडीगढ़ पुलिस ने किसी तरह की कोई इजाजत नहीं ली है। न ही विभाग की तरफ से कोई डिजाइन जारी किया गया है। अगर पुलिस ने शहर की जमीन पर बिना इजाजत कोई निर्माण किया है तो यह नियमों का उल्लंघन है।

जांच कर करेंगे कार्रवाई : इस्टेट ऑफिस
चंडीगढ़ प्रशासन के इस्टेट ऑफिस के अधिकारियों के अनुसार उनकी तरफ से चंडीगढ़ पुलिस को अटल सहभागिता केंद्र के लिए कोई जमीन आवंटित नहीं की गई है। अगर कोई अवैध निर्माण किया गया है तो इसकी जांच की जाएगी और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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