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Hindi News ›   Chandigarh ›   Ask Centre to press for UK PM’s apology on Jallianwala Bagh massacre, Sidhu writes to Capt

नवजोत सिद्धू ने कहा-जलियांवाला बाग नरसंहार पर माफी मांगे ब्रिटिश सरकार, केंद्र को भी घेरा

Wed, 10 Apr 2019 08:59 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 10 Apr 2019 08:59 PM IST
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Ask Centre to press for UK PM’s apology on Jallianwala Bagh massacre, Sidhu writes to Capt
नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो)

नवजोत सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर को पत्र लिखकर मांग की है कि जलियांवाला बाग नरसंहार पर ब्रिटिश सरकार ने अभी तक माफी नहीं मांगी है। एक शताब्दी का समय बीत गया है। ब्रिटिश सरकार ने माफी मांगने पर पहले ही बड़ी देरी कर दी है।

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इस बर्बर नरसंहार के लिए ब्रिटिश प्रधानमंत्री माफी मांगें, इसके लिए आप ब्रिटिश सरकार को पत्र लिखें। ब्रिटिश सरकार की ओर से जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए माफी मांगने पर दोनों देशों के लोगों के बीच एक मजबूत संदेश जाएगा।
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सिद्धू ने जलियांवाला बाग शताब्दी समारोह पर केंद्र सरकार की असहयोग नीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारत सरकार की संस्थागत अज्ञानता और अक्षम्य चुप्पी उनके दिमाग को परेशान करती है।
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जलियांवाला बाग और शहीद ऊधम सिंह जैसे शहीदों का बलिदान 130 भारतीयों के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहा है। जब पूरी दुनिया की नजर जलियांवाला बाग शताब्दी पर है, लेकिन केंद्र सरकार इस महान क्षण को इतिहास बनाने में विफल रही है।

‘क्रॉलिंग गली’ का नाम बदल कर ‘शहीदां-दी-गली’ रखा जाए 

सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की कि जलियांवाला वाला बाग से दो किलोमीटर दूर स्तिथ ‘क्रॉलिंग गली’ का नाम बदल कर ‘फ्रीडम स्ट्रीट’ या ‘शहीदां-दी-गली’ रखा जाए। जरनल डायर ने 150 मीटर लंबी इस गली को आजादी के दीवानों को रेंगकर पार करने की सजा सुनाई थी। एक शताब्दी बीतने के बावजूद गली का नाम नहीं बदला गया है। 

यह गली उत्पीड़न का ऐतिहासिक अनुस्मारक है, जिसमें औपनिवेशिक शासकों ने भारतीयों को क्रॉल किया था। पंजाब सरकार के बार-बार प्रयासों के बाद भी केंद्र सरकार गहरी नींद से नहीं जागी है।

इस स्थान को इसका उचित महत्व नहीं दिया गया है। शहीद स्थली का विकास करने के लिए एक विस्तृत परियोजना तैयार की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी को इसके लिए एक प्रस्ताव भेज कर 100 करोड़ की मांग की गई थी। प्रधानमंत्री ने उस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया।

पंजाब सरकार शुरू करेगी लाइट एंड साउंड कार्यक्रम 

सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सहयोग न मिलने के बावजूद पंजाब सरकार ने जाने-माने गीतकार गुलजार द्वारा वॉइस-ओवर के साथ देश की आजादी के साथ जुड़े शहीदी स्थल का देश की आजादी में महत्व के बारे में जानकारी दी है। नरसंहार की भयावहता को दोहराते हुए एक प्रकाश और ध्वनि कार्यक्रम की योजना बनाई है। 

दुर्भाग्यपूर्ण है कि पांच वर्षों में महान प्रेरणा के इस स्थान के लिए केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया। पंजाब हैरिटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड की ओर नियोजित किसी भी परियोजना को लागू करने के हमारे बार-बार अनुरोध के बाद अनुमति केंद्र सरकार ने नहीं दी।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह के एक बैठक में भाग लिया था। राजनाथ सिंह और पंजाब सरकार की ओर से नियोजित विकास परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।

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