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HC की फटकार के बाद अशोक खेमका बैकफुट पर, मांगी माफी, जानिए क्या है मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 May 2018 10:48 AM IST
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आईएएस अशोक खेमका
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद हरियाणा खेल विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका बैकफुट पर आ गए और माफी मांग ली। बुधवार को हाईकोर्ट में खुद हाजिर होकर माफी मांगी। इसके साथ ही पिछली सुनवाई के दौरान सौंपे गए हलफनामे को भी खेमका ने वापस ले लिया और अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। हरियाणा सरकार भी बुधवार को जवाब दाखिल नहीं कर पाई, जिस पर हाईकोर्ट ने दोनों को जवाब दाखिल करने का समय देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
जगमिंदर सिंह को भारतीय महिला हैंडबॉल टीम के चीफ कोच के तौर पर ज्वाइन करने से रोकने के आदेशों पर हाईकोर्ट की रोक हटाने के लिए अशोक खेमका ने हलफनामा दाखिल करते हुए न केवल अपना बल्कि सरकार का पक्ष भी रखा था। इसके बाद हाईकोर्ट ने उनकी जमकर खिंचाई की थी। कोर्ट ने कहा था कि एक सरकारी अधिकारी से इस प्रकार के कार्य की अपेक्षा नहीं रखी जाती। कोर्ट ने मुख्य सचिव से भी खेमका के जवाब को लेकर सफाई मांगी थी।
बुधवार को जब मामला सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा तो खेमका खुद कोर्ट में मौजूद रहे। उन्होंने कोर्ट से मांफी मांगते हुए पिछली सुनवाई पर सौंपे गए हलफनामे को वापिस लेने की अपील की। इस दौरान हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि मामले से जुड़ा पूरा रिकार्ड चीफ सेक्रेट्री को पहुंचा दिया गया है और ऐसे में वे भी खेमका के हलफनामे को वापस लेना चाहते हैं। दोनों की अपील व खेमका की मांफी के चलते हाईकोर्ट ने हलफनामा वापस लेने की अनुमति दे दी। साथ ही खेमका व सरकार को अगली सुनवाई पर अपना-अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं।
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यह है मामला
जगमिंदर सिंह ने एडवोकेट आर कार्तिकेय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि हाल ही में हैंडबॉल फैडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें भारतीय महिला हैंडबॉल टीम का चीफ कोच डेजिग्नेट किया था। याची ने कहा था कि 31 मार्च से साउथ एशियन वुमन हैंडबॉल चैपिंयनशिप होने जा रही है और इसके बाद अगस्त में एशियन गेम्स होने हैं। भारत को रिप्रजेंट करने वाली टीम में पांच खिलाड़ी हैं जिनमें से चार को उन्होंने खुद ट्रेंड किया है जो हरियाणा से हैं।
याची ने मार्च में हरियाणा सरकार से कहा कि उसे कोचिंग कैंप में हिस्सा लेने दिया जाए। साथ ही लैटर भी दिखाया गया जिसमें साफ था कि पूरा खर्चा फेडरेशन वहन करेगी। प्रिंसिपल सेक्रेट्री ने इसे नामंजूर करते हुए उन्हें अनफिट करार दे दिया। साथ ही उन्हें रिलीव करने केआदेश जारी कर दिए। याची ने कहा एक ओर उसे देश की सेवा के लिए बुलाया जा रहा है और दूसरी ओर उसे हरियाणा सरकार हतोत्साहित कर रही है।
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जगमिंदर सिंह को भारतीय महिला हैंडबॉल टीम के चीफ कोच के तौर पर ज्वाइन करने से रोकने के आदेशों पर हाईकोर्ट की रोक हटाने के लिए अशोक खेमका ने हलफनामा दाखिल करते हुए न केवल अपना बल्कि सरकार का पक्ष भी रखा था। इसके बाद हाईकोर्ट ने उनकी जमकर खिंचाई की थी। कोर्ट ने कहा था कि एक सरकारी अधिकारी से इस प्रकार के कार्य की अपेक्षा नहीं रखी जाती। कोर्ट ने मुख्य सचिव से भी खेमका के जवाब को लेकर सफाई मांगी थी।
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बुधवार को जब मामला सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा तो खेमका खुद कोर्ट में मौजूद रहे। उन्होंने कोर्ट से मांफी मांगते हुए पिछली सुनवाई पर सौंपे गए हलफनामे को वापिस लेने की अपील की। इस दौरान हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि मामले से जुड़ा पूरा रिकार्ड चीफ सेक्रेट्री को पहुंचा दिया गया है और ऐसे में वे भी खेमका के हलफनामे को वापस लेना चाहते हैं। दोनों की अपील व खेमका की मांफी के चलते हाईकोर्ट ने हलफनामा वापस लेने की अनुमति दे दी। साथ ही खेमका व सरकार को अगली सुनवाई पर अपना-अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं।
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यह है मामला
जगमिंदर सिंह ने एडवोकेट आर कार्तिकेय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि हाल ही में हैंडबॉल फैडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें भारतीय महिला हैंडबॉल टीम का चीफ कोच डेजिग्नेट किया था। याची ने कहा था कि 31 मार्च से साउथ एशियन वुमन हैंडबॉल चैपिंयनशिप होने जा रही है और इसके बाद अगस्त में एशियन गेम्स होने हैं। भारत को रिप्रजेंट करने वाली टीम में पांच खिलाड़ी हैं जिनमें से चार को उन्होंने खुद ट्रेंड किया है जो हरियाणा से हैं।
याची ने मार्च में हरियाणा सरकार से कहा कि उसे कोचिंग कैंप में हिस्सा लेने दिया जाए। साथ ही लैटर भी दिखाया गया जिसमें साफ था कि पूरा खर्चा फेडरेशन वहन करेगी। प्रिंसिपल सेक्रेट्री ने इसे नामंजूर करते हुए उन्हें अनफिट करार दे दिया। साथ ही उन्हें रिलीव करने केआदेश जारी कर दिए। याची ने कहा एक ओर उसे देश की सेवा के लिए बुलाया जा रहा है और दूसरी ओर उसे हरियाणा सरकार हतोत्साहित कर रही है।